11 अगस्त 2026
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तमिलनाडु विधानसभा में पन्नीरसेल्वम बनाम सेंगोट्टैयान: गठबंधन बदलने पर तीखी जुबानी जंग

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तमिलनाडु विधानसभा में पन्नीरसेल्वम बनाम सेंगोट्टैयान: गठबंधन बदलने पर तीखी जुबानी जंग

सारांश

तमिलनाडु विधानसभा में चुनावी वादों पर शुरू हुई बहस जल्द ही पार्टी-परिवर्तन के व्यक्तिगत आरोपों में बदल गई। पन्नीरसेल्वम और सेंगोट्टैयान दोनों ने एक-दूसरे के गठबंधन बदलने को निशाना बनाया — यह तमिलनाडु की नई राजनीतिक पुनर्संरचना की उथल-पुथल का सजीव दृश्य था।

मुख्य बातें

तमिलनाडु विधानसभा में 11 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री ओ.
पन्नीरसेल्वम और सदन के नेता केए सेंगोट्टैयान के बीच तीखी बहस हुई।
पन्नीरसेल्वम ने टीवीके सरकार पर महिलाओं की मासिक वित्तीय सहायता और छह मुफ्त एलपीजी सिलेंडर के वादे पूरे न करने का आरोप लगाया।
सेंगोट्टैयान ने कहा कि सरकार के पास पाँच साल का कार्यकाल है और वादे पूरे करने का समय है।
दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के पार्टी-परिवर्तन — AIADMK से DMK और TVK में जाने — को लेकर व्यक्तिगत टकराव किया।
स्कूल शिक्षा मंत्री ए.
राजमोहन ने जयललिता की तस्वीर वाले प्रसंग से बहस को और तीखा किया।

तमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार, 11 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम और सदन के नेता केए सेंगोट्टैयान के बीच तीखी नोकझोंक हुई। टीवीके सरकार के चुनावी वादों पर शुरू हुई बहस जल्द ही राजनीतिक निष्ठा बदलने के आरोप-प्रत्यारोप में तब्दील हो गई, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के पार्टी-परिवर्तन को निशाना बनाया।

बहस की शुरुआत: चुनावी वादों पर सवाल

विधानसभा चुनाव से पहले द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) में शामिल हुए पन्नीरसेल्वम ने जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार पर मतदाताओं से किए गए प्रमुख वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के लिए मासिक वित्तीय सहायता में वृद्धि और प्रतिवर्ष छह मुफ्त एलपीजी सिलेंडर वितरण के वादे का उल्लेख किया।

पन्नीरसेल्वम ने कहा कि लोगों ने बड़ी उम्मीदों के साथ बदलाव के लिए वोट दिया था, लेकिन अब वे सरकार के कामकाज से निराश हैं।

सत्ता पक्ष का पलटवार

सदन के नेता केए सेंगोट्टैयान ने आलोचना को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सरकार को पाँच साल के कार्यकाल के लिए चुना गया है और उसके पास वादे पूरे करने के लिए पर्याप्त समय है। उन्होंने पन्नीरसेल्वम के उस पुराने कथन का हवाला दिया कि 'तीन महीने में इतिहास नहीं रचा जा सकता' और उन्हें चुनौती दी कि वे बताएँ कि क्या उन्होंने खुद अपने कार्यकाल में ऐसे नतीजे हासिल किए थे। सेंगोट्टैयान ने यह भी दावा किया कि जनता ने बजट की सराहना की है।

गठबंधन बदलने पर व्यक्तिगत टकराव

बहस तब और तीखी हो गई जब सेंगोट्टैयान ने पन्नीरसेल्वम के DMK में शामिल होने पर तंज कसा और कहा कि राजनीतिक गठबंधन बदलने का मतलब यह नहीं कि नए नेता की 'तारीफों के पुल बाँधे जाएँ।' पन्नीरसेल्वम ने तत्काल पलटवार करते हुए याद दिलाया कि सेंगोट्टैयान ने भी अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) छोड़कर विजय की टीवीके का दामन थामा था।

इसके बाद स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने ध्यान दिलाया कि सेंगोट्टैयान अभी भी अपनी शर्ट की जेब में पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की तस्वीर रखते हैं। उन्होंने इसकी तुलना पन्नीरसेल्वम से करते हुए कहा कि राजनीतिक पाला बदलने के साथ उनकी जेब में रखी तस्वीर भी बदल गई।

पन्नीरसेल्वम का भावनात्मक जवाब

पन्नीरसेल्वम ने कहा कि पेरियार, सीएन अन्नादुरई, एम. करुणानिधि, एमजी रामचंद्रन और जयललिता उनके दिल में बसे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु के अधिकारों के लिए संघर्ष के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए वे पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की तस्वीर भी साथ रखते हैं।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में नई टीवीके सरकार अपने शुरुआती महीनों में जन-अपेक्षाओं के दबाव का सामना कर रही है। गौरतलब है कि विधानसभा में यह बहस केवल नीतिगत मतभेद नहीं, बल्कि तमिलनाडु की बहुदलीय राजनीति में पुनर्गठन की व्यापक प्रक्रिया का प्रतिबिंब है। आने वाले सत्रों में सरकार पर वादों की पूर्ति का दबाव और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे स्वयं भी उसी प्रक्रिया से गुज़रे हैं। असली सवाल यह है कि जब विपक्ष खुद अपनी विश्वसनीयता के संकट में है, तो सरकार को जवाबदेह कौन ठहराएगा? तमिलनाडु की जनता के लिए यह बहस एक संकेत है कि नई सरकार पर वादों का दबाव बढ़ेगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु विधानसभा में 11 अगस्त को क्या हुआ?
11 अगस्त को तमिलनाडु विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम और सदन के नेता केए सेंगोट्टैयान के बीच तीखी बहस हुई। टीवीके सरकार के चुनावी वादों पर शुरू हुई चर्चा जल्द ही राजनीतिक गठबंधन बदलने के व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई।
पन्नीरसेल्वम ने टीवीके सरकार पर क्या आरोप लगाए?
पन्नीरसेल्वम ने आरोप लगाया कि टीवीके सरकार महिलाओं के लिए मासिक वित्तीय सहायता में वृद्धि और प्रतिवर्ष छह मुफ्त एलपीजी सिलेंडर वितरण के वादे पूरे करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि जनता बदलाव की उम्मीद में वोट देकर अब निराश है।
सेंगोट्टैयान ने आलोचना का जवाब कैसे दिया?
सेंगोट्टैयान ने कहा कि सरकार को पाँच साल के लिए चुना गया है और वादे पूरे करने का पर्याप्त समय है। उन्होंने पन्नीरसेल्वम के अपने कार्यकाल के रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए और बजट को जनता द्वारा सराहा गया बताया।
जयललिता की तस्वीर वाला विवाद क्या था?
स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने बताया कि सेंगोट्टैयान अभी भी अपनी जेब में जयललिता की तस्वीर रखते हैं, जबकि पन्नीरसेल्वम की जेब की तस्वीर उनके राजनीतिक बदलाव के साथ बदल गई। इस टिप्पणी ने बहस को और व्यक्तिगत बना दिया।
पन्नीरसेल्वम ने अपनी राजनीतिक निष्ठा पर क्या कहा?
पन्नीरसेल्वम ने कहा कि पेरियार, अन्नादुरई, करुणानिधि, एमजी रामचंद्रन और जयललिता उनके दिल में बसे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु के अधिकारों के लिए संघर्ष के प्रति आभार जताने के लिए वे एमके स्टालिन की तस्वीर भी साथ रखते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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