24 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ITBP प्रमुख की चीन टिप्पणी पर कांग्रेस का हमला: सुप्रिया श्रीनेत बोलीं — राहुल पर नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा पर जवाब दे सरकार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ITBP प्रमुख की चीन टिप्पणी पर कांग्रेस का हमला: सुप्रिया श्रीनेत बोलीं — राहुल पर नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा पर जवाब दे सरकार

सारांश

ITBP प्रमुख ने माना — अरुणाचल में चीनी सैनिकों से आमना-सामना जारी है और भारत अभी चीन के आधुनिकीकरण स्तर तक नहीं पहुँचा। इस बयान के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा। सवाल यह है: जब सीमा पर सच्चाई ITBP खुद बोल रही है, तो सरकार राहुल गांधी पर क्यों बोल रही है?

मुख्य बातें

ITBP महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने 22 अक्टूबर 2026 को स्वीकार किया कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना हाल के दिनों में कई स्थानों पर हुआ है और स्थिति अभी जारी है।
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि PM मोदी राष्ट्रीय सुरक्षा पर जवाब देने के बजाय राहुल गांधी की आलोचना में व्यस्त हैं।
CPI-M नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा कि तनाव अरुणाचल प्रदेश के आम लोगों की सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है और कूटनीतिक समाधान जरूरी है।
संतोष कुमार ने सरकार और सुरक्षा बलों के साथ एकजुटता जताई, लेकिन द्विपक्षीय वार्ता को भी जरूरी बताया।
वैद ने ITBP प्रमुख के बयान को स्पष्ट करते हुए चीन को उन 21 देशों को धमकाने वाला देश बताया जिनके साथ उसकी सीमाएँ लगती हैं।

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला, जब भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों के साथ हुए आमने-सामने की जानकारी दी। श्रीनेत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय सुरक्षा पर जवाबदेही लेने के बजाय लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना में व्यस्त हैं।

ITBP प्रमुख की टिप्पणी ने छेड़ा विवाद

ITBP महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को स्वीकार किया कि हाल के दिनों में अरुणाचल प्रदेश में सीमा के निकट कई स्थानों पर चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना हुआ है और यह स्थिति अभी भी जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अभी चीन के सैन्य आधुनिकीकरण के स्तर तक नहीं पहुँचा है। इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में तत्काल हलचल मचा दी।

गौरतलब है कि यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर कूटनीतिक तनाव पहले से ही चर्चा में है। गलवान घाटी संघर्ष के बाद से सीमावर्ती क्षेत्रों में दोनों देशों की सैन्य गतिविधियाँ निरंतर बढ़ी हैं।

कांग्रेस का आरोप — सरकार चीन की भाषा बोल रही है

श्रीनेत ने केंद्र सरकार पर चीन के सामने झुकने का आरोप लगाते हुए कहा, 'गलवान में हमारे सैनिकों के शहीद होने के बावजूद चीन को क्लीन चिट दे दी गई। आप चीन की भाषा बोलते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि जब ITBP के महानिदेशक खुद यह स्वीकार करते हैं कि भारत अभी तक चीन के स्तर तक आधुनिक नहीं हुआ, तो यह जिम्मेदारी सीधे प्रधानमंत्री की है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री कांग्रेस और राहुल गांधी की आलोचना करने में व्यस्त हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर उनके बयान रक्षा बलों के लिए एक झटका हैं।'

वाम दलों की प्रतिक्रिया — दो अलग सुर

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI-M के नेता हन्नान मोल्लाह ने सरकार से इस मामले को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की अपील की। उन्होंने कहा, 'यह तनाव अरुणाचल प्रदेश के आम लोगों के जीवन और सुरक्षा को प्रभावित करता है। दो देशों के बीच के मुद्दों को आम जनता नहीं सुलझा सकती — नेताओं को एक साथ बैठकर कूटनीतिक और राजनीतिक तरीकों से हल निकालना होगा।'

