8 अक्टूबर 2026
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यतनाल का बड़ा आरोप: इस्तीफे से पहले सिद्दारमैया को निजी मामले में स्टिंग की धमकी देकर किया गया था ब्लैकमेल

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यतनाल का बड़ा आरोप: इस्तीफे से पहले सिद्दारमैया को निजी मामले में स्टिंग की धमकी देकर किया गया था ब्लैकमेल

सारांश

BJP से निलंबित विधायक यतनाल ने दावा किया है कि सिद्दारमैया को निजी मामले में स्टिंग की धमकी देकर इस्तीफे पर मजबूर किया गया। राहुल गांधी के रवैये में लंच से पहले और बाद हुए अचानक बदलाव को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं — और सिद्दारमैया की चुप्पी इस विवाद को और गहरा कर रही है।

मुख्य बातें

बसनागौड़ा पाटिल यतनाल ने 8 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि सिद्दारमैया को निजी मामले में स्टिंग ऑपरेशन की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया था।
यतनाल के अनुसार, नई दिल्ली में हुई बैठक में राहुल गांधी का रवैया लंच से पहले और बाद में अचानक बदल गया, और उन्होंने सिद्दारमैया को इस्तीफा देने का निर्देश दिया।
यतनाल ने दावा किया कि यह जानकारी कांग्रेस के कई विधायकों ने उन्हें दी।
सिद्दारमैया ने कथित स्टिंग धमकी या ब्लैकमेल के आरोप पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
विधायक यतनाल स्वयं पार्टी-विरोधी गतिविधियों के कारण BJP से निलंबित हैं, जो उनके आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।

कर्नाटक के निलंबित भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक बी. बसनागौड़ा पाटिल यतनाल ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को एक निजी मामले में स्टिंग ऑपरेशन की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया था, जिसके कारण उन्हें कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने पर मजबूर होना पड़ा। यतनाल के ये आरोप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की उस चेतावनी के बाद आए हैं, जिसमें उन्होंने मंत्रियों को BJP और जनता दल (सेक्युलर) के स्टिंग ऑपरेशन से सतर्क रहने को कहा था।

यतनाल के आरोप: क्या कहा विधायक ने

पत्रकारों से बातचीत में यतनाल ने दावा किया कि कांग्रेस के कई विधायकों ने उन्हें सिद्दारमैया के इस्तीफे की परिस्थितियों से अवगत कराया। उनके अनुसार, नई दिल्ली में एक बैठक के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और सोनिया गांधी के साथ हुई मुलाकात में कांग्रेस नेतृत्व के रवैये में अचानक और अप्रत्याशित बदलाव देखा गया।

यतनाल ने कहा, 'कांग्रेस के कई विधायकों ने हमें जो बताया है, उसके अनुसार लंच तक राहुल गांधी, जो सिद्दारमैया का समर्थन कर रहे थे, ने उनसे कहा था कि वह पिछड़े वर्ग के नेता हैं और उन्हें देश भर में यात्रा करके पार्टी को मजबूत करना चाहिए। लेकिन लंच के बाद राहुल गांधी ने कथित तौर पर सिद्दारमैया से सिर्फ एक बात कही कि बेंगलुरु वापस जाओ, अपना इस्तीफा सौंपो और दिल्ली लौट आओ।'

यतनाल का कहना था कि इसके बाद सिद्दारमैया बेंगलुरु लौटे और उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया। विधायक ने यह भी दावा किया कि उस दौरान सिद्दारमैया घबराए हुए नजर आ रहे थे।

स्टिंग ऑपरेशन की धमकी का सवाल

यतनाल ने यह भी सवाल उठाया कि क्या सिद्दारमैया को किसी निजी मामले से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन की धमकी दी गई थी, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँच सकता था। उन्होंने कहा, 'एक सवाल है जिसका जवाब अभी तक नहीं मिला है — क्या सिद्दारमैया को किसी निजी मामले को लेकर स्टिंग ऑपरेशन की धमकी दी गई थी जिससे उनकी इज्जत को नुकसान पहुँच सकता था? सिद्दारमैया को खुद इस बात को साफ करना चाहिए।'

