क्या आप जानते हैं श्री बुग्गा रामलिंगेश्वर मंदिर के बारे में?

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क्या आप जानते हैं श्री बुग्गा रामलिंगेश्वर मंदिर के बारे में?

सारांश

श्री बुग्गा रामलिंगेश्वर मंदिर, तेलंगाना में स्थित है, जहाँ 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का पुण्य मिलता है। यहाँ का जल औषधीय गुणों से भरपूर है और भक्तों को कई अन्य मंदिरों के दर्शन करने का भी अवसर मिलता है। जानें इस अद्भुत मंदिर की विशेषताएँ।

Key Takeaways

  • श्री बुग्गा रामलिंगेश्वर मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों का विशेष स्थान है।
  • यहाँ का जल औषधीय गुणों से भरपूर है।
  • मंदिर परिसर में अन्य कई मंदिरों का भी दर्शन किया जा सकता है।
  • भगवान राम द्वारा स्थापित इस मंदिर की एक महान पौराणिक कथा है।
  • यह स्थान भक्तों को मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है।

नई दिल्ली, 8 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भगवान शिव के भक्तों की यह ख्वाहिश होती है कि वे देशभर में स्थापित 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करें, लेकिन यह हर किसी के लिए संभव नहीं हो पाता।

तेलंगाना में एक प्राचीन मंदिर है, जहाँ सिर्फ दर्शन करने से ही भक्तों को 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन का पुण्य मिल जाता है। इस मंदिर के दर्शन से पहले और बाद में भक्तों को कई अन्य मंदिरों के दर्शन करने पड़ते हैं, तभी भगवान शिव के अवतार में विराजमान भगवान बुग्गा के दर्शन पूर्ण होते हैं।

श्री बुग्गा राम लिंगेश्वर मंदिर कामारेड्डी जिले के मद्दिकुंटा गांव में स्थित है। यह मंदिर पहाड़ी पर है और यहाँ पहुँचने के लिए भक्तों को कठिन यात्रा करनी पड़ती है। यह मंदिर मद्दिकुंटा गांव से 2.5 किमी दूर है।

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान राम ने इस मंदिर की स्थापना की थी। जब वह रावण के वध के बाद अयोध्या लौट रहे थे, तब उन्हें सैकट लिंगम (भगवान शिव के स्वरूप) की पूजा करनी थी। जलाभिषेक के लिए पानी की अनुपलब्धता के कारण भगवान राम ने झरने का निर्माण किया था। आज भी इसी जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाता है। इसी कारण इसे श्री बुग्गा राम लिंगेश्वर मंदिर कहा जाता है।

मंदिर में प्रवेश करते ही भक्तों को बारह ज्योतिर्लिंग दिखाई देंगे, जिन पर निरंतर जल प्रवाहित होता रहता है। माना जाता है कि जो भी इन ज्योतिर्लिंगों का दर्शन करता है, उसे 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन का पुण्य प्राप्त होता है। गर्भगृह में एक शिवलिंग स्थापित है, जहाँ भगवान शिव माता पार्वती के साथ विराजमान हैं।

यह माना जाता है कि यहाँ का जल औषधीय गुणों से भरपूर है और इससे कई रोगों से छुटकारा मिलता है। मंदिर में दर्शन करने से पहले इसन्नापल्ली क्षेत्र में स्थित कालभैरव स्वामी का दर्शन करना आवश्यक होता है। मंदिर परिसर में विभिन्न मंदिर हैं, जहाँ भक्तों को नवग्रह के अलग-अलग मंदिर, भगवान हनुमान का मंदिर, भगवान गणेश और संतान नाग मंदिर देखने को मिलेंगे। मान्यता है कि इस मंदिर में दर्शन करने के बाद उत्तम गुणी संतान की प्राप्ति होती है।

श्री बुग्गा राम लिंगेश्वर मंदिर एक विशाल क्षेत्र में बना हुआ है और यहाँ धर्मशाला, गोशाला, आश्रम और वीरभद्र बगीचा भी है। मंदिर से थोड़ी दूरी पर मंगला गौरी देवी हैं। मंगला गौरी को शृंगार चढ़ाने से अखंड सौभाग्यवती का वरदान मिलता है।

Point of View

बल्कि यहाँ की पौराणिक कथा और धार्मिक महत्व इसे और भी खास बनाते हैं। इस मंदिर में दर्शन करने से भक्तों को मानसिक और आध्यात्मिक शांति मिलती है।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

श्री बुग्गा रामलिंगेश्वर मंदिर का स्थान क्या है?
यह मंदिर तेलंगाना राज्य के कामारेड्डी जिले के मद्दिकुंटा गांव में स्थित है।
क्या मंदिर में 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन संभव हैं?
हाँ, इस मंदिर में एक साथ 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का पुण्य प्राप्त होता है।
क्या जल का विशेष महत्व है?
जी हाँ, यहाँ का जल औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है और इससे कई रोगों से छुटकारा मिलता है।
क्या मंदिर परिसर में अन्य मंदिर भी हैं?
हाँ, मंदिर परिसर में नवग्रह, भगवान हनुमान, भगवान गणेश और संतान नाग के अलग-अलग मंदिर हैं।
मंदिर में जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
आप किसी भी समय जा सकते हैं, लेकिन विशेष पर्वों और त्यौहारों पर यहाँ ज्यादा भक्त होते हैं।
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