आरएसएस प्रचारक पर पुलिस बर्बरता: जयपुर में 6 पुलिसकर्मी निलंबित, एसएचओ पर कार्रवाई की सिफारिश
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के जयपुर स्थित नारायणा पुलिस स्टेशन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सांभर जिला प्रचारक कृष्ण अवतार के साथ कथित पुलिस बर्बरता का मामला सामने आने के बाद 12 अक्टूबर 2026 को प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। जयपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हनुमान प्रसाद ने डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) को एसएचओ उमराव सिंह के निलंबन की भी सिफारिश भेजी है। इस घटना के बाद नारायणा पुलिस स्टेशन के बाहर बड़ी संख्या में आरएसएस स्वयंसेवक और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता जमा हो गए और सख्त कार्रवाई की माँग की।
घटनाक्रम: 10 अक्टूबर की रात क्या हुआ
आरएसएस के नारायणा ब्लॉक एग्जीक्यूटिव अनुराग की शिकायत के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 की रात लगभग 9 बजे नारायणा क्षेत्र में गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने सड़क पर पैदल जा रहे कृष्ण अवतार को रोका। पूछताछ के दौरान कथित तौर पर बहस हुई, जिसके बाद उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्टेशन के भीतर कृष्ण अवतार के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उनके आरएसएस से जुड़ाव व पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर अभद्र और अपमानजनक टिप्पणियाँ की गईं। शिकायत के मुताबिक जब उनकी तबीयत बिगड़ी तो उन्हें कथित तौर पर एक स्थानीय डॉक्टर के पास ले जाकर इंजेक्शन लगाया गया, और होश में आने के बाद कथित तौर पर उन पर फिर से हमला किया गया। घायल प्रचारक को पहले स्थानीय स्तर पर उपचार मिला, फिर बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया। रिपोर्टों के अनुसार उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
प्रशासन की कार्रवाई
बढ़ते तनाव के बीच एसपी हनुमान प्रसाद ने स्वयं नारायणा का दौरा किया और छह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की घोषणा की। निलंबित पुलिसकर्मियों की पहचान असिस्टेंट स्टेशन हाउस ऑफिसर (एएसआई) ओंकार सिंह और कॉन्स्टेबल रमेश चंद, कुलदीप, महिपाल, विनोद और अजय के रूप में की गई है।
इसके अलावा नारायणा के एसएचओ उमराव सिंह, एएसआई ओंकार सिंह और शिकायत में नामजद पाँच अन्य पुलिसकर्मियों समेत कुल सात पुलिसकर्मियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। जाँच का जिम्मा दूदू सर्कल ऑफिसर अनुपम मिश्रा को सौंपा गया है।
आरएसएस और BJP का विरोध-प्रदर्शन
कथित मारपीट की सूचना फैलते ही रविवार को सैकड़ों आरएसएस स्वयंसेवक और BJP नेता नारायणा पुलिस स्टेशन पर पहुँच गए। प्रदर्शनकारियों ने स्टेशन परिसर के अंदर धरना देकर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया और मारपीट में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की।
दिनभर इलाके में तनाव बना रहा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों को शांत करने में जुटे रहे। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राजस्थान में पुलिस और सामाजिक-धार्मिक संगठनों के बीच जवाबदेही को लेकर तनाव पहले से संवेदनशील बना हुआ है।
आगे क्या होगा
डीजीपी के स्तर पर एसएचओ उमराव सिंह के निलंबन पर अंतिम फैसला अभी आना बाकी है। सर्कल ऑफिसर अनुपम मिश्रा की जाँच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। पीड़ित कृष्ण अवतार की स्वास्थ्य स्थिति पर भी सभी की नजरें टिकी हैं। आरएसएस और BJP के स्थानीय नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूरी जवाबदेही नहीं तय होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।