सिद्दारमैया कथित स्टिंग ऑपरेशन विवाद पर राहुल गांधी को दे सकते हैं जानकारी, दिल्ली में वेणुगोपाल से मिले
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य सिद्दारमैया ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात की। उनसे जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन विवाद के बीच वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से भी मिल सकते हैं, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।
पार्टी नेतृत्व को जानकारी देने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, सिद्दारमैया इस मामले के ताज़ा घटनाक्रम से कांग्रेस नेतृत्व को अवगत कराने की योजना में हैं। इसके साथ ही वह इस संभावना पर भी विचार-विमर्श करेंगे कि क्या पार्टी के ही कुछ सदस्य कथित तौर पर इस स्टिंग ऑपरेशन में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने अपने करीबी सहयोगियों के साथ इस विषय पर पहले से चर्चा कर रखी है। दिल्ली में वेणुगोपाल से हुई बैठक में कर्नाटक कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी उनके साथ उपस्थित थे।
कथित स्टिंग ऑपरेशन और सिद्दारमैया का रुख
सिद्दारमैया ने इस कथित स्टिंग ऑपरेशन को एक सुनियोजित 'ब्लैकमेल साजिश' करार दिया है। उन्होंने एक पत्रकार और मंगलुरु की कृपा अल्वा का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें संदेह है कि इसमें इन्हीं लोगों का हाथ है। उनके इस बयान ने मामले को और अधिक विवादास्पद बना दिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में 2011 की एक घटना से संबंधित यौन शोषण के दावे किए गए हैं, जिसे सिद्दारमैया ने पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उनके अनुसार, यह उनकी राजनीतिक छवि को धूमिल करने के लिए चलाया गया एक दुर्भावनापूर्ण अभियान है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में अपने पूरे कार्यकाल और लंबे राजनीतिक सफर में उन पर इस प्रकार के आरोप कभी नहीं लगे।
कानूनी कार्रवाई और जांच की स्थिति
सिद्दारमैया ने बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त के समक्ष एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और इस मामले के वास्तविक दोषियों को बेनकाब करने के लिए निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की माँग की है। इसके अतिरिक्त उन्होंने बेंगलुरु सिटी सिविल एंड सेशन कोर्ट से समाचार पत्रों, टेलीविजन चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को उस असत्यापित वीडियो के प्रसार पर रोक लगाने के लिए स्टे ऑर्डर हासिल करने की कोशिश की है।
कर्नाटक पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) इस कथित स्टिंग ऑपरेशन, वीडियो के वायरल होने तथा इसे रिकॉर्ड किए जाने की परिस्थितियों की जांच कर रही है। सिद्दारमैया ने पहले ही संकेत दिया था कि जांच का तरीका उचित नहीं है।
राष्ट्रीय राजनीति में उभरा विवाद
यह मामला अब केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस के ही कुछ सदस्यों की कथित संलिप्तता के आरोप इसे पार्टी के भीतर एक संवेदनशील मुद्दा बनाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर पहले से ही कई मोर्चों पर दबाव है।
गौरतलब है कि सिद्दारमैया के राहुल गांधी से संभावित मुलाकात इस विवाद को पार्टी के उच्चतम स्तर पर ले जाएगी। आने वाले दिनों में कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया और CCB जांच की दिशा इस मामले के राजनीतिक परिणाम को तय करेगी।