शत्रुघ्न सिन्हा ने पटना में लालू प्रसाद यादव से की मुलाकात, बोले— 'पुरानी पारिवारिक दोस्ती है'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने 8 अगस्त 2026 को पटना में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई, जिसके बाद बिहार की राजनीति में इस मुलाकात के सियासी मायने तलाशे जाने लगे।
मुलाकात का ब्यौरा
सिन्हा ने लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी से शनिवार को उनके पटना आवास पर लंबी मुलाकात की। उन्होंने मीडिया को बताया कि बातचीत कई मुद्दों पर हुई और मुलाकात बेहद अच्छी रही। हालाँकि, RJD नेता तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव से मुलाकात नहीं हो सकी — तेजस्वी किसी राजनीतिक काम से बाहर थे, जबकि तेज प्रताप के संभवतः रविवार को पटना लौटने की उम्मीद बताई गई।
सिन्हा का बयान
मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने इसे पूरी तरह व्यक्तिगत बताया। उन्होंने कहा, 'लालू जी से बहुत पुरानी दोस्ती है। वे हमारे दोस्त ही नहीं, बल्कि पारिवारिक दोस्त हैं। वे देश के बहुत बड़े और कद्दावर नेता हैं तथा जनता के नेता हैं। लोग उन्हें गरीबों का मसीहा मानते हैं।' सिन्हा ने स्पष्ट किया कि वह केवल लालू यादव और राबड़ी देवी का कुशलक्षेम पूछने पटना आए थे और जब भी पटना आते हैं, इस मुलाकात को ज़रूरी मानते हैं।
राजनीतिक संदर्भ
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर को समर्थन दिया था — एक ऐसा कदम जिसने बिहार की विपक्षी राजनीति में कई सवाल खड़े किए थे। गौरतलब है कि RJD और TMC दोनों केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विरोधी खेमे में हैं, इसलिए इस मुलाकात को विपक्षी गठजोड़ की दृष्टि से भी देखा जा रहा है।
सिन्हा का राजनीतिक जुड़ाव से इनकार
सिन्हा ने मुलाकात को किसी राजनीतिक एजेंडे से जोड़ने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह इस मुलाकात में केवल लालू यादव की बात करना चाहते हैं और किसी अन्य राजनीतिक विषय पर टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालू प्रसाद यादव अच्छे और स्वस्थ हैं तथा उनकी और राबड़ी देवी की दीर्घायु की वे हमेशा कामना करते हैं।
आगे की राजनीति
बिहार में 2025 विधानसभा चुनाव की आहट के बीच विपक्षी दलों के बीच हर मुलाकात सियासी अटकलों को जन्म देती है। शत्रुघ्न सिन्हा की यह यात्रा भले ही व्यक्तिगत बताई जा रही हो, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों की नज़र इस पर बनी रहेगी कि आने वाले हफ्तों में TMC और RJD के बीच समन्वय किस दिशा में जाता है।