सोनिया गांधी ने लालू प्रसाद से मिलकर जाना हाल, तेजस्वी बोले- एकजुट विपक्ष ही दे सकता है चुनौतियों का जवाब
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने सोमवार, 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात कर उनका स्वास्थ्य जाना। यह भेंट पाटलिपुत्र से सांसद और लालू प्रसाद की बड़ी बेटी मीसा भारती के दिल्ली स्थित आवास पर हुई। इस मौके पर राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव भी उपस्थित रहे।
मुलाकात की पृष्ठभूमि
तेजस्वी यादव ने मीडिया को बताया कि लालू प्रसाद नियमित स्वास्थ्य जाँच के लिए दिल्ली आए हुए थे। रविवार को तेजस्वी की स्वयं सोनिया गांधी से मुलाकात हुई थी, जिसमें उन्होंने लालू प्रसाद के दिल्ली में होने की जानकारी दी। इस पर सोनिया गांधी ने खुद उनसे मिलने आने की इच्छा जताई। तेजस्वी के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच शुरू से ही मजबूत व्यक्तिगत संबंध रहे हैं और दोनों परिवारों के बीच भी दशकों पुराना रिश्ता है।
विपक्षी एकजुटता पर तेजस्वी का संदेश
इंडिया ब्लॉक की मजबूती के सवाल पर तेजस्वी यादव ने स्पष्ट कहा कि केवल बिहार नहीं, बल्कि पूरे देश में विपक्षी दलों को एकजुट होकर चुनौतियों का सामना करना होगा। उन्होंने कहा, 'जब तक सभी विपक्षी दल एक साथ नहीं होंगे, तब तक लड़ाई नहीं जीती जा सकती।' उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई होने तक विपक्ष का संघर्ष जारी रहेगा। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विपक्षी रैली को 'फ्लॉप' और कुर्सियाँ खाली रहने के दावों पर तेजस्वी ने पलटवार करते हुए कहा कि विरोधी बेचैन हैं क्योंकि 'उनकी चोरी पकड़ी गई है।'
बिहार विधान परिषद का विवाद
बिहार विधान परिषद के निर्दलीय सदस्यों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के मुद्दे पर तेजस्वी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि निर्दलीय निर्वाचित MLC किसी राजनीतिक दल की सदस्यता नहीं ले सकते और ऐसा करने पर उनकी सदस्यता समाप्त होनी चाहिए। इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है और राजद सांसद मनोज झा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। तेजस्वी ने चेतावनी दी कि यदि नियमों का पालन नहीं हुआ तो विधान परिषद की नियमावली का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा।
सियासी संदर्भ
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब इंडिया ब्लॉक के घटक दल केंद्र सरकार के खिलाफ समन्वित विरोध की रणनीति बनाने में जुटे हैं। गौरतलब है कि रामलीला मैदान की रैली के बाद विपक्ष की एकजुटता और उसके जनसमर्थन पर बहस तेज हो गई है। तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि रविवार का आयोजन अंतिम नहीं था — चुनाव आयोग के मुद्दे पर विरोध आगे भी जारी रहेगा।
आगे की राह
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सोनिया गांधी और लालू प्रसाद की इस व्यक्तिगत मुलाकात को इंडिया ब्लॉक के भीतर आपसी विश्वास को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में विपक्षी दलों की रणनीतिक बैठकों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।