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क्या सुप्रीम कोर्ट ने 'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज पर रोक लगाने से किया इनकार?

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क्या सुप्रीम कोर्ट ने 'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज पर रोक लगाने से किया इनकार?

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज पर रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया है। इस फैसले से फिल्म निर्माताओं को राहत मिली है। जानें इस मामले में कोर्ट का अगला कदम क्या होगा और फिल्म की रिलीज की संभावनाएं।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट ने 'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार किया।
फिल्म की रिलीज के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।
केंद्र सरकार के सुझाए बदलावों के साथ फिल्म रिलीज की जा सकती है।
जावेद की जमानत रद्द करने की याचिका पर सुनवाई टली।
फिल्म कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित है।

नई दिल्ली, २५ जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। सुप्रीम कोर्ट ने कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले को दिल्ली हाईकोर्ट को सौंपते हुए निर्देश दिया कि सभी पक्ष वहां अपनी दलील पेश करें।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने फिल्म पर रोक की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।

इसका मतलब है कि फिल्म के निर्माता केंद्र सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय की समिति द्वारा सुझाए गए छह बदलावों के साथ फिल्म को रिलीज कर सकते हैं। 'उदयपुर फाइल्स' कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित है, जो साल 2022 में उदयपुर में ‘सर तन से जुदा’ नारे के साथ हुआ था। इस घटना ने देशभर में सनसनी फैला दी थी। फिल्म के ट्रेलर और डायलॉग को लेकर विवाद उठा था, जिसके बाद जमीयत ने इसे सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाते हुए रिलीज पर रोक की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने रिलीज पर रोक लगाने से इनकार करते हुए सुझाए गए संशोधनों का पालन करने की बात निर्माताओं से कही।

एडवोकेट बरुण सिन्हा ने बताया, "दिल्ली हाईकोर्ट यह तय करेगी कि केंद्र सरकार के 21 जुलाई 2025 के आदेश से कोई प्रभाव पड़ता है या नहीं। हाईकोर्ट को यह अधिकार है कि वह फिल्म पर कोई आदेश दे या न दे। चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने रिलीज पर रोक नहीं लगाई, इसलिए निर्माता कभी भी फिल्म रिलीज कर सकते हैं। शनिवार और रविवार को छुट्टी होने के कारण हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले रिलीज होने की संभावना ज्यादा है। यह फिल्म निर्माताओं और उन दर्शकों के लिए बड़ी राहत है, जो इस फिल्म को देखना चाहते हैं।

वहीं, कन्हैया लाल हत्याकांड में आरोपी मोहम्मद जावेद की जमानत रद्द करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है। कोर्ट ने जावेद को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। कन्हैया लाल के बेटे और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने राजस्थान हाईकोर्ट के जावेद को जमानत देने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

याचिका में कहा गया है कि जावेद का अपराध गंभीर है, क्योंकि उसने हत्यारों को कन्हैया लाल के ठिकाने और दुकान में उनकी मौजूदगी की जानकारी दी थी, जिससे हत्या को अंजाम देना आसान हुआ। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर जावेद को नोटिस जारी किया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना जरूरी है कि न्यायपालिका का यह निर्णय फिल्म निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। फिल्म की रिलीज से समाज में संवाद और बहस को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, इसे सांप्रदायिक तनाव से जोड़ने की कोशिशें चिंताजनक हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि कला और अभिव्यक्ति को स्वतंत्रता मिले।
RashtraPress
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