दूसरी ओर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के सांसद पी. संतोष कुमार ने सरकार और सुरक्षा बलों के साथ एकजुटता दिखाते हुए कहा, 'हमारी क्षेत्रीय अखंडता की हर कीमत पर रक्षा की जानी चाहिए। हम भारत सरकार और अपने बलों के साथ खड़े हैं। साथ ही बातचीत और चर्चा ही इसका समाधान है और द्विपक्षीय चर्चाओं को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।'

पूर्व DGP की व्याख्या — चीन है 'दादागीरी करने वाला देश'

जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस.पी. वैद ने ITBP प्रमुख के बयान को संदर्भ में रखते हुए स्पष्ट किया कि आमना-सामना इसलिए हो रहा है क्योंकि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) की आदत है अपने सभी पड़ोसी देशों को डराना-धमकाना। उन्होंने कहा, 'इसका यह मतलब नहीं है कि उन्होंने भारतीय जमीन पर कब्जा कर लिया है — भारत एक दादागीरी करने वाले देश को उसी की भाषा में जवाब दे रहा है।' उन्होंने याद दिलाया कि चीन उन 21 देशों को धमकाता है जिनके साथ उसकी सीमाएँ लगती हैं।

आगे क्या होगा

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब संसद का शीतकालीन सत्र नजदीक है और विपक्ष इस मुद्दे को सदन में उठाने की तैयारी में है। अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर स्थिति की निगरानी जारी है और केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ITBP प्रमुख के बयान पर सरकारी स्पष्टीकरण जल्द आवश्यक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

असाधारण रूप से स्पष्ट है — और यही इसे राजनीतिक रूप से विस्फोटक बनाता है। विपक्ष इसका इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन असली सवाल यह है कि गलवान के छह साल बाद भी सरकारी बयान और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई क्यों बनी हुई है। पूर्व DGP वैद की 'दादागीरी' वाली व्याख्या तथ्यात्मक रूप से सही हो सकती है, लेकिन यह नागरिकों और जवानों की उस चिंता का जवाब नहीं देती जो सीमा पर प्रतिदिन आमना-सामना झेलते हैं। जब तक सरकार संसद में खुलकर इस पर बोलने से कतराती रहेगी, विपक्ष के पास इस आख्यान को आकार देने की खुली जगह बनी रहेगी।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ITBP महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने चीन के बारे में क्या कहा?
ITBP महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने 22 अक्टूबर 2026 को बताया कि हाल के दिनों में अरुणाचल प्रदेश में सीमा के पास कई स्थानों पर चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना हुआ है और यह स्थिति अभी भी जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अभी तक चीन के सैन्य आधुनिकीकरण के स्तर तक नहीं पहुँचा है।
सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चीन के सामने झुक रही है और PM मोदी राष्ट्रीय सुरक्षा पर जवाबदेही लेने के बजाय राहुल गांधी की आलोचना में व्यस्त हैं। उन्होंने गलवान में सैनिकों की शहादत के बावजूद चीन को 'क्लीन चिट' देने का भी आरोप लगाया।
अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन आमना-सामना से आम लोगों पर क्या असर पड़ रहा है?
CPI-M नेता हन्नान मोल्लाह के अनुसार यह तनाव अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों के जीवन और सुरक्षा को सीधे प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन लोगों में असंतोष है और सरकार को कूटनीतिक तरीकों से समाधान निकालना चाहिए।
पूर्व DGP एस.पी. वैद ने ITBP प्रमुख के बयान की क्या व्याख्या की?
जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस.पी. वैद ने कहा कि ITBP प्रमुख का आशय यह था कि चीन अपने सभी 21 पड़ोसी देशों को डराता-धमकाता है और भारत उसे उसी की भाषा में जवाब दे रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका यह अर्थ नहीं है कि चीन ने भारतीय जमीन पर कब्जा कर लिया है।
विपक्षी दलों ने इस मामले में एकजुट रुख अपनाया या अलग-अलग?
विपक्ष में इस मुद्दे पर मिला-जुला रुख दिखा। कांग्रेस और CPI-M ने सरकार की आलोचना की, जबकि CPI सांसद पी. संतोष कुमार ने सरकार और सुरक्षा बलों के साथ एकजुटता जताई और साथ ही द्विपक्षीय वार्ता को समाधान बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 52 मिनट पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले