अनिल राजभर ने सिद्धार्थनगर में गिनाईं मोदी-योगी सरकार की उपलब्धियाँ: ₹37 लाख करोड़ निवेश और 25 करोड़ को गरीबी से मुक्ति
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने सोमवार, 15 जून को सिद्धार्थनगर के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी सरकार और योगी आदित्यनाथ सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियाँ विस्तार से रखीं। उन्होंने निवेश, गरीबी उन्मूलन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण को इस दौर की प्रमुख उपलब्धियाँ बताया।
निवेश और औद्योगिक विकास
राजभर ने बताया कि उत्तर प्रदेश में आयोजित इन्वेस्टर समिट में ₹37 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से ₹16 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को ज़मीन पर उतारा जा चुका है। उन्होंने कहा कि निवेश प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक विशेष समिति गठित की है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मंत्रिमंडल का एक समूह विदेशी निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए जल्द ही विदेश दौरे पर जाएगा। राजभर के अनुसार, सरकार यह सुनिश्चित करने पर ध्यान दे रही है कि निवेश का लाभ प्रत्येक जिले तक पहुँचे।
गरीबी उन्मूलन और जन-कल्याण
मंत्री ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले 12 वर्षों में 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है, जिसे उन्होंने सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस को 60 साल सरकार चलाने का अवसर मिला, फिर भी गरीबों के लिए घर और शौचालय बनाने का काम आज मोदी सरकार को करना पड़ रहा है।' उनके अनुसार, यह पिछली सरकारों की विफलता का प्रमाण है।
किसानों की समस्याएँ और चुनौतियाँ
किसानों की कठिनाइयों पर राजभर ने स्वीकार किया कि कुछ समस्याएँ अभी भी मौजूद हैं। उन्होंने फर्जी रजिस्ट्री और पारिवारिक भूमि विवादों को प्रमुख मुद्दे बताया और कहा कि सरकार ने इन पर कई नवाचार किए हैं। उन्होंने वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देते हुए खाद की आपूर्ति और ईंधन आयात को लेकर संभावित चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने की अपील की।
जन-भागीदारी और आगे की राह
राजभर ने कहा कि सरकार की किसी भी योजना की सफलता तब तक संभव नहीं, जब तक आम जनता उसमें सक्रिय भागीदार न बने। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 12 वर्षों के कार्यकाल को जन-जन तक पहुँचाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम तैयार किया है। उन्होंने समाज के बुद्धिजीवी वर्ग से संपर्क बढ़ाने के निर्देश देने की भी जानकारी दी।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ अभी से शुरू हो गई हैं और सत्तारूढ़ दल अपनी उपलब्धियों को मतदाताओं तक पहुँचाने में जुटा है।