तमिलनाडु में राशन दुकानों पर दो दिवसीय ई-केवाईसी अभियान, 95.86% कवरेज के बाद बचे लाभार्थियों पर फोकस
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार ने 8 अगस्त 2026 को राज्यभर की सभी उचित मूल्य की दुकानों पर एक दो दिवसीय विशेष ई-केवाईसी अभियान शुरू किया, जिसका उद्देश्य उन राशन कार्ड लाभार्थियों को आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा कराना है जो अब तक इस प्रक्रिया से वंचित रह गए हैं। यह विशेष कैंप 8 और 9 अगस्त को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे IST तक संचालित किए जा रहे हैं।
अभियान का उद्देश्य और दायरा
इस पहल का लक्ष्य प्राथमिकता प्राप्त परिवारों (PHH) और अंत्योदय अन्न योजना (AAY) राशन कार्ड धारकों के बीच 100 प्रतिशत ई-केवाईसी कवरेज हासिल करना है। आधिकारिक बयान के अनुसार, तमिलनाडु पहले ही प्राथमिकता राशन कार्ड के तहत आने वाले 95.86 प्रतिशत लाभार्थियों का सत्यापन पूरा कर चुका है। यह सप्ताहांत अभियान उन शेष लाभार्थियों पर केंद्रित है जिन्होंने अपने फिंगरप्रिंट अभी तक दर्ज नहीं कराए हैं।
केंद्र सरकार का निर्देश और कानूनी आधार
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को इलेक्ट्रॉनिक राशन कार्ड से जुड़े लाभार्थियों के आधार विवरण का सत्यापन करने का निर्देश दिया है। इस प्रक्रिया में लाभार्थियों को पहचान की पुष्टि के लिए मुख्य रूप से फिंगरप्रिंट वेरिफिकेशन के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से गुज़रना आवश्यक है।
तमिलनाडु की ई-केवाईसी यात्रा
गौरतलब है कि तमिलनाडु अक्टूबर 2023 से राशन कार्ड से जुड़े परिवार के सदस्यों का ई-केवाईसी सत्यापन कर रहा है। यह प्रक्रिया राशन की दुकानों के माध्यम से ही संचालित की जा रही है, ताकि लाभार्थियों को आवश्यक वस्तुओं के नियमित वितरण में कोई बाधा न आए। यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी और लक्षित बनाने की राष्ट्रीय प्राथमिकता है।
आम जनता पर असर
आधार-आधारित प्रमाणीकरण का मकसद PDS के ज़रिए सब्सिडी वाला अनाज पाने वाले लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करना और यह गारंटी देना है कि खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के लाभ केवल पात्र परिवारों तक पहुँचें। जो लाभार्थी नियमित वेरिफिकेशन प्रक्रिया में ई-केवाईसी पूरा नहीं कर पाए थे, उन्हें इस विशेष अभियान के ज़रिए एक अतिरिक्त अवसर दिया जा रहा है।
आगे की राह
राज्य में लगभग पूर्ण कवरेज की स्थिति को देखते हुए, यह दो दिवसीय अभियान अंतिम अंतर को पाटने का प्रयास है। यदि यह अभियान सफल रहा, तो तमिलनाडु राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा ढाँचे के तहत 100 प्रतिशत ई-केवाईसी हासिल करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।