निराला की पुण्यतिथि: शिवराज, रेखा गुप्ता समेत कई मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
हिंदी साहित्य के छायावादी युग के महान स्तंभ सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की पुण्यतिथि पर 15 अक्टूबर 2026 को देशभर के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित अनेक नेताओं ने उनकी कालजयी रचनाओं को नमन किया। निराला जी की रचनाएँ आज भी हिंदी साहित्य प्रेमियों के हृदय में अमर हैं।
केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पोस्ट में लिखा, "मां सरस्वती के वरद पुत्र, हिंदी साहित्य के छायावादी युग के प्रमुख स्तंभ और महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आपकी रचनाएं साहित्य जगत की अमूल्य निधि हैं।" उन्होंने आगे कहा कि निराला जी की कविताएँ, कहानियाँ और उपन्यास साहित्य प्रेमियों के हृदय को सदैव आलोकित करते रहेंगे।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भी उन्हें नमन करते हुए कहा कि हिंदी साहित्य में निराला जी का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने लिखा कि उनकी कविताएँ, कहानियाँ और उपन्यास साहित्य प्रेमियों के हृदय को अप्रतिम आनंद से आलोकित करते रहेंगे।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विशेष रूप से निराला की महाकाव्यात्मक रचना 'राम की शक्ति पूजा' का उल्लेख करते हुए लिखा कि उन्होंने काव्य रूढ़ियों को तोड़कर मुक्त छंद को नई प्रतिष्ठा दी। उन्होंने निराला को 'क्रांतिकारी चेतना के संवाहक' के रूप में याद किया।
राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने किया नमन
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा कि निराला जी की लेखनी में समाज की पीड़ा के प्रति संवेदना, अन्याय के विरुद्ध विद्रोह और मानवीय मूल्यों के प्रति गहरी निष्ठा थी। उनके अनुसार, निराला का साहित्य आने वाली पीढ़ियों को सत्य, स्वाभिमान और सामाजिक समरसता के मार्ग पर प्रेरित करता रहेगा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि निराला जी की रचनाएँ सदैव सामाजिक न्याय और मानवीय मूल्यों के प्रति प्रेरित करती रहेंगी। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें 'शत् शत् नमन' करते हुए हिंदी साहित्य को उनके कालजयी योगदान को स्मरणीय बताया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि निराला जी की साहित्य साधना और विचारों की ओजस्विता सदैव साहित्य प्रेमियों को प्रेरित करती रहेगी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उन्हें 'हिंदी साहित्य को पल्लवित करने वाले महान कवि, उपन्यासकार, निबंधकार' के रूप में विनम्र श्रद्धांजलि दी।
निराला का साहित्यिक योगदान
गौरतलब है कि सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' हिंदी छायावाद के चार प्रमुख स्तंभों में से एक माने जाते हैं। उन्होंने 'राम की शक्ति पूजा', 'सरोज स्मृति', 'जूही की कली' जैसी अमर रचनाएँ हिंदी साहित्य को दीं। मुक्त छंद को हिंदी कविता में प्रतिष्ठित करने का श्रेय भी निराला को जाता है।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में हिंदी साहित्य और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं। निराला जी की पुण्यतिथि पर राजनीतिक नेतृत्व की यह एकजुट श्रद्धांजलि हिंदी भाषा और उसके महान साहित्यकारों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
आम जनता और साहित्य जगत पर असर
निराला जी की रचनाएँ आज भी स्कूल कॉलेज के पाठ्यक्रमों का अभिन्न हिस्सा हैं, और उनकी पुण्यतिथि पर यह राष्ट्रव्यापी श्रद्धांजलि नई पीढ़ी को उनके साहित्य से परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण अवसर बनती है। साहित्यिक संस्थाओं और विश्वविद्यालयों में भी इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जिससे उनका साहित्यिक विरासत जीवित रहता है।