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सोनम वांगचुक का पोटेशियम स्तर 4.3 से गिरकर 2.9 हुआ, पत्नी गीतांजलि ने सफदरजंग अस्पताल पर उठाए सवाल

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सोनम वांगचुक का पोटेशियम स्तर 4.3 से गिरकर 2.9 हुआ, पत्नी गीतांजलि ने सफदरजंग अस्पताल पर उठाए सवाल

सारांश

सोनम वांगचुक का पोटेशियम स्तर एक ही दिन में 4.3 से गिरकर 2.9 पर आ गया — और अब परिवार व सफदरजंग अस्पताल के बीच पारदर्शिता को लेकर टकराव सामने आ गया है। पत्नी गीतांजलि ने स्वतंत्र जाँच की माँग की, जो नहीं मानी गई।

मुख्य बातें

सोनम वांगचुक का सीरम पोटेशियम स्तर एक दिन में 4.3 से गिरकर 2.9 हो गया, जिसे पत्नी गीतांजलि जे.
आंग्मो ने चिंताजनक बताया।
गीतांजलि ने एक्स पर आरोप लगाया कि उन्हें स्वतंत्र प्रयोगशाला में जाँच कराने और अपनी मौजूदगी में ब्लड सैंपल लेने की अनुमति नहीं दी गई।
परिवार ने तत्काल डिस्चार्ज की माँग की है ताकि वांगचुक को उनकी पसंद के अस्पताल में स्थानांतरित किया जा सके।
59 वर्षीय वांगचुक को 18 जुलाई सुबह 7:40 बजे दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल लाया गया; वे लगभग 20 दिनों से भोजन नहीं कर रहे थे।
डॉक्टरों ने इंट्रावेनस फ्लूइड और दवाएँ देने की सलाह दी, लेकिन अस्पताल के अनुसार वांगचुक ने उपचार लेने से इनकार कर दिया।
यूरिनरी कीटोन स्तर भर्ती के समय 1 प्लस से बढ़कर दोपहर 1 बजे तक 3 प्लस हो गया।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर 18 जुलाई को उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सफदरजंग अस्पताल की स्वास्थ्य रिपोर्ट और उपचार प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पर सवाल खड़े किए हैं। गीतांजलि के अनुसार, अस्पताल की ताज़ा रिपोर्ट में वांगचुक का सीरम पोटेशियम स्तर 2.9 दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 4.3 था — यह गिरावट परिवार के लिए गहरी चिंता का विषय बन गई है।

एक्स पर गीतांजलि का आरोप

गीतांजलि जे. आंग्मो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वह सोनम वांगचुक को दूसरी राय के लिए किसी स्वतंत्र प्रयोगशाला में ले जाना चाहती थीं, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी मौजूदगी में ब्लड सैंपल लेने की माँग भी अस्पताल ने नहीं मानी, जिससे वह किसी बाहरी जाँच केंद्र में परीक्षण करवा सकतीं। गीतांजलि ने कहा कि वह कई घंटों से अस्पताल के जवाब का इंतज़ार कर रही हैं और इस पारदर्शिता की कमी से उनकी चिंता और बढ़ गई है।

परिवार की तत्काल डिस्चार्ज की माँग

परिवार ने अस्पताल से तत्काल डिस्चार्ज की माँग की है, ताकि सोनम वांगचुक को उनकी पसंद के अस्पताल में स्थानांतरित किया जा सके। हालाँकि, सफदरजंग अस्पताल की ओर से इस माँग पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

अस्पताल का स्वास्थ्य बुलेटिन

वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) और सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, 59 वर्षीय सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा 18 जुलाई की सुबह 7:40 बजे अस्पताल लाया गया था। वह लगभग 20 दिनों तक भोजन न लेने और सामान्य कमज़ोरी की स्थिति में भर्ती किए गए। भर्ती के समय वे पूरी तरह होश में थे और उनकी पल्स, ब्लड प्रेशर तथा ऑक्सीजन सेचुरेशन स्थिर थी।

