26 अक्टूबर 2026
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कर्नाटक स्टिंग विवाद: उपमुख्यमंत्री परमेश्वर बोले— सिद्दारमैया के साथ हैं सभी कांग्रेस विधायक

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कर्नाटक स्टिंग विवाद: उपमुख्यमंत्री परमेश्वर बोले— सिद्दारमैया के साथ हैं सभी कांग्रेस विधायक

सारांश

कर्नाटक उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने स्टिंग विवाद के बीच एकजुटता का संदेश दिया— सिद्दारमैया अकेले नहीं, पूरी कांग्रेस साथ। साथ ही बेंगलुरु की IT कंपनियों से कन्नड़िगा युवाओं को योग्यता के अनुसार उचित पद देने की माँग दोहराई।

मुख्य बातें

परमेश्वर ने 26 अक्टूबर 2026 को कहा कि पूर्व CM सिद्दारमैया राजनीतिक रूप से कभी अलग-थलग नहीं पड़ेंगे।
कांग्रेस के सभी विधायक, CM डी.के.
शिवकुमार और पूरी पार्टी सिद्दारमैया के साथ खड़ी है।
कथित स्टिंग ऑपरेशन मामले में जांच जारी; परमेश्वर ने कहा— रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
परमेश्वर ने बेंगलुरु की IT कंपनियों से योग्य कन्नड़िगा उम्मीदवारों को उचित पद देने की माँग की।
एक युवती के वायरल वीडियो के बाद कन्नड़ भाषी लोगों के रोज़गार का मुद्दा राजनीतिक रूप से गरमाया हुआ है।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने 26 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन विवाद के बावजूद कांग्रेस के सभी विधायक, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और पूरी पार्टी उनके साथ एकजुट है। परमेश्वर ने कहा कि सिद्दारमैया को राजनीतिक रूप से अलग-थलग करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

पार्टी एकता पर परमेश्वर का स्पष्ट संदेश

परमेश्वर ने कहा, 'हमारे सभी विधायक सिद्दारमैया, डी.के. शिवकुमार और कांग्रेस पार्टी के साथ हैं। कोई भी अकेला नहीं है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों ने स्टिंग विवाद का हवाला देते हुए कर्नाटक कांग्रेस में आंतरिक दरार का दावा किया था। गौरतलब है कि सिद्दारमैया पहले से ही मुडा भूमि आवंटन विवाद को लेकर राजनीतिक दबाव का सामना कर रहे हैं।

स्टिंग ऑपरेशन पर जांच का इंतज़ार

कथित स्टिंग ऑपरेशन पर परमेश्वर ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में ऐसी घटनाओं की निंदा होनी चाहिए और कांग्रेस नेताओं ने सामूहिक रूप से इस घटना की निंदा भी की है। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि जो मामला अभी जांच के दायरे में है, उस पर आगे टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। परमेश्वर के अनुसार जांच पूरी होने और रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही सारी सच्चाई सामने आएगी।

कन्नड़िगा रोज़गार का मुद्दा भी उठाया

परमेश्वर ने स्टिंग विवाद के साथ-साथ कर्नाटक में स्थानीय कन्नड़िगा लोगों के रोज़गार के मुद्दे पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को ज़मीन, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ मुहैया कराती है, इसलिए उद्योगों की ज़िम्मेदारी बनती है कि वे योग्य स्थानीय लोगों को रोज़गार दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अयोग्य लोगों की नियुक्ति की बात नहीं कर रही — बल्कि जिन कन्नड़िगा उम्मीदवारों के पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और कौशल है, उन्हें उनकी क्षमता के अनुरूप पद मिलने चाहिए।

परमेश्वर ने इस प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की कि कुछ उद्योग स्थानीय लोगों को केवल अटेंडेंट या निचले स्तर के पदों तक ही सीमित रखते हैं। उन्होंने कहा कि यह चलन सही नहीं है और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पात्र स्थानीय लोगों को अवसर दिलाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहरा चुके हैं।

पृष्ठभूमि: वायरल वीडियो और भाषा विवाद

यह मुद्दा तब उठा जब एक युवती ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि बेंगलुरु की आईटी कंपनियाँ कन्नड़ भाषी उम्मीदवारों को नौकरी नहीं देतीं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुआ था। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा था कि कन्नड़ भाषी लोगों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

महर्षि वाल्मीकि जयंती पर शुभकामनाएँ

परमेश्वर ने अपनी प्रेस वार्ता में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर कर्नाटक के लोगों को सरकार की ओर से और व्यक्तिगत तौर पर शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने लोगों से इस अवसर को उचित रीति से मनाने की अपील की। आने वाले दिनों में स्टिंग ऑपरेशन की जांच रिपोर्ट और कन्नड़ रोज़गार नीति के क्रियान्वयन पर सबकी नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि स्टिंग ऑपरेशन की जांच कितनी स्वतंत्र और पारदर्शी होगी — खासकर जब जांच की निगरानी उसी सरकार के हाथ में है जिसके नेता जांच के दायरे में हैं। कर्नाटक में सिद्दारमैया पहले से मुडा विवाद से घिरे हैं, और अब स्टिंग का नया मोर्चा खुलने से विपक्ष को एक और हथियार मिल गया है। कन्नड़ रोज़गार का मुद्दा राजनीतिक दृष्टि से सुविधाजनक समय पर उठाया गया प्रतीत होता है — यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार इसे केवल बयानबाजी तक सीमित रखती है या ठोस नीतिगत कार्रवाई करती है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक स्टिंग ऑपरेशन विवाद क्या है?
यह पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से जुड़ा एक कथित स्टिंग ऑपरेशन है, जिसकी अभी जांच चल रही है। उपमुख्यमंत्री परमेश्वर के अनुसार जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
क्या सिद्दारमैया को कांग्रेस में अलग-थलग किया जा रहा है?
नहीं, उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने 26 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि सिद्दारमैया को अकेला छोड़ने का कोई सवाल नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक, CM शिवकुमार और पूरी पार्टी उनके साथ खड़ी है।
कर्नाटक में कन्नड़िगा रोज़गार का मुद्दा क्यों उठा?
एक युवती के वायरल वीडियो के बाद यह मुद्दा गरमाया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि बेंगलुरु की IT कंपनियाँ कन्नड़ भाषी उम्मीदवारों को नौकरी नहीं देतीं। इसके बाद CM शिवकुमार और उपमुख्यमंत्री परमेश्वर दोनों ने कन्नड़िगा लोगों के हितों की रक्षा की प्रतिबद्धता दोहराई।
परमेश्वर ने IT कंपनियों को कन्नड़ रोज़गार पर क्या कहा?
परमेश्वर ने कहा कि सरकार उद्योगों को ज़मीन, बिजली और पानी मुहैया कराती है, इसलिए उद्योगों की ज़िम्मेदारी है कि योग्य कन्नड़िगा लोगों को उनकी शिक्षा और कौशल के अनुरूप उपयुक्त पद दिए जाएँ — न कि केवल निचले स्तर के पदों तक सीमित रखा जाए।
स्टिंग ऑपरेशन मामले में आगे क्या होगा?
परमेश्वर के बयान के अनुसार मामला फिलहाल जांच के अधीन है और जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। तब तक सरकार इस पर आगे कोई टिप्पणी करने से बच रही है।
राष्ट्र प्रेस
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