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सर गैरी सोबर्स को लॉर्ड्स में श्रद्धांजलि: भारत-इंग्लैंड खिलाड़ियों ने काली पट्टी बांधकर दी विदाई

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सर गैरी सोबर्स को लॉर्ड्स में श्रद्धांजलि: भारत-इंग्लैंड खिलाड़ियों ने काली पट्टी बांधकर दी विदाई

सारांश

लॉर्ड्स का मैदान रविवार को सिर्फ क्रिकेट का अखाड़ा नहीं था — यह एक महान युग को विदाई देने की जगह बन गया। भारत और इंग्लैंड, दोनों टीमों ने काली पट्टी बांधकर सर गैरी सोबर्स को वह सम्मान दिया जो क्रिकेट इतिहास के सबसे पूर्ण खिलाड़ी को मिलना चाहिए था।

मुख्य बातें

सर गारफील्ड सोबर्स का 18 जुलाई 2026 को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
19 जुलाई को लॉर्ड्स में भारत-इंग्लैंड तीसरे वनडे से पहले दोनों टीमों ने काली पट्टी बांधकर और एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
सोबर्स ने 93 टेस्ट मैचों में 8,032 रन और 235 विकेट हासिल किए; सर्वाधिक स्कोर नाबाद 365 रन ।
वे प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज़ थे ( 1968 )।
इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर और जैकब बेथेल ने सोबर्स के साथ व्यक्तिगत यादें साझा कीं।

क्रिकेट के महानतम ऑलराउंडरों में शुमार सर गारफील्ड सोबर्स के निधन पर 19 जुलाई 2026 को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में भारत और इंग्लैंड की टीमों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। तीसरे वनडे से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों, मैच अधिकारियों और स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने एक मिनट का मौन रखा, और पूरे मैच के दौरान खिलाड़ी काली पट्टी बांधे मैदान पर उतरे। सोबर्स का शुक्रवार, 18 जुलाई को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।

मुख्य घटनाक्रम

लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर तीसरे वनडे से पूर्व दोनों टीमों के कप्तानों और अधिकारियों ने काली पट्टी बाँधकर मैदान में प्रवेश किया। एक मिनट के मौन के दौरान पूरा स्टेडियम शांत रहा — दर्शकों ने भी पूरी गंभीरता से इस अनुष्ठान में भाग लिया। यह श्रद्धांजलि क्रिकेट जगत की उस परंपरा का हिस्सा है जिसमें खेल के दिग्गजों को मैदान पर ही सम्मान दिया जाता है।

खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया

इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ जोफ्रा आर्चर ने मैच से पहले कहा, 'वेस्टइंडीज क्रिकेट समुदाय के लिए वे एक लीजेंड हैं — अब तक के सबसे महान ऑलराउंडरों में से एक। कुछ महीने पहले जब मैं बारबाडोस में अपने घर पर था, तो उनसे मुलाकात हुई थी और उन्होंने कहा था कि अपनी उम्र के हिसाब से वे काफी अच्छी तरह चल-फिर पा रहे हैं। उनके निधन की खबर सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ।'

युवा बल्लेबाज़ जैकब बेथेल ने सोबर्स को एक 'असाधारण व्यक्तित्व' बताते हुए कहा कि उन्होंने इंग्लैंड के लिए खेलने में उनकी मदद की थी। बेथेल ने कहा, 'वे बहुत ही प्रभावशाली और शानदार व्यक्तित्व वाले इंसान थे, चाहे गोल्फ क्लब में हो, जहाँ मैं उनके साथ कुछ राउंड खेलने जाता था, या फिर क्रिकेट से जुड़ी गतिविधियों में। सबसे बड़ी बात यह थी कि वे बहुत ही विनम्र इंसान थे और हर कोई उनकी ओर खिंचा चला आता था। उनके साथ कुछ समय बिताना वाकई अद्भुत अनुभव था।'

सर गैरी सोबर्स: एक असाधारण करियर

28 जुलाई 1936 को ब्रिजटाउन, बारबाडोस में जन्मे सोबर्स ने 1954 में किंग्सटन में इंग्लैंड के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का आगाज़ किया था। बाएँ हाथ के बल्लेबाज़ और बाएँ हाथ के ऑर्थोडॉक्स व कलाई के स्पिन गेंदबाज़ के रूप में वे 1954 से 1974 तक वेस्टइंडीज क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद स्तंभ रहे।

