सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य स्थिर, सफदरजंग अस्पताल ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन; राहुल गांधी ने उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 19 जुलाई 2026 को वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) एवं सफदरजंग अस्पताल ने रविवार को हेल्थ बुलेटिन जारी कर बताया कि उनके आवश्यक स्वास्थ्य पैरामीटर फिलहाल स्थिर हैं और उन्हें जरूरी मेडिकल इलाज दिया जा रहा है। जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने शनिवार तड़के उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था।
हेल्थ बुलेटिन में क्या कहा गया
अस्पताल द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक के ब्लड पैरामीटर में मामूली बदलाव दर्ज किया गया है। लंबे समय तक उपवास के कारण शरीर पर पड़ने वाले तनाव को देखते हुए उन्हें विशेषज्ञों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम की कड़ी निगरानी में 24 घंटे क्लिनिकल देखभाल दी जा रही है। डॉक्टरों का मानना है कि किसी भी संभावित जटिलता का तत्काल पता लगाने और उसे नियंत्रित करने के लिए यह निरंतर निगरानी अनिवार्य है।
भूख हड़ताल और अस्पताल में भर्ती की पृष्ठभूमि
वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उस आंदोलन में शामिल हुए थे, जो 6 जून से जंतर-मंतर पर कथित NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा है। वांगचुक ने 28 जून से औपचारिक रूप से आमरण अनशन शुरू किया था। तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश और चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'केंद्र सरकार के मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं। सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाना, जब वे अहिंसक भूख हड़ताल पर थे, गलत है। पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या भारत के भविष्य के लिए गंभीर मुद्दे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी ताकत भारत के छात्रों और उनके हमदर्दों को इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार और शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। कुछ फिल्मी हस्तियों ने भी इस कदम पर आपत्ति जताई है।
आम जनता और छात्रों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्र समुदाय में गहरा असंतोष है। वांगचुक की भूख हड़ताल ने इस आंदोलन को एक व्यापक सामाजिक चेहरा दिया था। गौरतलब है कि उनकी गिरफ्तारी और अस्पताल में भर्ती के बाद विरोध की आवाजें और तेज हो गई हैं।
आगे क्या होगा
डॉक्टरों की टीम वांगचुक की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उनकी सेहत में सुधार के बाद ही आगे की कानूनी और राजनीतिक स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि अगला स्वास्थ्य अपडेट स्थिति के अनुसार जारी किया जाएगा।