19 जुलाई 2026
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सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य स्थिर, सफदरजंग अस्पताल ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन; राहुल गांधी ने उठाए सवाल

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सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य स्थिर, सफदरजंग अस्पताल ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन; राहुल गांधी ने उठाए सवाल

सारांश

जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश पर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल ने बताया कि उनके स्वास्थ्य पैरामीटर स्थिर हैं, पर 24 घंटे निगरानी जरूरी है। राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की।

मुख्य बातें

सफदरजंग अस्पताल ने 19 जुलाई को हेल्थ बुलेटिन जारी कर बताया कि सोनम वांगचुक के आवश्यक स्वास्थ्य पैरामीटर स्थिर हैं।
ब्लड पैरामीटर में मामूली बदलाव के चलते मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम की 24 घंटे क्लिनिकल निगरानी जारी है।
वांगचुक ने 28 जून से NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू किया था।
दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश और चिकित्सकों की सलाह पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें शनिवार तड़के अस्पताल में भर्ती कराया।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी , ममता बनर्जी , शरद पवार और संजय राउत ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 19 जुलाई 2026 को वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) एवं सफदरजंग अस्पताल ने रविवार को हेल्थ बुलेटिन जारी कर बताया कि उनके आवश्यक स्वास्थ्य पैरामीटर फिलहाल स्थिर हैं और उन्हें जरूरी मेडिकल इलाज दिया जा रहा है। जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने शनिवार तड़के उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था।

हेल्थ बुलेटिन में क्या कहा गया

अस्पताल द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक के ब्लड पैरामीटर में मामूली बदलाव दर्ज किया गया है। लंबे समय तक उपवास के कारण शरीर पर पड़ने वाले तनाव को देखते हुए उन्हें विशेषज्ञों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम की कड़ी निगरानी में 24 घंटे क्लिनिकल देखभाल दी जा रही है। डॉक्टरों का मानना है कि किसी भी संभावित जटिलता का तत्काल पता लगाने और उसे नियंत्रित करने के लिए यह निरंतर निगरानी अनिवार्य है।

भूख हड़ताल और अस्पताल में भर्ती की पृष्ठभूमि

वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उस आंदोलन में शामिल हुए थे, जो 6 जून से जंतर-मंतर पर कथित NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा है। वांगचुक ने 28 जून से औपचारिक रूप से आमरण अनशन शुरू किया था। तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश और चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'केंद्र सरकार के मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं। सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाना, जब वे अहिंसक भूख हड़ताल पर थे, गलत है। पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या भारत के भविष्य के लिए गंभीर मुद्दे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी ताकत भारत के छात्रों और उनके हमदर्दों को इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार और शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। कुछ फिल्मी हस्तियों ने भी इस कदम पर आपत्ति जताई है।

आम जनता और छात्रों पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्र समुदाय में गहरा असंतोष है। वांगचुक की भूख हड़ताल ने इस आंदोलन को एक व्यापक सामाजिक चेहरा दिया था। गौरतलब है कि उनकी गिरफ्तारी और अस्पताल में भर्ती के बाद विरोध की आवाजें और तेज हो गई हैं।

आगे क्या होगा

डॉक्टरों की टीम वांगचुक की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उनकी सेहत में सुधार के बाद ही आगे की कानूनी और राजनीतिक स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि अगला स्वास्थ्य अपडेट स्थिति के अनुसार जारी किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नागरिक असहमति और राज्य की प्रतिक्रिया का सवाल बन गई है। दिल्ली उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप यह संकेत देता है कि अदालतें इस मामले में निष्क्रिय दर्शक नहीं हैं। विपक्ष की एकजुट प्रतिक्रिया दर्शाती है कि NEET मुद्दा चुनावी रूप से संवेदनशील बना हुआ है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह नहीं पूछती कि शिक्षा मंत्रालय ने पेपर लीक की जवाबदेही के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में क्यों भर्ती कराया गया?
जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश और चिकित्सकों की सलाह पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें शनिवार तड़के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। वांगचुक 28 जून से आमरण अनशन पर थे।
सोनम वांगचुक की अभी स्वास्थ्य स्थिति कैसी है?
सफदरजंग अस्पताल द्वारा 19 जुलाई को जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार उनके आवश्यक स्वास्थ्य पैरामीटर स्थिर हैं, हालांकि ब्लड पैरामीटर में मामूली बदलाव दर्ज हुआ है। उन्हें मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम की 24 घंटे निगरानी में रखा गया है।
सोनम वांगचुक किस मांग को लेकर भूख हड़ताल पर थे?
वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उस आंदोलन में शामिल थे जो 6 जून से कथित NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। उन्होंने 28 जून से औपचारिक रूप से आमरण अनशन शुरू किया था।
राहुल गांधी ने वांगचुक की भर्ती पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अहिंसक भूख हड़ताल के दौरान वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाना गलत है और पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत तथा छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दों को उठाने से कोई ताकत नहीं रोक सकती।
और किन नेताओं ने इस कार्रवाई की निंदा की?
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, NCP (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार और शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। कुछ फिल्मी हस्तियों ने भी इस पर आपत्ति जताई है।
राष्ट्र प्रेस
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