ITBP प्रमुख की चीन टिप्पणी पर कांग्रेस का हमला: सुप्रिया श्रीनेत बोलीं — राहुल पर नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा पर जवाब दे सरकार
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला, जब भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों के साथ हुए आमने-सामने की जानकारी दी। श्रीनेत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय सुरक्षा पर जवाबदेही लेने के बजाय लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना में व्यस्त हैं।
ITBP प्रमुख की टिप्पणी ने छेड़ा विवाद
ITBP महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को स्वीकार किया कि हाल के दिनों में अरुणाचल प्रदेश में सीमा के निकट कई स्थानों पर चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना हुआ है और यह स्थिति अभी भी जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अभी चीन के सैन्य आधुनिकीकरण के स्तर तक नहीं पहुँचा है। इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में तत्काल हलचल मचा दी।
गौरतलब है कि यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर कूटनीतिक तनाव पहले से ही चर्चा में है। गलवान घाटी संघर्ष के बाद से सीमावर्ती क्षेत्रों में दोनों देशों की सैन्य गतिविधियाँ निरंतर बढ़ी हैं।
कांग्रेस का आरोप — सरकार चीन की भाषा बोल रही है
श्रीनेत ने केंद्र सरकार पर चीन के सामने झुकने का आरोप लगाते हुए कहा, 'गलवान में हमारे सैनिकों के शहीद होने के बावजूद चीन को क्लीन चिट दे दी गई। आप चीन की भाषा बोलते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि जब ITBP के महानिदेशक खुद यह स्वीकार करते हैं कि भारत अभी तक चीन के स्तर तक आधुनिक नहीं हुआ, तो यह जिम्मेदारी सीधे प्रधानमंत्री की है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री कांग्रेस और राहुल गांधी की आलोचना करने में व्यस्त हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर उनके बयान रक्षा बलों के लिए एक झटका हैं।'
वाम दलों की प्रतिक्रिया — दो अलग सुर
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI-M के नेता हन्नान मोल्लाह ने सरकार से इस मामले को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की अपील की। उन्होंने कहा, 'यह तनाव अरुणाचल प्रदेश के आम लोगों के जीवन और सुरक्षा को प्रभावित करता है। दो देशों के बीच के मुद्दों को आम जनता नहीं सुलझा सकती — नेताओं को एक साथ बैठकर कूटनीतिक और राजनीतिक तरीकों से हल निकालना होगा।'
दूसरी ओर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के सांसद पी. संतोष कुमार ने सरकार और सुरक्षा बलों के साथ एकजुटता दिखाते हुए कहा, 'हमारी क्षेत्रीय अखंडता की हर कीमत पर रक्षा की जानी चाहिए। हम भारत सरकार और अपने बलों के साथ खड़े हैं। साथ ही बातचीत और चर्चा ही इसका समाधान है और द्विपक्षीय चर्चाओं को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।'
पूर्व DGP की व्याख्या — चीन है 'दादागीरी करने वाला देश'
जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस.पी. वैद ने ITBP प्रमुख के बयान को संदर्भ में रखते हुए स्पष्ट किया कि आमना-सामना इसलिए हो रहा है क्योंकि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) की आदत है अपने सभी पड़ोसी देशों को डराना-धमकाना। उन्होंने कहा, 'इसका यह मतलब नहीं है कि उन्होंने भारतीय जमीन पर कब्जा कर लिया है — भारत एक दादागीरी करने वाले देश को उसी की भाषा में जवाब दे रहा है।' उन्होंने याद दिलाया कि चीन उन 21 देशों को धमकाता है जिनके साथ उसकी सीमाएँ लगती हैं।
आगे क्या होगा
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब संसद का शीतकालीन सत्र नजदीक है और विपक्ष इस मुद्दे को सदन में उठाने की तैयारी में है। अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर स्थिति की निगरानी जारी है और केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ITBP प्रमुख के बयान पर सरकारी स्पष्टीकरण जल्द आवश्यक होगा।