13 जुलाई 2026
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सुंदरबन तट: डूबी नाव से 9 मछुआरों के शव बरामद, 6 अभी भी लापता; तलाशी अभियान जारी

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सुंदरबन तट: डूबी नाव से 9 मछुआरों के शव बरामद, 6 अभी भी लापता; तलाशी अभियान जारी

सारांश

पश्चिम बंगाल के सुंदरबन में 2 जुलाई को शंकरपुर से निकली नाव 'एफबी मां काली' 5 जुलाई के बाद से लापता थी। रविवार को चुल्काठी जंगल के पास डूबी नाव से 9 मछुआरों के शव मिले, 6 अभी भी लापता हैं और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

मुख्य बातें

'एफबी मां काली' नाव 2 जुलाई को शंकरपुर फिशरीज पोर्ट से 15 मछुआरों के साथ रवाना हुई थी।
5 जुलाई के बाद खराब मौसम के कारण नाव से संपर्क टूट गया था।
रविवार को चुल्काठी जंगल के पास डूबी नाव से 9 मछुआरों के शव बरामद किए गए।
नाव बक्खाली तट से लगभग 35 किलोमीटर दूर पलटी हुई मिली थी।
बरामद शव काकद्वीप सब-डिविजनल अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए; 6 मछुआरे अभी भी लापता।
राज्य मंत्री दीपांकर जाना ने घटनास्थल का दौरा किया; अधिकारियों को मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका।

दक्षिण 24 परगना जिले में सुंदरबन के निकट बंगाल की खाड़ी में एक मछली पकड़ने वाली नाव के डूबने की दर्दनाक घटना में नौ मछुआरों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि छह मछुआरे अभी भी लापता हैं। अधिकारियों ने सोमवार, 13 जुलाई को बताया कि 'एफबी मां काली' नामक यह नाव 2 जुलाई को पूर्वी मिदनापुर जिले के शंकरपुर फिशरीज पोर्ट से 15 मछुआरों के साथ रवाना हुई थी और 5 जुलाई के बाद से संपर्क टूट गया था।

मुख्य घटनाक्रम

रविवार को पुलिस, वन विभाग और भारतीय तटरक्षक बल के संयुक्त दल ने चुल्काठी जंगल के पास रक्ताचार इलाके में डूबी हुई नाव का पता लगाया। नाव को सतह पर लाकर तलाशी ली गई तो भीतर से नौ मछुआरों के शव मिले। नाव बक्खाली तट से लगभग 35 किलोमीटर दूर पलटी हुई अवस्था में मिली थी और बाद में उसे सीतारामपुर घाट तक खींचकर लाया गया।

तलाशी अभियान का नेतृत्व

सुंदरबन टाइगर रिजर्व के डिप्टी फील्ड डायरेक्टर चित्रक भट्टाचार्य के नेतृत्व में पुलिस, तटरक्षक बल, वन विभाग और मछुआरा संगठनों का संयुक्त तलाशी अभियान 5 जुलाई से ही जारी था। सोमवार को लापता छह मछुआरों की तलाश के लिए एक नया संयुक्त अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।

सरकार की प्रतिक्रिया

सुंदरबन मामलों के राज्य मंत्री दीपांकर जाना ने नाव को किनारे लाए जाने के बाद घटनास्थल का दौरा किया और तलाशी अभियान की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार को घटना की पूरी जानकारी दे दी गई है और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर विचार-विमर्श जारी है।

आम जनता पर असर

बरामद नौ शवों को पोस्टमार्टम के लिए काकद्वीप सब-डिविजनल अस्पताल भेजा गया है। यह ऐसे समय में आया है जब सुंदरबन क्षेत्र के मछुआरे पहले से ही चक्रवातों और अनिश्चित मौसम की मार झेल रहे हैं। गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी में मानसून के दौरान मछुआरों की नावें डूबने की घटनाएँ हर वर्ष सामने आती हैं, और इस बार 5 जुलाई के बाद इलाके में खराब मौसम को संपर्क टूटने का कारण बताया जा रहा है।

क्या होगा आगे

लापता छह मछुआरों की तलाश के लिए बहु-एजेंसी अभियान जारी है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जब तक सभी लापता व्यक्तियों का पता नहीं चल जाता, तलाशी अभियान रोका नहीं जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु के सटीक कारण और समय का पता चलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सुरक्षा तंत्र आज भी अपर्याप्त है। 'एफबी मां काली' का 5 जुलाई के बाद संपर्क टूटना और फिर 8 दिन बाद शव मिलना यह सवाल उठाता है कि रियल-टाइम ट्रैकिंग और मौसम चेतावनी प्रणाली मछुआरों तक क्यों नहीं पहुँच पाती। बंगाल की खाड़ी में हर मानसून में ऐसी घटनाएँ दोहराई जाती हैं, फिर भी नीतिगत प्रतिक्रिया प्रायः घटना के बाद की समीक्षाओं तक सिमटी रहती है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुंदरबन में कौन-सी नाव डूबी और कब?
'एफबी मां काली' नामक मछली पकड़ने वाली नाव 2 जुलाई को पूर्वी मिदनापुर के शंकरपुर फिशरीज पोर्ट से 15 मछुआरों के साथ रवाना हुई थी। 5 जुलाई के बाद खराब मौसम के कारण नाव से संपर्क टूट गया और रविवार को चुल्काठी जंगल के पास डूबी हुई अवस्था में मिली।
कितने मछुआरे मारे गए और कितने लापता हैं?
अब तक नौ मछुआरों के शव बरामद किए गए हैं और छह मछुआरे अभी भी लापता हैं। अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
तलाशी अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
सुंदरबन टाइगर रिजर्व के डिप्टी फील्ड डायरेक्टर चित्रक भट्टाचार्य के नेतृत्व में पुलिस, भारतीय तटरक्षक बल, वन विभाग और मछुआरा संगठनों का संयुक्त दल तलाशी अभियान चला रहा है। सोमवार को लापता मछुआरों के लिए नया अभियान भी शुरू किया गया।
राज्य सरकार ने इस घटना पर क्या कदम उठाए?
सुंदरबन मामलों के राज्य मंत्री दीपांकर जाना ने नाव को किनारे लाए जाने के बाद घटनास्थल का दौरा कर तलाशी अभियान की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार को घटना की पूरी जानकारी दे दी गई है और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर विचार-विमर्श जारी है।
बरामद शवों को कहाँ भेजा गया है?
नौ बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए काकद्वीप सब-डिविजनल अस्पताल भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु के कारण और समय का पता चलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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