यतनाल का बड़ा आरोप: इस्तीफे से पहले सिद्दारमैया को निजी मामले में स्टिंग की धमकी देकर किया गया था ब्लैकमेल
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के निलंबित भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक बी. बसनागौड़ा पाटिल यतनाल ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को एक निजी मामले में स्टिंग ऑपरेशन की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया था, जिसके कारण उन्हें कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने पर मजबूर होना पड़ा। यतनाल के ये आरोप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की उस चेतावनी के बाद आए हैं, जिसमें उन्होंने मंत्रियों को BJP और जनता दल (सेक्युलर) के स्टिंग ऑपरेशन से सतर्क रहने को कहा था।
यतनाल के आरोप: क्या कहा विधायक ने
पत्रकारों से बातचीत में यतनाल ने दावा किया कि कांग्रेस के कई विधायकों ने उन्हें सिद्दारमैया के इस्तीफे की परिस्थितियों से अवगत कराया। उनके अनुसार, नई दिल्ली में एक बैठक के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और सोनिया गांधी के साथ हुई मुलाकात में कांग्रेस नेतृत्व के रवैये में अचानक और अप्रत्याशित बदलाव देखा गया।
यतनाल ने कहा, 'कांग्रेस के कई विधायकों ने हमें जो बताया है, उसके अनुसार लंच तक राहुल गांधी, जो सिद्दारमैया का समर्थन कर रहे थे, ने उनसे कहा था कि वह पिछड़े वर्ग के नेता हैं और उन्हें देश भर में यात्रा करके पार्टी को मजबूत करना चाहिए। लेकिन लंच के बाद राहुल गांधी ने कथित तौर पर सिद्दारमैया से सिर्फ एक बात कही कि बेंगलुरु वापस जाओ, अपना इस्तीफा सौंपो और दिल्ली लौट आओ।'
यतनाल का कहना था कि इसके बाद सिद्दारमैया बेंगलुरु लौटे और उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया। विधायक ने यह भी दावा किया कि उस दौरान सिद्दारमैया घबराए हुए नजर आ रहे थे।
स्टिंग ऑपरेशन की धमकी का सवाल
यतनाल ने यह भी सवाल उठाया कि क्या सिद्दारमैया को किसी निजी मामले से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन की धमकी दी गई थी, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँच सकता था। उन्होंने कहा, 'एक सवाल है जिसका जवाब अभी तक नहीं मिला है — क्या सिद्दारमैया को किसी निजी मामले को लेकर स्टिंग ऑपरेशन की धमकी दी गई थी जिससे उनकी इज्जत को नुकसान पहुँच सकता था? सिद्दारमैया को खुद इस बात को साफ करना चाहिए।'
यतनाल ने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया पर इतना दबाव डाला गया था कि उनके पास इस फैसले का विरोध करने की बेहद कम गुंजाइश बची थी।
सिद्दारमैया की चुप्पी और कांग्रेस का रुख
गौरतलब है कि यतनाल द्वारा लगाए गए इन आरोपों के संदर्भ में सिद्दारमैया ने कथित धमकी या स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े किसी विशिष्ट आरोप पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से भी इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन की परिस्थितियों को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी है।
यतनाल की पृष्ठभूमि और विश्वसनीयता पर सवाल
यह उल्लेखनीय है कि विधायक यतनाल को पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में BJP से निलंबित किया जा चुका है। आलोचकों का कहना है कि इस पृष्ठभूमि में उनके आरोपों को उनकी पार्टी से दूरी और व्यक्तिगत राजनीतिक स्थिति के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए।
BJP विधायक ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस विधायकों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी और घटनाओं के क्रम की जानकारी बाद में विपक्षी नेताओं तक पहुँची। आगामी दिनों में सिद्दारमैया और कांग्रेस नेतृत्व की इन आरोपों पर प्रतिक्रिया कर्नाटक की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।