बायोमेट्रिक UPI लेनदेन जून में 611 मिलियन पार, ₹25,416 करोड़ की वैल्यू: NPCI
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 8 जुलाई 2026 को जारी आँकड़ों में बताया कि जून 2026 में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन आधारित UPI लेनदेन की संख्या 611 मिलियन से अधिक रही, और इन लेनदेन की कुल वैल्यू ₹25,416 करोड़ दर्ज की गई। यह आँकड़ा भारत में डिजिटल भुगतान की बढ़ती स्वीकार्यता और पिन-मुक्त लेनदेन की ओर उपभोक्ताओं के तेज़ झुकाव को रेखांकित करता है।
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन क्या है और यह कैसे काम करता है
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के तहत UPI यूज़र्स अपने स्मार्टफोन में फिंगरप्रिंट या फेशियल रिकग्निशन के ज़रिए बिना UPI पिन दर्ज किए भुगतान पूरा कर सकते हैं। यह ऑन-डिवाइस प्रक्रिया UPI पिन पर निर्भरता घटाती है, लेनदेन की गति बढ़ाती है और सफलता दर (सक्सेस रेट) को बेहतर बनाती है। यह सुविधा पर्सन-टू-पर्सन (P2P) और पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) — दोनों प्रकार के भुगतान को सपोर्ट करती है।
NPCI की प्रतिक्रिया और विशेषज्ञ राय
NPCI की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ग्रोथ) सोहिनी राजोला ने कहा, 'बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को तेज़ी से अपनाए जाने से पता चलता है कि UPI यूज़र्स आसान और कुशल पेमेंट अनुभव को ज़्यादा पसंद कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि कई बैंक और UPI ऐप्स पहले से ही अपने ग्राहकों को यह सुविधा दे रहे हैं और आने वाले महीनों में इसका उपयोग और बढ़ने की उम्मीद है।
RuPay क्रेडिट कार्ड तक विस्तार
गौरतलब है कि बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अब UPI पर RuPay क्रेडिट कार्ड लेनदेन के लिए भी उपलब्ध है। इससे यूज़र्स बिना पिन के क्रेडिट भुगतान कर सकते हैं — वही सुविधा और गति जो अब तक केवल सेविंग्स अकाउंट लेनदेन में मिलती थी। यह विस्तार UPI के उपयोग को क्रेडिट इकोसिस्टम में और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
डिजिटल भुगतान पर व्यापक असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में UPI लेनदेन की कुल मात्रा लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। NPCI के अनुसार, बायोमेट्रिक फीचर का बढ़ता उपयोग सुरक्षित और सहज डिजिटल भुगतान की दिशा में एक बड़े बदलाव का संकेत है। आने वाले महीनों में अधिक बैंकों और ऐप्स द्वारा इस सुविधा को और व्यापक रूप से लागू किए जाने की संभावना है, जिससे UPI की स्थिति भारतीय फिनटेक परिदृश्य में और मज़बूत होगी।