13 अक्टूबर 2026
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स्टिंग वीडियो विवाद: सिद्दारमैया ने बेंगलुरु कोर्ट में याचिका दायर की, कहा — 'मैं पूरी तरह बेगुनाह हूं'

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स्टिंग वीडियो विवाद: सिद्दारमैया ने बेंगलुरु कोर्ट में याचिका दायर की, कहा — 'मैं पूरी तरह बेगुनाह हूं'

सारांश

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने स्टिंग वीडियो को 'राजनीतिक साजिश' बताते हुए बेंगलुरु कोर्ट में प्रकाशन रोकने की याचिका दायर की और पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई। पाँच दशक के राजनीतिक करियर का हवाला देते हुए उन्होंने कहा — 'आखिरकार सच की ही जीत होगी।'

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने 13 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु की अदालत में याचिका दायर की।
याचिका में अखबारों, टीवी चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कथित स्टिंग वीडियो प्रकाशित या प्रसारित करने से रोकने की माँग।
सिद्दारमैया ने इसे राजनीतिक कारणों से छवि बिगाड़ने की कोशिश बताया; कहा — 'मैं पूरी तरह बेगुनाह हूं।' बेंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर के पास निष्पक्ष जाँच की माँग को लेकर अलग से शिकायत भी दर्ज।
उन्होंने मीडिया और जनता से अपील की कि वे इस वीडियो को प्रसारित न करें।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु की एक अदालत में याचिका दायर कर अखबारों, टीवी चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को एक कथित स्टिंग ऑपरेशन वीडियो — जिसमें उनका नाम एक विवाद से जोड़ा जा रहा है — को प्रकाशित या प्रसारित करने से रोकने के लिए न्यायिक आदेश माँगा है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को अपनी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुँचाने की सुनियोजित कोशिश करार दिया।

मामले की पृष्ठभूमि

सिद्दारमैया के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर एक अभियान चलाया जा रहा है जिसमें उनके नाम को एक स्टिंग वीडियो से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने इसे राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित बताया और कहा कि कुछ शरारती तत्व इस वीडियो का उपयोग उनके विरुद्ध भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए कर रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में राजनीतिक माहौल पहले से तनावपूर्ण है और सिद्दारमैया पूर्व में विभिन्न विवादों को लेकर विपक्षी दलों के निशाने पर रहे हैं। गौरतलब है कि टेक्नोलॉजी के इस दौर में डीपफेक और भ्रामक वीडियो का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल देशभर में एक उभरती हुई चिंता बनती जा रही है।

सिद्दारमैया का पक्ष

एक आधिकारिक बयान में सिद्दारमैया ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'मेरा जमीर जानता है कि मैं पूरी तरह बेगुनाह हूं।' उन्होंने भरोसा जताया कि कर्नाटक की जनता, जो उनके पाँच दशक लंबे राजनीतिक करियर से परिचित है, सच्चाई को समझेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने एहतियात के तौर पर अदालत का दरवाजा खटखटाया है और उन्हें किसी अन्य कारण से डरने की ज़रूरत नहीं है। उनके अनुसार तकनीक के इस युग में झूठ को सच की तरह पेश करना सरल हो गया है, इसीलिए समय रहते न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक था।

मीडिया स्वतंत्रता पर उनका रुख

सिद्दारमैया ने यह भी रेखांकित किया कि वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दृढ़ समर्थक हैं और अपने पूरे राजनीतिक जीवन में उन्होंने कभी मीडिया की स्वतंत्रता में बाधा नहीं डाली। हालाँकि, उन्होंने अफसोस जताया कि कुछ मीडिया संगठनों द्वारा इस स्वतंत्रता के कथित दुरुपयोग के चलते उन्हें कोर्ट से प्रकाशन व प्रसारण पर रोक की माँग करने के लिए विवश होना पड़ा।

पुलिस में शिकायत दर्ज

अदालती याचिका के अतिरिक्त, सिद्दारमैया ने बेंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर के कार्यालय में भी इस स्टिंग वीडियो की निष्पक्ष जाँच की माँग को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जाँच से सच्चाई अपने आप सामने आ जाएगी।

जनता और मीडिया से अपील

सिद्दारमैया ने मीडिया और आम जनता दोनों से आग्रह किया कि वे उस सामग्री को बेवजह प्रसारित न करें जिसे उन्होंने 'झूठी खबर' करार दिया है। उन्होंने सभी से सत्य का साथ देने की अपील की। आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई और पुलिस जाँच की दिशा से यह तय होगा कि यह विवाद कर्नाटक की राजनीति में किस रूप में आगे बढ़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे इरादा कितना भी नेक क्यों न हो। यह पहला मौका नहीं है जब कर्नाटक में किसी वरिष्ठ नेता के इर्द-गिर्द इस तरह का डिजिटल विवाद खड़ा हुआ हो — डीपफेक और एडिटेड वीडियो का राजनीतिक इस्तेमाल राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है जिसके लिए कानूनी ढाँचा अभी भी अधूरा है। असली परीक्षा पुलिस जाँच की विश्वसनीयता और अदालत के आदेश की पारदर्शिता में है।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिद्दारमैया ने बेंगलुरु कोर्ट में किस बात की याचिका दायर की है?
सिद्दारमैया ने अदालत से यह आदेश माँगा है कि अखबार, टीवी चैनल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म उस कथित स्टिंग ऑपरेशन वीडियो को प्रकाशित या प्रसारित न करें जिसमें उनका नाम एक विवाद से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रेरणा से उनकी छवि बिगाड़ने की कोशिश बताया है।
सिद्दारमैया ने स्टिंग वीडियो पर क्या कहा?
सिद्दारमैया ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस वीडियो से उनका कोई लेना-देना नहीं है और उन्होंने कहा — 'मेरा जमीर जानता है कि मैं पूरी तरह बेगुनाह हूं।' उनके अनुसार, कुछ शरारती तत्व इस वीडियो का उपयोग उनके विरुद्ध भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए कर रहे हैं।
क्या सिद्दारमैया ने पुलिस में भी शिकायत की है?
हाँ, सिद्दारमैया ने बेंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर के कार्यालय में स्टिंग वीडियो की निष्पक्ष जाँच की माँग को लेकर अलग से शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने भरोसा जताया कि जाँच से सच्चाई सामने आ जाएगी।
सिद्दारमैया मीडिया की स्वतंत्रता के बारे में क्या कहते हैं?
सिद्दारमैया ने कहा कि वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दृढ़ समर्थक हैं और उन्होंने कभी मीडिया की स्वतंत्रता में बाधा नहीं डाली। हालाँकि, उन्होंने अफसोस जताया कि कुछ मीडिया संगठनों के कथित दुरुपयोग के चलते उन्हें न्यायिक राहत माँगने पर मजबूर होना पड़ा।
इस विवाद का कर्नाटक की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कर्नाटक में राजनीतिक तनाव पहले से उच्च स्तर पर है। अदालती सुनवाई और पुलिस जाँच की दिशा से तय होगा कि यह विवाद सिद्दारमैया की राजनीतिक स्थिति को किस हद तक प्रभावित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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