जाँच में डिहाइड्रेशन के संकेत मिले। ब्लड गैस एनालिसिस में 'कम्पेन्सेटेड एसिडोसिस' की स्थिति सामने आई और सीरम पोटेशियम का स्तर कम पाया गया। उनका ब्लड शुगर 78 मिलीग्राम/डेसीलीटर दर्ज किया गया। भर्ती के समय यूरिनरी कीटोन का स्तर 1 प्लस था, जो दोपहर 1 बजे तक बढ़कर 3 प्लस हो गया।

उपचार से इनकार

डॉक्टरों ने वांगचुक को इंट्रावेनस फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन फ्लूइड और आवश्यक दवाएँ देने की सलाह दी, लेकिन स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार सोनम वांगचुक ने इन उपचारों को लेने से इनकार कर दिया। अस्पताल ने बताया कि उनकी लगातार निगरानी की जा रही है और डॉक्टरों की टीम उन्हें उपचार स्वीकार करने के लिए समझाने का प्रयास कर रही है।

आगे की स्थिति

फिलहाल परिवार और सफदरजंग अस्पताल के बीच उपचार को लेकर गतिरोध बना हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब वांगचुक की सेहत को लेकर देशभर में चिंता बढ़ रही है। पारदर्शिता और स्वतंत्र जाँच की माँग के बीच अगले कुछ घंटे निर्णायक साबित हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे प्रक्रियागत कारणों से हो, पारदर्शिता के उस न्यूनतम मानक से कम है जो एक सरकारी अस्पताल से अपेक्षित है। गौरतलब है कि वांगचुक पहले भी लद्दाख के मुद्दों पर अनशन कर चुके हैं, और इस बार की परिस्थितियाँ — दिल्ली पुलिस द्वारा अस्पताल पहुँचाया जाना और उपचार से इनकार — मामले को राजनीतिक आयाम देती हैं जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनम वांगचुक का पोटेशियम स्तर इतना कम क्यों हो गया?
सफदरजंग अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार, वांगचुक लगभग 20 दिनों से भोजन नहीं कर रहे थे, जिससे डिहाइड्रेशन और 'कम्पेन्सेटेड एसिडोसिस' की स्थिति बनी। इसी के चलते सीरम पोटेशियम का स्तर कम पाया गया, जो एक दिन में 4.3 से गिरकर 2.9 हो गया।
गीतांजलि जे. आंग्मो ने सफदरजंग अस्पताल पर क्या आरोप लगाए?
गीतांजलि ने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि उन्हें सोनम वांगचुक को स्वतंत्र प्रयोगशाला में ले जाने और अपनी मौजूदगी में ब्लड सैंपल लेने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने पारदर्शिता की कमी और कई घंटों से अस्पताल के जवाब का इंतज़ार करने की बात भी कही।
सोनम वांगचुक को अस्पताल कब और कैसे लाया गया?
18 जुलाई की सुबह 7:40 बजे दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें सफदरजंग अस्पताल लाया गया। भर्ती के समय वे होश में थे और उनकी पल्स, ब्लड प्रेशर तथा ऑक्सीजन सेचुरेशन स्थिर थी।
क्या सोनम वांगचुक ने अस्पताल में इलाज लेने से इनकार किया?
अस्पताल के स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, डॉक्टरों ने उन्हें इंट्रावेनस फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन और दवाएँ देने की सलाह दी, लेकिन वांगचुक ने इन उपचारों को लेने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों की टीम उन्हें समझाने का प्रयास कर रही है।
परिवार ने अस्पताल से क्या माँग की है?
परिवार ने तत्काल डिस्चार्ज की माँग की है ताकि सोनम वांगचुक को उनकी पसंद के अस्पताल में स्थानांतरित किया जा सके। अस्पताल की ओर से इस माँग पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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