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एआईएडीएमके नेता सेल्लुर के. राजू का CM विजय पर हमला: 'तानाशाह बन गए हैं मुख्यमंत्री'

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एआईएडीएमके नेता सेल्लुर के. राजू का CM विजय पर हमला: 'तानाशाह बन गए हैं मुख्यमंत्री'

सारांश

एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता सेल्लुर के. राजू ने मदुरै में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय पर 'तानाशाह' का तमगा लगाया — सरकारी कर्मचारियों की आवाज़ दबाने, कावेरी पर नाकामी और 'रील राजनीति' को लेकर। छह महीने की सत्ता में टीवीके सरकार पर शासन विफलता के आरोप अब विपक्ष का मुख्य हथियार बन रहे हैं।

मुख्य बातें

एआईएडीएमके नेता सेल्लुर के.
राजू ने मदुरै में CM जोसेफ विजय पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाया।
सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर सरकार विरोधी राय रखने से रोकने वाले सर्कुलर पर एआईएडीएमके ने तीखा ऐतराज जताया।
राजू ने कावेरी जल विवाद में विजय सरकार की नाकामी और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को भी मुद्दा बनाया।
टीवीके सरकार के छह महीने पूरे होने पर राजू ने कहा कि कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं हुआ।
राजू ने चेतावनी दी कि 'रील राजनीति' पर निर्भर सरकार को जनता जल्द करारा सबक सिखाएगी।

एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु के पूर्व मंत्री सेल्लुर के. राजू ने मदुरै में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय पर तीखा हमला बोला और उन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। राजू ने सरकारी कर्मचारियों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पाबंदी, कावेरी जल विवाद में नाकामी, कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और बाढ़-जलभराव जैसे मुद्दों को लेकर टीवीके सरकार को घेरा।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर विवाद

एआईएडीएमके नेता ने सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया और सार्वजनिक सभाओं में सरकार के विरुद्ध राय रखने से रोकने वाले सर्कुलर पर कड़ा ऐतराज जताया। सेल्लुर के. राजू ने सवाल किया, 'क्या मुख्यमंत्री विजय एक तानाशाह बन गए हैं जो लोगों से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता छीनना चाहते हैं?' उन्होंने कहा कि यह कदम लोकतांत्रिक मूल्यों के सर्वथा विपरीत है।

टीवीके सरकार पर शासन विफलता का आरोप

राजू ने आरोप लगाया कि सत्ता में आए छह महीने बीत जाने के बाद भी टीवीके सरकार ने कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं किया है। उन्होंने कहा, 'यह एक लोकतांत्रिक देश है। लेकिन टीवीके सरकार, जो एक अस्थायी चुनावी जीत के ज़रिए सत्ता में आई है, अब एक ऐसी सरकार बन गई है जिसे कुछ नहीं पता।' उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री विजय को द्रविड़ पार्टियों के शासनकाल में हासिल की गई उपलब्धियों को आगे बढ़ाना चाहिए था।

कावेरी जल और 'रील' राजनीति पर निशाना

एआईएडीएमके नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय कावेरी का पानी दिलाने में भी नाकाम रहे हैं। राजू के अनुसार, 'एक ऐसा मुख्यमंत्री जिसे कुछ नहीं पता, वह बस 'रील' बनाने वाले मुख्यमंत्री और हीरो का किरदार निभाने वाले एक फिल्मी अभिनेता की तरह लाइमलाइट में बने रहना चाहता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि रोडशो और रील्स के सहारे न सरकार चलती है, न पार्टी।

जनता की चेतावनी

राजू ने कहा कि लोग टीवीके सरकार को तभी स्वीकार करेंगे जब वह वास्तविक सुशासन देगी। उन्होंने आगाह किया, 'अगर उन्हें लगता है कि वे सिर्फ रील्स के सहारे सरकार और पार्टी दोनों चला सकते हैं, तो जनता जल्द ही इस सरकार को करारा सबक सिखाएगी।' गौरतलब है कि समाज के विभिन्न वर्गों के साथ-साथ सरकारी कर्मचारी भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

मरुथु पांडियार पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि

यह बयान मदुरै के स्कॉट रोड पर मरुथु पांडियार भाइयों की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया गया। सेल्लुर के. राजू ने मूर्तियों पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस अवसर पर एआईएडीएमके पार्टी को और मज़बूत बनाने तथा विकास की दिशा में आगे ले जाने का संकल्प लिया गया। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर जब विपक्ष पहले से कावेरी और जलभराव जैसे ठोस मुद्दों पर हमलावर है। असली सवाल यह है कि क्या विजय सरकार लोकप्रियता की राजनीति से शासन की राजनीति की ओर समय रहते बदलाव कर पाएगी — क्योंकि तमिलनाडु की जनता ने पहले भी ऐसी सरकारों को नकारा है जो वादे और प्रदर्शन के बीच की खाई नहीं पाट सकीं।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआईएडीएमके नेता सेल्लुर के. राजू ने CM जोसेफ विजय पर क्या आरोप लगाए?
सेल्लुर के. राजू ने CM जोसेफ विजय पर तानाशाही रवैया अपनाने, सरकारी कर्मचारियों की अभिव्यक्ति की आज़ादी छीनने, कावेरी जल दिलाने में नाकाम रहने और प्रभावी शासन देने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने यह बयान मदुरै में मरुथु पांडियार पुण्यतिथि कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में दिया।
तमिलनाडु में सरकारी कर्मचारियों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर विवाद क्यों है?
तमिलनाडु सरकार ने एक सर्कुलर जारी किया जिसमें सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया और सार्वजनिक सभाओं में सरकार के विरुद्ध राय रखने से रोका गया है। एआईएडीएमके ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए इसे वापस लेने की माँग की है।
टीवीके सरकार पर कावेरी जल विवाद में क्या आरोप लगे हैं?
सेल्लुर के. राजू के अनुसार, CM जोसेफ विजय की सरकार कावेरी नदी का उचित जल हिस्सा तमिलनाडु को दिलाने में नाकाम रही है। राजू ने इसे सरकार की शासन विफलता का प्रमुख उदाहरण बताया।
'रील राजनीति' से सेल्लुर राजू का क्या आशय है?
राजू ने आरोप लगाया कि CM विजय रोडशो और सोशल मीडिया रील्स के ज़रिए लोकप्रियता बनाए रखने में ज़्यादा रुचि रखते हैं, बजाय वास्तविक प्रशासनिक कार्य के। उन्होंने कहा कि 'रील राजनीति' से न सरकार चलती है, न पार्टी।
एआईएडीएमके ने यह बयान किस अवसर पर दिया?
यह बयान मदुरै के स्कॉट रोड पर मरुथु पांडियार भाइयों की पुण्यतिथि के अवसर पर दिया गया, जहाँ सेल्लुर के. राजू ने उनकी मूर्तियों पर पुष्पांजलि अर्पित की और उसके बाद पत्रकारों से बात की।
राष्ट्र प्रेस
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