तमिलनाडु के 8,193 मंदिरों में गैर-वंशानुगत ट्रस्टियों की नियुक्ति, 20 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार ने हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) विभाग के अधीन संचालित 8,193 मंदिरों में गैर-वंशानुगत ट्रस्टियों की नियुक्ति के लिए राज्यभर के पात्र उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। 20 अगस्त 2026 की शाम 5:45 बजे तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। यह कदम उन मंदिरों के प्रशासन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है जहाँ वंशानुगत ट्रस्टी उपलब्ध नहीं हैं।
कानूनी आधार और विभागीय अधिकार
HR&CE विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इन नियुक्तियों को तमिलनाडु हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम की धारा 49(1) के तहत किया जाएगा। यह धारा सरकार को विभाग-प्रबंधित मंदिरों के लिए ट्रस्टी बोर्ड के गठन का अधिकार प्रदान करती है। मंदिरों की विस्तृत सूची, पात्रता शर्तें और निर्धारित आवेदन प्रारूप HR&CE विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किए जा चुके हैं।
आवेदन प्रक्रिया
इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं अथवा वेबसाइट से निर्धारित आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। भरे हुए आवेदन पत्र को आवश्यक दस्तावेजों सहित संबंधित जिले में HR&CE विभाग के सहायक आयुक्त के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जमा किया जा सकता है या स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा जा सकता है। विभाग ने आवेदकों से अपील की है कि वे सभी दिशा-निर्देश ध्यानपूर्वक पढ़ें और सुनिश्चित करें कि समस्त आवश्यक दस्तावेज अंतिम तिथि से पूर्व संबंधित कार्यालय तक पहुँच जाएं।
चरणबद्ध नियुक्ति प्रक्रिया
यह अधिसूचना राज्य सरकार की उस व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसके तहत HR&CE विभाग के अधीन मंदिरों में गैर-वंशानुगत ट्रस्टियों के पद चरणबद्ध रूप से भरे जा रहे हैं। विभाग के अनुसार, पहले चरण में 1,012 मंदिरों के लिए अधिसूचनाएं पहले ही जारी की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, नियुक्ति प्रक्रिया की निगरानी और पात्र उम्मीदवारों के चयन को सुगम बनाने के लिए 14 जिलों में जिला स्तरीय समितियों का गठन भी किया जा चुका है।
प्रशासनिक सुधार का उद्देश्य
अधिकारियों के अनुसार, इस चरणबद्ध नियुक्ति प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मंदिरों के प्रशासन में सुधार, प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि और धार्मिक संस्थानों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि ट्रस्टियों की नियुक्ति से संबंधित सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का राज्यभर में एकसमान पालन हो। पूरी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद तमिलनाडु के हजारों मंदिरों को संगठित प्रशासनिक सहयोग मिलने की उम्मीद है।