भारत-नेपाल सीमा के पास SSB ने 40 भैंसें जब्त कीं, एक तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 41वीं बटालियन ने 28 जुलाई 2026 की सुबह बिहार के गलगलिया के पास एनएच-327 पर एक मोबाइल चेकपोस्ट पर 40 भैंसों से भरे एक ट्रक को पकड़ा, जो बिना वैध दस्तावेज़ों के चल रहा था। ट्रक में सवार तीन लोगों में से एक को हिरासत में लिया गया, जबकि दो फरार हो गए।
मुख्य घटनाक्रम
खुफिया सूचना के आधार पर SSB रानीडांगा की 'ई' कंपनी (कडोमानी जोट) और 'जी' कंपनी (भटगांव) की संयुक्त टीम ने सुबह करीब 7 बजकर 20 मिनट पर गलगलिया के पास एनएच-327 पर मोबाइल चेकपोस्ट स्थापित की। यह स्थान निकटतम सीमा स्तंभ से लगभग तीन किलोमीटर दूर था।
जाँच के दौरान एक संदिग्ध ट्रक ने चेकपोस्ट से भागने की कोशिश की। थोड़ी देर पीछा करने के बाद जवानों ने उसे रोक लिया। ट्रक का पंजीकरण नंबर WB-57D-9898 था और यह पश्चिम बंगाल का था।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान और पूछताछ
पकड़े गए व्यक्ति की पहचान पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर ज़िले के निवासी मो. खाबिन हुसैन के रूप में हुई। पूछताछ में उन्होंने बताया कि यह खेप बिहार के पूर्णिया ज़िले के डगरुआ से असम ले जाने के लिए लोड की गई थी और रास्ते में पश्चिम बंगाल से होकर गुजर रही थी।
उन्होंने यह भी बताया कि नक्सलबाड़ी के पास पुलिस नाका देखकर ड्राइवर ने जाँच से बचने के लिए गाड़ी वापस मोड़ने की कोशिश की थी। SSB के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, "ट्रक में जानवरों के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी और उन्हें बेहद बेरहमी से ले जाया जा रहा था।"
कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार व्यक्ति, 40 भैंसें, ट्रक और अन्य जब्त सामग्री को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गलगलिया पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है।
असम में मवेशी तस्करी का व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब असम में मवेशियों की तस्करी के खिलाफ अभियान तेज़ है। असम में मवेशियों को काटने और उनकी तस्करी पर कानूनी प्रतिबंध के बावजूद अक्सर उल्लंघन होते रहे हैं। दूसरे राज्यों से लाए गए मवेशियों को मेघालय ले जाया जाता है या असम से बांग्लादेश सीमा पार कराई जाती है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में कहा कि उनकी सरकार ने मवेशियों की चोरी, तस्करी और बीफ के अवैध व्यापार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' अपनाई है। राज्य पुलिस ने जनवरी से मई 2026 के बीच 856 लोगों को गिरफ्तार किया और 4,355 मवेशी जब्त किए। 1 जनवरी से 19 मई के बीच इस सिलसिले में 425 मामले दर्ज किए गए और छापेमारी में 2,980 किलोग्राम से अधिक बीफ भी बरामद हुआ।
गौरतलब है कि यह रूट — बिहार से पश्चिम बंगाल होते हुए असम या नेपाल सीमा की ओर — मवेशी तस्करों के बीच एक जाना-पहचाना मार्ग बताया जाता है। इस मामले में दो संदिग्धों का फरार होना जाँच को और जटिल बना सकता है।