24 अक्टूबर 2026
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सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी पर सनातन धर्म विवाद में मुकदमा, अखिलेश से बर्खास्तगी की माँग

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सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी पर सनातन धर्म विवाद में मुकदमा, अखिलेश से बर्खास्तगी की माँग

सारांश

सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी दिल्ली के एक कार्यक्रम में आंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाएँ दोहराने के विवाद में घिर गए हैं। दादरी में मुकदमा दर्ज, BJP नेता वेद नागर ने अखिलेश यादव से तत्काल बर्खास्तगी की माँग की है।

मुख्य बातें

दादरी थाने में 24 अक्टूबर 2026 को सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी के खिलाफ BNS धारा 352, 353(2) और 356 के तहत मुकदमा दर्ज।
शिकायतकर्ता वेद नागर (BJP नेता, गौ रक्षा हिंदू दल संस्थापक) ने आरोप लगाया कि भाटी ने सनातन धर्म और हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी आपत्तिजनक प्रतिज्ञाएँ दोहराईं।
विवाद की शुरुआत 20 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के अंबेडकर भवन में भारतीय बौद्ध महासभा के कार्यक्रम से हुई, जहाँ डॉ.
आंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाओं से जुड़ा वीडियो वायरल हुआ।
राजकुमार भाटी ने धर्म परिवर्तन की अटकलों को खारिज कर खुद को हिंदू बताया।
वेद नागर ने अखिलेश यादव से भाटी को प्रवक्ता पद से तत्काल हटाने की माँग की है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी के विरुद्ध 24 अक्टूबर 2026 को ग्रेटर नोएडा के दादरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और गौ रक्षा हिंदू दल के संस्थापक अध्यक्ष वेद नागर की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। आरोप है कि भाटी ने दिल्ली में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म और हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी आपत्तिजनक प्रतिज्ञाएँ दोहराईं, जिससे धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं।

मुख्य घटनाक्रम

इस विवाद की जड़ें 20 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के रानी झाँसी रोड स्थित अंबेडकर भवन में हुए एक कार्यक्रम से जुड़ी हैं, जिसे भारतीय बौद्ध महासभा ने आयोजित किया था। राजकुमार भाटी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. भीमराव आंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाओं से संबंधित एक वीडियो सामने आया, जिसमें हिंदू देवी-देवताओं की पूजा और उनसे जुड़ी मान्यताओं के संदर्भ में शपथ लेने के दृश्य दिखाई दिए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी बहस छिड़ गई।

पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएँ

दादरी थाना पुलिस ने वेद नागर की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 353(2) और 356 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। थाना प्रभारी निरीक्षक के अनुसार शिकायत मिलते ही मामला दर्ज कर जाँच प्रारंभ कर दी गई है।

पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और उनसे संबंधित तथ्यों की विधिवत जाँच करेगी। गौरतलब है कि BNS की ये धाराएँ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और जानबूझकर उत्तेजना फैलाने से संबंधित अपराधों को परिभाषित करती हैं।

भाटी का पक्ष

विवाद गहराने पर राजकुमार भाटी ने सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा। उन्होंने हिंदू धर्म छोड़ने या बौद्ध धर्म अपनाने की अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि वे हिंदू हैं और धर्म परिवर्तन का उनका कोई इरादा नहीं है। उन्होंने गौतम बुद्ध की शिक्षाओं और डॉ. आंबेडकर के विचारों के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि वे सभी धर्मों और समुदायों का आदर करते हैं।

अखिलेश यादव से बर्खास्तगी की माँग

मुकदमा दर्ज होने के बाद वेद नागर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से माँग की है कि राजकुमार भाटी को पार्टी के प्रवक्ता पद से तत्काल हटाया जाए। उनका कहना है कि राजनीतिक दलों के जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर बोलते समय धार्मिक आस्थाओं और सामाजिक संवेदनशीलता का ध्यान रखना चाहिए।

नागर ने यह भी कहा कि यदि टीवी चैनलों की बहसों में भाटी को इस विषय पर आमंत्रित किया जाता है, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएँगे। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में धार्मिक-राजनीतिक मुद्दों पर तनाव पहले से बढ़ा हुआ है।

आगे क्या होगा

दादरी पुलिस मामले की जाँच जारी रखेगी और तथ्यों की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी। सपा की ओर से अभी तक भाटी की पद से हटाने या बरकरार रखने पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले में किस प्रकार प्रतिक्रिया देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि न हटाना BJP को हिंदू भावनाओं के मुद्दे पर राजनीतिक हथियार देता है। गौरतलब है कि आंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाएँ दशकों से सार्वजनिक रूप से पढ़ी जाती रही हैं — इस बार का विवाद बताता है कि किसने पढ़ा, किस मंच से, और किस राजनीतिक संदर्भ में, यही असली प्रश्न है। पुलिस जाँच और सपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलकर तय करेगी कि यह विवाद चुनावी नुकसान बनेगा या महज़ एक खबर।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकुमार भाटी के खिलाफ मुकदमा किस आधार पर दर्ज हुआ?
BJP नेता वेद नागर की शिकायत पर दादरी थाने में BNS की धारा 352, 353(2) और 356 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि भाटी ने दिल्ली के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिंदू देवी-देवताओं और सनातन धर्म से जुड़ी आपत्तिजनक प्रतिज्ञाएँ दोहराईं, जिससे धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं।
यह विवाद किस कार्यक्रम से शुरू हुआ?
विवाद 20 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के रानी झाँसी रोड स्थित अंबेडकर भवन में भारतीय बौद्ध महासभा द्वारा आयोजित कार्यक्रम से शुरू हुआ। इस कार्यक्रम में राजकुमार भाटी मुख्य अतिथि थे और डॉ. आंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाओं से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
राजकुमार भाटी ने इस विवाद पर क्या कहा?
भाटी ने हिंदू धर्म छोड़ने या बौद्ध धर्म अपनाने की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे हिंदू हैं, धर्म परिवर्तन का कोई इरादा नहीं है, और वे गौतम बुद्ध की शिक्षाओं तथा डॉ. आंबेडकर के विचारों का सम्मान करते हैं।
वेद नागर ने अखिलेश यादव से क्या माँग की है?
वेद नागर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से राजकुमार भाटी को पार्टी के प्रवक्ता पद से तत्काल हटाने की माँग की है। उनका कहना है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर धार्मिक आस्थाओं और सामाजिक संवेदनशीलता का ध्यान रखना चाहिए।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
दादरी पुलिस मामले में आरोपों और तथ्यों की जाँच जारी रखेगी। सपा की ओर से भाटी को लेकर कोई आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है। पुलिस जाँच के नतीजे और सपा नेतृत्व की प्रतिक्रिया इस विवाद की अगली दिशा तय करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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