सीकर में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस: साइकिल जागरूकता रैली से बाल अधिकारों का संदेश
सारांश
मुख्य बातें
सीकर में 12 जून 2026 को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रंस अलायंस और गायत्री सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में एक साइकिल जागरूकता रैली आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य बाल श्रम उन्मूलन और बाल अधिकारों के प्रति समाज को संवेदनशील बनाना था। यह रैली पुलिस लाइन ग्राउंड से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुज़रती हुई वापस वहीं संपन्न हुई।
रैली का शुभारंभ
एडिशनल एसपी डॉ. तेजपाल सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शालिनी गोयल और बाल अधिकारिता विभाग की अधिकारी गार्गी शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। पुलिस विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और बाल अधिकारिता विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल हुए।
अधिकारियों का संदेश
एडिशनल एसपी तेजपाल सिंह ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें श्रम में झोंकने की बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और सर्वांगीण विकास पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल श्रम कानूनी अपराध है और पुलिस विभाग की ह्यूमन राइट ट्रैफिक टीम इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्यरत है।
उन्होंने साइकिल चलाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला — यह न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और पेट्रोल-डीजल की बचत में भी सहायक है।
रैली का उद्देश्य
रैली के समन्वयक अभिषेक बगड़िया ने बताया कि इस आयोजन का मूल लक्ष्य बाल श्रम के विरुद्ध जन जागरूकता को व्यापक बनाना और प्रत्येक बच्चे के शिक्षा, सुरक्षा तथा संपूर्ण बचपन के अधिकार के प्रति समाज को जागरूक करना है। गौरतलब है कि राजस्थान के कई ज़िलों में बाल श्रम की समस्या अभी भी चिंताजनक बनी हुई है, जिसे देखते हुए इस तरह के जागरूकता अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आम जनता पर असर
यह रैली सीकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुज़री, जिससे आम नागरिकों तक बाल श्रम के दुष्परिणामों और बाल अधिकारों का संदेश प्रभावी ढंग से पहुँचा। विशेषज्ञों का मानना है कि सामुदायिक स्तर पर इस तरह के अभियान बाल श्रम को जड़ से खत्म करने में दीर्घकालिक भूमिका निभाते हैं।
क्या होगा आगे
संगठनों ने संकेत दिया है कि बाल अधिकार जागरूकता के लिए इस प्रकार के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। पुलिस विभाग की ह्यूमन राइट ट्रैफिक टीम बाल श्रम के मामलों पर निगरानी बनाए रखेगी और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करती रहेगी।