तमिलनाडु राशन दुकानों पर 29 अगस्त को फिंगरप्रिंट कैंप, 96.21% लाभार्थियों का बायोमेट्रिक पूरा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार ने 29 अगस्त 2026 (शनिवार) को राज्य की सभी उचित मूल्य की दुकानों (फेयर प्राइस शॉप्स) पर एक विशेष राज्य-स्तरीय कैंप आयोजित करने की घोषणा की है। इस कैंप में इलेक्ट्रॉनिक फैमिली कार्ड से जुड़े लाभार्थियों का फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन (बायोमेट्रिक सत्यापन) पूरा किया जाएगा। कैंप सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे IST तक चलेगा।
कैंप का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश दिया था कि नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) के तहत इलेक्ट्रॉनिक राशन कार्ड से जुड़े हर लाभार्थी का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। इस निर्देश के अनुपालन में तमिलनाडु ने अक्टूबर 2023 में फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन का अभियान शुरू किया था। इस प्रक्रिया में 'प्रायोरिटी हाउसहोल्ड' श्रेणी और 'अंत्योदय अन्न योजना' कार्ड धारक दोनों शामिल हैं।
अब तक की प्रगति
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, अब तक 'प्रायोरिटी राशन कार्ड' वाले 96.21 प्रतिशत लाभार्थियों का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। यह कैंप शेष बचे लाभार्थियों को कवर कर पूरे राज्य में 100 प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य हासिल करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार खाद्य सुरक्षा योजनाओं में पारदर्शिता और डुप्लीकेशन रोकने पर विशेष ज़ोर दे रही है।
किन लाभार्थियों के लिए है यह कैंप
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष कैंप मुख्यतः उन परिवार के सदस्यों के लिए है, जिनके फिंगरप्रिंट अभी तक दर्ज या सत्यापित नहीं हो पाए हैं। ऐसे लाभार्थियों से अपील की गई है कि वे 29 अगस्त को निर्धारित समय के भीतर अपनी नज़दीकी राशन की दुकान पर जाएं और प्रक्रिया पूरी करें। राशन की दुकान के कर्मचारी इस दौरान सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे।
सरकार की अपील और आश्वासन
सरकार ने परिवारों से अनुरोध किया है कि वे सुनिश्चित करें कि घर के सभी बकाया सदस्यों का वेरिफिकेशन जल्द से जल्द पूरा हो जाए। राशन की दुकान के कर्मचारियों को पहले से ही यह निर्देश दिया गया है कि बायोमेट्रिक प्रक्रिया के दौरान नियमित राशन वितरण में कोई बाधा न आए और कार्ड धारकों को अनावश्यक परेशानी न हो। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस एकल कैंप से लाभार्थियों को बार-बार दुकान के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
आगे क्या होगा
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा होने के बाद, सरकार के अनुसार, नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत खाद्य सुरक्षा लाभ बिना किसी देरी के सही लाभार्थियों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी। यह कदम भविष्य में फर्ज़ी लाभार्थियों पर अंकुश लगाने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।