सपा ने हमेशा ब्राह्मणों का अपमान किया: भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर का अखिलेश पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नंद किशोर गुर्जर ने 6 अगस्त को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के ब्राह्मण सम्मेलन में दिए गए भाषण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। गुर्जर ने आरोप लगाया कि सपा का ब्राह्मण समाज के प्रति रवैया ऐतिहासिक रूप से अपमानजनक रहा है और यह सम्मेलन महज एक राजनीतिक दिखावा था।
ब्राह्मण सम्मेलन पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया
विधायक नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि ब्राह्मण समाज के मंच पर खड़े होकर उनका अपमान करना सबसे बड़ी विडंबना है। उनके अनुसार, सपा नेताओं द्वारा कथित तौर पर अतीत में ब्राह्मणों और पत्रकारों के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में ब्राह्मणों को देवतुल्य स्थान प्राप्त है और साधु-संतों का सम्मान भारतीय संस्कृति का आधार है।
गुर्जर ने यह भी दावा किया कि जिस आयोजन को 'ब्राह्मण सम्मेलन' का नाम दिया गया, उसमें वास्तव में बड़ी संख्या में ब्राह्मण उपस्थित नहीं थे। उनके अनुसार, यदि स्वाभिमानी ब्राह्मण समाज वहाँ होता तो कथित अपमानजनक टिप्पणियों का विरोध उसी मंच पर होता।
'पीडीए' में 'पी' का अर्थ और राजनीतिक विवाद
अखिलेश यादव द्वारा अपने 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले में 'पी' का अर्थ 'पंडित' बताए जाने पर गुर्जर ने कहा कि यह केवल चुनावी गणित है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि सपा वास्तव में पंडितों का सम्मान करती, तो पार्टी नेताओं की कथित अपमानजनक टिप्पणियों का समर्थन नहीं किया जाता। गुर्जर ने कहा कि ब्राह्मण समाज सनातन संस्कृति का संरक्षक है और उत्तर प्रदेश की जनता इस तरह के अपमान को स्वीकार नहीं करेगी।
विकास दुबे एनकाउंटर और कानून-व्यवस्था पर बहस
कानपुर के हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की गाड़ी पलटने के दौरान ली गई कथित सैटेलाइट तस्वीरों पर अखिलेश यादव के बयान को लेकर गुर्जर ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा पहले भी अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे अपराधियों के मामलों में सवाल उठाती रही है। गुर्जर ने कहा कि सपा शासनकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी और अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ था। इसके विपरीत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और महिलाएँ अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं।
संभल हिंसा रिपोर्ट और न्याय की माँग
विधानसभा में संभल हिंसा से संबंधित रिपोर्ट पेश किए जाने के बावजूद उस पर चर्चा न हो पाने के सवाल पर गुर्जर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि संभल में संगठित तरीके से हिंसा और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश हुई। गुर्जर ने कहा कि जिन लोगों को पलायन करना पड़ा या जिनकी संपत्तियों पर कथित तौर पर कब्जा हुआ, उन्हें न्याय दिलाने और पुनर्वास सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार कदम उठाएगी।
आरएसएस, युवा पीढ़ी और बसपा विधायक को श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की जेन-ज़ी पीढ़ी के साथ बातचीत पर गुर्जर ने कहा कि संघ के विचार युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि देश का युवा वर्ग राष्ट्रवाद से जुड़ रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता युवाओं के बीच बनी हुई है।
इसी बातचीत के दौरान गुर्जर ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक उमा शंकर सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उमा शंकर सिंह एक मिलनसार, प्रभावशाली और सारगर्भित वक्ता थे जिनका सभी दलों के नेताओं के बीच सम्मान था। उनके असामयिक निधन से विधानसभा और प्रदेश की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है।