यतनाल ने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया पर इतना दबाव डाला गया था कि उनके पास इस फैसले का विरोध करने की बेहद कम गुंजाइश बची थी।

सिद्दारमैया की चुप्पी और कांग्रेस का रुख

गौरतलब है कि यतनाल द्वारा लगाए गए इन आरोपों के संदर्भ में सिद्दारमैया ने कथित धमकी या स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े किसी विशिष्ट आरोप पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से भी इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन की परिस्थितियों को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी है।

यतनाल की पृष्ठभूमि और विश्वसनीयता पर सवाल

यह उल्लेखनीय है कि विधायक यतनाल को पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में BJP से निलंबित किया जा चुका है। आलोचकों का कहना है कि इस पृष्ठभूमि में उनके आरोपों को उनकी पार्टी से दूरी और व्यक्तिगत राजनीतिक स्थिति के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए।

BJP विधायक ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस विधायकों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी और घटनाओं के क्रम की जानकारी बाद में विपक्षी नेताओं तक पहुँची। आगामी दिनों में सिद्दारमैया और कांग्रेस नेतृत्व की इन आरोपों पर प्रतिक्रिया कर्नाटक की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनकी विश्वसनीयता एक बड़े प्रश्नचिह्न के साथ आती है — वह स्वयं BJP से निलंबित हैं और उनकी अपनी पार्टी के भीतर स्थिति कमजोर है। असली कसौटी यह है कि क्या कांग्रेस के वे विधायक, जिनका हवाला यतनाल देते हैं, सार्वजनिक रूप से इन दावों की पुष्टि करेंगे। सिद्दारमैया की चुप्पी इस विवाद को और गहराती है — खंडन की अनुपस्थिति को कुछ लोग स्वीकृति के रूप में पढ़ सकते हैं, जो कर्नाटक की राजनीति में कांग्रेस के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर सकता है। मुख्यमंत्री शिवकुमार की स्टिंग ऑपरेशन की चेतावनी और अब ये आरोप — यह कर्नाटक में एक बड़े राजनीतिक नाटक की शुरुआत का संकेत हो सकता है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यतनाल ने सिद्दारमैया के इस्तीफे को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?
BJP विधायक यतनाल ने आरोप लगाया है कि सिद्दारमैया को एक निजी मामले में स्टिंग ऑपरेशन की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया था, जिसके कारण वह बेबस हो गए और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने पर मजबूर हुए। यतनाल के अनुसार यह जानकारी कांग्रेस के कई विधायकों ने उन्हें दी।
राहुल गांधी और सिद्दारमैया की बैठक में क्या हुआ था?
यतनाल के दावे के मुताबिक, नई दिल्ली में हुई बैठक में लंच से पहले राहुल गांधी सिद्दारमैया का समर्थन कर रहे थे, लेकिन लंच के बाद उन्होंने कथित तौर पर सिद्दारमैया को बेंगलुरु जाकर इस्तीफा सौंपने और दिल्ली लौटने का निर्देश दिया। यह दावा कांग्रेस विधायकों के बयानों पर आधारित बताया गया है, जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
सिद्दारमैया ने इन आरोपों पर क्या कहा?
अब तक सिद्दारमैया ने कथित स्टिंग धमकी या ब्लैकमेल के आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
क्या यतनाल के आरोप विश्वसनीय हैं?
यतनाल स्वयं पार्टी-विरोधी गतिविधियों के कारण BJP से निलंबित हैं, जिससे उनके दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। उनके आरोप अप्रत्यक्ष स्रोतों — यानी कांग्रेस विधायकों के हवाले — पर आधारित हैं और अभी तक किसी ने सार्वजनिक रूप से इनकी पुष्टि नहीं की है।
कर्नाटक में स्टिंग ऑपरेशन विवाद की पृष्ठभूमि क्या है?
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने हाल ही में मंत्रियों को BJP और जनता दल (सेक्युलर) के स्टिंग ऑपरेशन से सावधान रहने की चेतावनी दी थी। इसी चेतावनी के जवाब में यतनाल ने यह आरोप लगाए, जिससे कर्नाटक की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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