11 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तमिलनाडु मंदिरों में फोन पाबंदी में ढील: बंद रखने पर अनुमति, फोटोग्राफी पर रोक बरकरार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तमिलनाडु मंदिरों में फोन पाबंदी में ढील: बंद रखने पर अनुमति, फोटोग्राफी पर रोक बरकरार

सारांश

तमिलनाडु के मंदिरों में 1 सितंबर से लागू सख्त फोन पाबंदी में HR&CE विभाग ने ढील दी है — श्रद्धालु अब बंद फोन साथ रख सकते हैं, लेकिन फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग पर रोक बरकरार है। उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान भी है।

मुख्य बातें

HR&CE विभाग ने 1 सितंबर 2026 को लागू पूर्ण फोन प्रतिबंध में ढील दी; अब बंद फोन मंदिर परिसर में ले जाने की अनुमति है।
मंदिर परिसर के भीतर फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग पर प्रतिबंध पहले की तरह जारी रहेगा; उल्लंघन पर जुर्माना लगेगा।
तिरुची जिले के पाँच मंदिरों — श्रीरंगम, समयपुरम, तिरुवनाइकोइल, वोरैयूर और रॉकफोर्ट — में संशोधित नियम लागू।
वोरैयूर और तिरुवनाइकोइल मंदिरों में फोन जमा सेवा ₹5 प्रति फोन ; श्रीरंगम, समयपुरम और रॉकफोर्ट में यह सेवा निःशुल्क ।
प्रवेश द्वारों पर बैनर और लाउडस्पीकर से संशोधित नियमों की जानकारी दी जा रही है।

हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग (HR&CE) ने तमिलनाडु के प्रमुख मंदिरों में मोबाइल फोन संबंधी नियमों में संशोधन किया है — श्रद्धालु अब फोन अंदर ले जा सकते हैं, बशर्ते वह पूरी तरह बंद रहे। यह निर्णय 1 सितंबर 2026 को लागू किए गए पूर्ण प्रतिबंध के विरुद्ध श्रद्धालुओं की व्यापक आपत्तियों के बाद आया है। मंदिर परिसर के भीतर फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग पर प्रतिबंध पहले की तरह जारी रहेगा।

संशोधित व्यवस्था का दायरा

तिरुची जिले के पाँच प्रमुख पूजा स्थलों पर यह संशोधित नियम लागू किए गए हैं — श्रीरंगम स्थित श्री रंगनाथस्वामी मंदिर, समयपुरम मरिअम्मन मंदिर, तिरुवनाइकोइल का जंबुकेश्वर मंदिर, वोरैयूर का वेक्कली अम्मन मंदिर और रॉकफोर्ट स्थित अरुलमिगु थायुमानवर स्वामी मंदिर।

मंदिर प्रशासन ने प्रवेश द्वारों पर संशोधित नियमों की जानकारी देने वाले बैनर लगाने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही लाउडस्पीकर के ज़रिए भी घोषणाएँ की जा रही हैं ताकि आगंतुकों को फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग पर जारी प्रतिबंध की जानकारी मिल सके।

पुरानी व्यवस्था में क्या था समस्या

1 सितंबर से लागू प्रतिबंध के तहत श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश करने से पहले अपना फोन जमा काउंटरों पर देना अनिवार्य था। व्यस्त समय में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के फोन जमा करने और वापस करने में देरी की व्यावहारिक समस्या सामने आई।

अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं के उपकरण संभालने से काउंटर कर्मचारियों का कार्यभार भी बढ़ा। इसके अलावा, श्रद्धालुओं ने चिंता व्यक्त की थी कि परिवार के सदस्यों से संपर्क टूटने या आपातकालीन स्थिति में वे असहाय महसूस करते हैं।

फोन जमा सुविधा और शुल्क

जो श्रद्धालु अपना फोन बाहर ही छोड़ना पसंद करते हैं, उनके लिए फोन जमा काउंटर पहले की तरह उपलब्ध रहेंगे। वोरैयूर और तिरुवनाइकोइल मंदिरों में यह सेवा प्रति फोन ₹5 शुल्क पर उपलब्ध है, जबकि श्रीरंगम, समयपुरम और रॉकफोर्ट मंदिरों में यह सेवा निःशुल्क है।

नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संशोधित व्यवस्था से फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग पर लगी रोक नहीं हटती। सुरक्षाकर्मी और मंदिर कर्मचारी इन नियमों के पालन की सक्रिय निगरानी करेंगे। उल्लंघन पर जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।

विभाग का मानना है कि पूजा-अर्चना के पवित्र वातावरण की रक्षा और श्रद्धालुओं की व्यावहारिक ज़रूरतों के बीच यह संशोधन एक संतुलित रास्ता है। आने वाले दिनों में इन नियमों के क्रियान्वयन पर मंदिर प्रशासन की पैनी नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आपातकालीन सम्पर्क का ज़रिया भी है। असली सवाल यह है कि क्या 'बंद फोन' की शर्त व्यवहार में लागू हो पाएगी — जब फोन जेब में हो, तो निगरानी मुश्किल है। फोटोग्राफी प्रतिबंध को लेकर सबसे बड़ी चुनौती तकनीकी है: सुरक्षाकर्मी भीड़ में यह कैसे सुनिश्चित करेंगे कि कोई चुपके से तस्वीर नहीं ले रहा। यदि क्रियान्वयन ढीला रहा, तो यह ढील मूल प्रतिबंध के उद्देश्य को ही कमज़ोर कर सकती है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु के मंदिरों में मोबाइल फोन संबंधी नया नियम क्या है?
HR&CE विभाग ने संशोधित नियम जारी किए हैं जिनके अनुसार श्रद्धालु मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जा सकते हैं, लेकिन उसे पूरी तरह बंद रखना अनिवार्य है। मंदिर के अंदर फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग पर प्रतिबंध पहले की तरह बरकरार है।
यह बदलाव किस तारीख से लागू हुआ और किन मंदिरों पर लागू है?
यह संशोधन 1 सितंबर 2026 को लागू किए गए पूर्ण प्रतिबंध की समीक्षा के बाद किया गया है और तिरुची जिले के पाँच प्रमुख मंदिरों — श्रीरंगम, समयपुरम, तिरुवनाइकोइल, वोरैयूर और रॉकफोर्ट — पर लागू होता है।
फोन जमा करने का शुल्क कितना है?
वोरैयूर और तिरुवनाइकोइल मंदिरों में फोन जमा करने पर ₹5 प्रति फोन शुल्क लिया जाता है। श्रीरंगम, समयपुरम और रॉकफोर्ट मंदिरों में यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क है।
नियम तोड़ने पर क्या होगा?
अधिकारियों के अनुसार, मंदिर परिसर में फोटोग्राफी या वीडियो रिकॉर्डिंग करने वाले किसी भी व्यक्ति पर जुर्माना लगाया जाएगा। सुरक्षाकर्मी और मंदिर कर्मचारी संशोधित नियमों के पालन की सक्रिय निगरानी करेंगे।
प्रतिबंध में ढील क्यों दी गई?
श्रद्धालुओं ने आपत्ति जताई थी कि फोन जमा काउंटरों पर व्यस्त समय में लंबी देरी होती थी और फोन न रहने पर आपात स्थिति में परिवार से संपर्क नहीं हो पाता था। इन व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए HR&CE विभाग ने नियमों में संशोधन किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले