कर्नाटक में इबोला का संदिग्ध मामला निगेटिव: स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडूराव ने दी राहत की खबर
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडूराव ने 27 मई 2026 को पुष्टि की कि बेंगलुरु में इबोला वायरस के एक संदिग्ध मामले की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करें। स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अब तक किसी भी व्यक्ति में इबोला संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।
मामले का पूरा घटनाक्रम
एक 28 वर्षीय महिला हाल ही में युगांडा से बेंगलुरु पहुंची थी। इबोला वायरस के संभावित संपर्क को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने उसे तत्काल आइसोलेशन में रखने का निर्देश दिया और जांच के लिए सैंपल एकत्र किए गए। जांच रिपोर्ट में इबोला वायरस की पुष्टि नहीं हुई, जिससे राज्य में व्याप्त चिंता कम हुई।
गुंडूराव ने स्पष्ट किया, 'राज्य में जांच के बाद इबोला वायरस से जुड़ी रिपोर्ट निगेटिव आई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि जिस व्यक्ति के इबोला वायरस से संक्रमित होने की बात कही जा रही थी, उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।'
राज्य की तैयारी और निगरानी तंत्र
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशानिर्देशों के बाद कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में निगरानी तेज कर दी है। यह दिशानिर्देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में इबोला वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनज़र जारी किए गए हैं, जहाँ अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया जा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इबोला वायरस से जुड़े सैंपल पहले बेंगलुरु स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे जाते हैं और फिर अंतिम पुष्टि के लिए पुणे के एनआईवी में परीक्षण किया जाता है।
समर्पित उपचार केंद्र घोषित
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बेंगलुरु स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट डिजीज को आधिकारिक आइसोलेशन सेंटर घोषित किया गया है। वहीं, महामारी रोग अस्पताल को क्वारंटीन और ट्रीटमेंट सेंटर के रूप में नामित किया गया है। यह व्यवस्था WHO प्रोटोकॉल के अनुरूप की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री की जनता से अपील
दिनेश गुंडूराव ने जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य विभाग वैश्विक और राज्य स्तर पर स्थिति पर करीब से नज़र बनाए हुए है। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि विभाग हर प्रकार की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और स्वास्थ्य अधिकारियों के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अफ्रीका में इबोला के बढ़ते मामलों ने वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। भारत में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की स्क्रीनिंग और निगरानी प्रणाली की मज़बूती अब और अधिक प्रासंगिक हो गई है।