93 टेस्ट मैचों की 160 पारियों में उन्होंने 26 शतक और 30 अर्धशतक के साथ 8,032 रन बनाए। उनका सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर नाबाद 365 रन रहा। गेंदबाज़ी में उन्होंने 235 विकेट हासिल किए। इसके अलावा उन्होंने 1 वनडे भी खेला, जिसमें उन्होंने 1 विकेट लिया।

ऐतिहासिक उपलब्धियाँ

सोबर्स प्रथम श्रेणी क्रिकेट के इतिहास में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज़ थे — यह कारनामा उन्होंने 1968 में किया था। वे क्रिकेट इतिहास में जैक्स कैलिस के साथ उन केवल दो ऑलराउंडरों में से एक हैं जिन्होंने टेस्ट मैचों में 8,000 रन और 200 विकेट दोनों का मुकाम हासिल किया। गौरतलब है कि यह दोहरी उपलब्धि क्रिकेट के किसी भी युग में दुर्लभ मानी जाती है।

क्रिकेट जगत में शोक

लॉर्ड्स की यह श्रद्धांजलि इस बात की प्रतीक है कि सोबर्स की विरासत किसी एक टीम या देश तक सीमित नहीं थी। भारत और इंग्लैंड — दोनों टीमों का एक साथ यह सम्मान दर्शाता है कि वे वैश्विक क्रिकेट के सच्चे राजदूत थे। क्रिकेट जगत अब उस युग के अंत पर मनन कर रहा है जिसने आधुनिक ऑलराउंडर की परिभाषा गढ़ी।

संपादकीय दृष्टिकोण

इंसानी स्तर पर भी असाधारण थी। यह ध्यान देने योग्य है कि टेस्ट में 8,000 रन और 200 विकेट का दोहरा मुकाम आज भी केवल दो खिलाड़ियों ने हासिल किया है — जो यह रेखांकित करता है कि सोबर्स की तुलना में 'महानतम ऑलराउंडर' की बहस कितनी निर्विवाद है। क्रिकेट अब उस पीढ़ी के अंतिम स्तंभों को खो रहा है जिन्होंने खेल को उसकी वर्तमान ऊँचाई तक पहुँचाया।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सर गैरी सोबर्स का निधन कब और कितनी उम्र में हुआ?
सर गारफील्ड सोबर्स का निधन 18 जुलाई 2026 को 89 वर्ष की आयु में हुआ। वे 28 जुलाई 1936 को ब्रिजटाउन, बारबाडोस में जन्मे थे।
लॉर्ड्स में सोबर्स को किस तरह श्रद्धांजलि दी गई?
19 जुलाई को भारत-इंग्लैंड तीसरे वनडे से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों ने काली पट्टी बांधी और एक मिनट का मौन रखा। पूरे मैच के दौरान खिलाड़ी काली पट्टी पहने रहे और दर्शकों ने भी गंभीरता से मौन में भाग लिया।
सर गैरी सोबर्स का टेस्ट करियर कैसा रहा?
सोबर्स ने 1954 से 1974 तक वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैचों में 8,032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर नाबाद 365 रन था और उन्होंने 235 विकेट भी लिए।
एक ओवर में छह छक्के लगाने का कारनामा सोबर्स ने कब किया था?
सर गैरी सोबर्स ने 1968 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाए थे। वे यह उपलब्धि हासिल करने वाले क्रिकेट इतिहास के पहले बल्लेबाज़ थे।
जोफ्रा आर्चर और जैकब बेथेल ने सोबर्स के बारे में क्या कहा?
जोफ्रा आर्चर ने कहा कि सोबर्स वेस्टइंडीज क्रिकेट समुदाय के लिए एक लीजेंड थे और कुछ महीने पहले बारबाडोस में उनसे मुलाकात हुई थी। जैकब बेथेल ने उन्हें 'असाधारण व्यक्तित्व' बताया और कहा कि वे बेहद विनम्र इंसान थे जिनके आने से माहौल जीवंत हो उठता था।
राष्ट्र प्रेस
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