सुप्रीम कोर्ट का आदेश: पटियाला नगर निगम के वार्ड 15 और 58 में होंगे नए चुनाव
सारांश
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय ने 16 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के दौरान पटियाला नगर निगम के वार्ड नंबर 15 और वार्ड नंबर 58 में नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने अपने 28 सितंबर 2026 के पुराने आदेश के पैरा 11 और 12 में संशोधन करते हुए इन दोनों वार्डों को पुनर्चुनाव के दायरे में शामिल कर लिया। यह फैसला नवदीप कौर एवं अन्य बनाम गुरमीत सिंह एवं अन्य मामले में दिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
सर्वोच्च न्यायालय ने 16 अक्टूबर 2026 को पंजाब सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद यह संशोधित आदेश पारित किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जस्टिस निर्मलजीत कौर की रिपोर्ट को पूर्ण रूप से स्वीकार करते हुए नए सिरे से चुनाव कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि यह संशोधन पहले से लंबित उस प्रक्रिया का विस्तार है जिसमें कुछ वार्डों में चुनाव अनियमितताओं या विवादों के आधार पर पुनर्मतदान की माँग की गई थी।
धर्मकोट नगर परिषद को राहत नहीं
सर्वोच्च न्यायालय ने धर्मकोट नगर परिषद के वार्ड नंबर 10 और 11 को पुनर्चुनाव की सूची में शामिल करने की माँग अस्वीकार कर दी। अदालत का तर्क था कि चूँकि ये वार्ड जस्टिस निर्मलजीत कौर की रिपोर्ट में शामिल नहीं हैं, इसलिए इन्हें पुनर्चुनाव के दायरे में नहीं लाया जा सकता।
इस प्रकार, दोनों संबंधित आवेदनों का एक साथ निपटारा करते हुए अदालत ने एक स्पष्ट और सीमित आदेश जारी किया — केवल पटियाला के उन्हीं वार्डों तक पुनर्चुनाव सीमित रहेगा जो रिपोर्ट में शामिल हैं।
आम जनता और स्थानीय राजनीति पर असर
पटियाला नगर निगम के वार्ड 15 और 58 के मतदाता अब फिर से अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर पाएँगे। यह फैसला स्थानीय स्वशासन की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिहाज़ से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नगर निकाय चुनावों को लेकर कई विवाद अदालतों में विचाराधीन हैं। सर्वोच्च न्यायालय का यह कदम स्थानीय निकाय चुनावों में न्यायिक निगरानी की भूमिका को रेखांकित करता है।
क्या होगा आगे
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पंजाब सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को पटियाला नगर निगम के वार्ड 15 और 58 में पुनर्चुनाव की तिथि और कार्यक्रम घोषित करना होगा। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार होगी, और किसी भी नई अनियमितता पर कड़ी नज़र रहेगी।