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पटियाला नगर निगम के 28 वार्डों में 18 नवंबर तक दोबारा चुनाव, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आयोग सक्रिय

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पटियाला नगर निगम के 28 वार्डों में 18 नवंबर तक दोबारा चुनाव, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आयोग सक्रिय

सारांश

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद पटियाला नगर निगम के 28 वार्डों में 18 नवंबर तक दोबारा चुनाव होंगे। 2024 में नामांकन छीनने जैसी गड़बड़ियों के कारण रद्द हुए इन चुनावों में अब न्यायिक निगरानी और वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी।

मुख्य बातें

पटियाला नगर निगम के 28 वार्डों में 18 नवंबर 2026 तक दोबारा चुनाव पूरे करने की समयसीमा तय।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पंजाब राज्य चुनाव आयोग ने प्रक्रिया तेज की।
वर्ष 2024 के चुनावों में विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र छीनने-फाड़ने जैसी अनियमितताओं के कारण निर्वाचन रद्द हुआ था।
न्यायालय ने न्यायिक निगरानी और पूरी चुनावी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य की।
जिला चुनाव अधिकारियों को मतदाता सूचियों के संशोधन सहित सभी तैयारियाँ समयबद्ध रूप से पूरी करनी होंगी।

पंजाब राज्य चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पटियाला नगर निगम के 28 वार्डों में दोबारा चुनाव की पूरी प्रक्रिया 18 नवंबर 2026 तक पूरी करने की समयसीमा निर्धारित कर दी है। वर्ष 2024 में हुए निगम चुनावों में गड़बड़ियों के कारण इन वार्डों का निर्वाचन रद्द किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है।

क्यों रद्द हुए थे चुनाव

आयोग की जाँच में सामने आया था कि कई वार्डों में विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया, उनके नामांकन पत्र छीने या फाड़े गए और उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से वंचित किया गया। इन गंभीर अनियमितताओं के आधार पर ही 28 वार्डों के चुनाव निरस्त करते हुए नए सिरे से मतदान कराने का फैसला किया गया।

गौरतलब है कि ये अनियमितताएँ चुनावी प्रक्रिया के कई चरणों में दर्ज की गई थीं — नामांकन से लेकर मतदान तक — जिससे प्रभावित वार्डों में लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व की वैधता पर ही सवाल उठ गया था।

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश और न्यायिक निगरानी

सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा चुनाव की प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए न्यायिक निगरानी के निर्देश दिए हैं। इसके तहत नामांकन दाखिल करने, उनकी जाँच, चुनाव चिह्न आवंटन और मतदान जैसी अहम प्रक्रियाओं की निगरानी की जाएगी।

न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया है कि इन समस्त प्रक्रियाओं की वीडियोग्राफी कराई जाए, ताकि किसी भी शिकायत की स्थिति में साक्ष्य उपलब्ध रहें। यह ऐसे समय में आया है जब स्थानीय निकाय चुनावों में पारदर्शिता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो रही है।

तैयारियों की स्थिति

18 नवंबर की समयसीमा को देखते हुए जिला चुनाव अधिकारियों को मतदाता सूचियों के संशोधन सहित सभी प्रशासनिक तैयारियाँ समयबद्ध तरीके से पूरी करनी होंगी। संबंधित वार्डों में चुनावी गतिविधियाँ तेज होने की उम्मीद है।

पूरी प्रक्रिया पर राजनीतिक दलों और स्थानीय निवासियों की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इन वार्डों में पिछली बार निष्पक्ष मतदान नहीं हो सका था।

आम जनता पर असर

दोबारा चुनाव का मुख्य उद्देश्य पटियाला के उन 28 वार्डों के मतदाताओं को उनका वैध प्रतिनिधि चुनने का अधिकार दिलाना है, जिन्हें पहली बार यह अवसर ठीक से नहीं मिल पाया था। न्यायिक निगरानी और वीडियोग्राफी जैसे कदम मतदाताओं में विश्वास बहाल करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

आगे क्या होगा

पंजाब राज्य चुनाव आयोग द्वारा तय 18 नवंबर 2026 की समयसीमा अब इस पूरी प्रक्रिया की कसौटी है। यदि सभी चरण निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरे हुए, तो पटियाला नगर निगम के ये 28 वार्ड अपने नए पार्षद इस महीने के अंत तक पा सकेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्थानीय निकाय चुनावों में संरचनात्मक कमज़ोरियों का प्रतिबिंब है — जहाँ नामांकन के चरण में ही लोकतंत्र कमज़ोर पड़ जाता है। सुप्रीम कोर्ट का न्यायिक निगरानी का आदेश स्वीकार करना इस बात का संकेत है कि राज्य चुनाव आयोग अकेले निष्पक्षता सुनिश्चित करने में सक्षम नहीं पाया गया। असली सवाल यह है कि क्या वीडियोग्राफी और निगरानी जैसे तात्कालिक उपाय उस राजनीतिक दबाव को रोक पाएँगे जो 2024 में काम कर गया था — या फिर यह चुनाव भी विवादों में घिर जाएगा।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटियाला नगर निगम के 28 वार्डों में दोबारा चुनाव क्यों हो रहे हैं?
वर्ष 2024 में हुए पटियाला नगर निगम चुनावों में इन 28 वार्डों में गंभीर अनियमितताएँ पाई गई थीं, जिनमें विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र छीनना या फाड़ना और उन्हें चुनाव लड़ने से रोकना शामिल था। इन कारणों से उक्त वार्डों का निर्वाचन रद्द कर दिया गया और सुप्रीम कोर्ट ने नए सिरे से चुनाव कराने के आदेश दिए।
दोबारा चुनाव कब तक पूरे होंगे?
पंजाब राज्य चुनाव आयोग ने 18 नवंबर 2026 तक पूरी चुनावी प्रक्रिया संपन्न करने की समयसीमा तय की है। इसके लिए जिला चुनाव अधिकारियों को मतदाता सूचियों के संशोधन सहित सभी तैयारियाँ समयबद्ध तरीके से पूरी करनी होंगी।
सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा चुनाव में क्या निर्देश दिए हैं?
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए न्यायिक निगरानी का आदेश दिया है। नामांकन दाखिल करने, उसकी जाँच, चुनाव चिह्न आवंटन और मतदान जैसी सभी प्रक्रियाओं की वीडियोग्राफी भी अनिवार्य की गई है।
इन चुनावों में कितने वार्ड प्रभावित हैं और किन्हें फर्क पड़ेगा?
पटियाला नगर निगम के कुल 28 वार्डों में दोबारा मतदान होगा। इन वार्डों के मतदाता, जिन्हें 2024 में निष्पक्ष चुनाव का अवसर नहीं मिला, अब अपना वैध प्रतिनिधि चुन सकेंगे।
पटियाला नगर निगम चुनाव में गड़बड़ियाँ क्या थीं?
आयोग की जाँच के अनुसार, कई वार्डों में विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया, उनके नामांकन पत्र छीने या फाड़े गए और उन्हें चुनाव लड़ने से वंचित किया गया। इन अनियमितताओं को आधार बनाकर 28 वार्डों के चुनाव रद्द किए गए।
राष्ट्र प्रेस
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