क्या तमिलनाडु के सीएम स्टालिन 10 लाख कॉलेज छात्रों को लैपटॉप वितरित करेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- 10 लाख लैपटॉप का वितरण छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।
- यह पहल डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देती है।
- राज्य सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से वंचित छात्रों को तकनीकी शिक्षा में सहायता करना है।
- लैपटॉप में उन्नत तकनीक और सॉफ्टवेयर शामिल होंगे।
- यह योजना छात्रों की रोजगार क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगी।
चेन्नई, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन सोमवार को अपनी सरकार की महत्वपूर्ण डिजिटल सशक्तिकरण योजना, "उलगम उंगल कैयिल" (दुनिया आपके हाथों में) के पहले चरण का आरंभ करेंगे, जिसका उद्देश्य राज्य के कॉलेज छात्रों के बीच तकनीकी पहुंच को बढ़ाना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन चेन्नई ट्रेड सेंटर में दोपहर 3 बजे होगा, जिसमें उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन भी शामिल होंगे।
इस योजना के पहले चरण में, राज्य सरकार सरकारी संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को 10 लाख लैपटॉप वितरित करेगी।
लाभार्थियों में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, कला और विज्ञान कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय, विधि कॉलेज, पॉलिटेक्निक और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में नामांकित छात्र शामिल हैं।
यह पहल कॉलेज के छात्रों को कुल 20 लाख लैपटॉप उपलब्ध कराने की एक व्यापक दो-चरणीय योजना का हिस्सा है, जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री ने पहले ही कर दी थी।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित छात्र तेजी से तकनीकी-आधारित शिक्षा और रोजगार परिदृश्य में पीछे न छूट जाएं।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह कार्यक्रम द्रविड़ मॉडल सरकार की छात्र-केंद्रित कल्याणकारी पहलों, जैसे तमिल पुधलवन, पुधुमई पेन, प्रथम स्नातक छात्रवृत्ति, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति और सामाजिक न्याय छात्रावासों पर आधारित है।
इस योजना के तहत वितरित किए जाने वाले लैपटॉप डेल, एसर और एचपी जैसे प्रमुख वैश्विक निर्माताओं से मंगवाए गए हैं। प्रत्येक डिवाइस में इंटेल आई3 या एएमडी रायजेन 3 प्रोसेसर, 8 जीबी रैम और 256 जीबी एसएसडी स्टोरेज होगा। लैपटॉप में विंडोज 11, बॉस लिनक्स और एमएस ऑफिस 365 पहले से इंस्टॉल होंगे, साथ ही एआई-संचालित परप्लेक्सिटी प्रो प्लेटफॉर्म की छह महीने की मुफ्त सदस्यता भी मिलेगी।
लाभार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाला लैपटॉप बैग भी मिलेगा।
राज्य सरकार ने कहा कि यह पहल केवल अकादमिक शिक्षा को समर्थन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य छात्रों की डिजिटल साक्षरता, सॉफ्टवेयर कौशल और एआई उपकरण, कोडिंग प्लेटफॉर्म और फ्रीलांसिंग इकोसिस्टम जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों से परिचित कराकर उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना भी है।