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वैशाली को ₹10 लाख की सहायता: तमिलनाडु खेल मंत्री आधव अर्जुन ने नेहरू स्टेडियम में सौंपा चेक

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वैशाली को ₹10 लाख की सहायता: तमिलनाडु खेल मंत्री आधव अर्जुन ने नेहरू स्टेडियम में सौंपा चेक

सारांश

तमिलनाडु सरकार की 'एलीट योजना' के तहत खेल मंत्री आधव अर्जुन ने शतरंज खिलाड़ी वैशाली को ₹10 लाख की सहायता दी। राज्य तीन योजनाओं — CDS, MIMS और एलीट — के ज़रिए खिलाड़ियों को ₹4 लाख से ₹30 लाख तक सालाना मदद देता है।

मुख्य बातें

खेल मंत्री आधव अर्जुन ने 27 मई 2026 को नेहरू इंडोर स्टेडियम, चेन्नई में शतरंज खिलाड़ी वैशाली को ₹10 लाख का चेक सौंपा।
यह सहायता 'एलीट योजना' के तहत दी गई, जिसमें पात्र एथलीट प्रति वर्ष ₹30 लाख तक पाने के हकदार हैं।
चैंपियंस डेवलपमेंट स्कीम (CDS) में 20 वर्ष से कम आयु के राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेताओं को ₹4 लाख प्रति वर्ष तक की सहायता मिलती है।
MIMS के तहत अंतरराष्ट्रीय पदक दावेदारों को ₹12 लाख प्रति वर्ष तक की वित्तीय मदद दी जाती है।
कार्यक्रम में आईएएस सज्जन सिंह आर.
मेघनाथ रेड्डी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

तमिलनाडु के लोक निर्माण एवं खेल मंत्री आधव अर्जुन ने 27 मई 2026 को चेन्नई के नेहरू इंडोर स्टेडियम में राज्य की शतरंज खिलाड़ी वैशाली को अंतरराष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंटों में भाग लेने हेतु ₹10 लाख की वित्तीय सहायता का चेक सौंपा। यह राशि राज्य सरकार की प्रतिष्ठित 'एलीट योजना' के अंतर्गत प्रदान की गई, जो ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक की संभावना रखने वाले खिलाड़ियों को लक्षित सहायता देती है।

मुख्य घटनाक्रम

खेल मंत्री आधव अर्जुन ने इस अवसर पर कहा कि तमिलनाडु के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आवश्यकता-आधारित सहायता उपलब्ध करा रही है। शतरंज खिलाड़ी वैशाली को यह सहायता उनकी अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा की तैयारी को मज़बूत करने के लिए दी गई है।

तमिलनाडु की खेल सहायता योजनाएँ

राज्य सरकार तीन प्रमुख योजनाओं के तहत खिलाड़ियों को वित्तीय सहयोग देती है। चैंपियंस डेवलपमेंट स्कीम (CDS) के अंतर्गत 20 वर्ष से कम आयु के राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेताओं को प्रति वर्ष ₹4 लाख तक की सहायता दी जाती है, जिसमें खेल परिधान, उपकरण, विदेशी प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी का खर्च शामिल है।

'मेडल इंसेंटिव फॉर इंटरनेशनल मीट्स स्कीम' (MIMS) के तहत अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक की क्षमता रखने वाले एथलीटों को प्रति वर्ष ₹12 लाख तक की सहायता मिलती है — खेल उपकरण, विदेशी प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के लिए। वहीं, सर्वोच्च स्तर की 'एलीट योजना' के अंतर्गत ओलंपिक और अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पदक की दावेदारी रखने वाले एथलीटों को प्रति वर्ष ₹30 लाख तक की आवश्यकता-आधारित सहायता दी जा सकती है।

आम खिलाड़ियों पर असर

गौरतलब है कि यह सहायता केवल वैशाली तक सीमित नहीं है — राज्य के उन सभी खिलाड़ियों को, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन की आकांक्षा रखते हैं, तत्काल वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह नीति तमिलनाडु को खेल प्रतिभा के पोषण में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी

इस समारोह में युवा कल्याण एवं खेल विकास विभाग के सचिव आईएएस सज्जन सिंह आर. चव्हाण, तमिलनाडु खेल विकास प्राधिकरण के सदस्य सचिव आईएएस जे. मेघनाथ रेड्डी, जिला राजस्व अधिकारी आर. सुमन, महाप्रबंधक एल. सुजाता सहित अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी उपस्थित रहे।

क्या होगा आगे

राज्य सरकार की इन योजनाओं के विस्तार के साथ तमिलनाडु के शतरंज और अन्य खेलों में उभरती प्रतिभाओं को और अधिक संस्थागत समर्थन मिलने की उम्मीद है। वैशाली की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में यह वित्तीय सहायता उनकी तैयारी को नई गति देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

MIMS और एलीट योजना — देश के अन्य राज्यों की तुलना में अधिक व्यवस्थित दिखती है, लेकिन असली सवाल यह है कि इन योजनाओं का लाभ कितने खिलाड़ियों तक वास्तव में पहुँच रहा है। वैशाली जैसे स्थापित नामों को सहायता मिलना स्वागतयोग्य है, पर ज़मीनी स्तर की उभरती प्रतिभाओं तक पहुँच सुनिश्चित करना ही इन योजनाओं की असली कसौटी होगी। शतरंज में तमिलनाडु की परंपरागत श्रेष्ठता को देखते हुए यह निवेश तार्किक है, किंतु पारदर्शी चयन प्रक्रिया और परिणाम-आधारित समीक्षा के बिना ये योजनाएँ केवल प्रतीकात्मक बनकर रह सकती हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैशाली को तमिलनाडु सरकार से ₹10 लाख की सहायता क्यों मिली?
यह सहायता तमिलनाडु सरकार की 'एलीट योजना' के तहत अंतरराष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंटों में भाग लेने के लिए दी गई है। एलीट योजना उन एथलीटों को लक्षित करती है जिनमें ओलंपिक और बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पदक जीतने की क्षमता होती है।
तमिलनाडु की 'एलीट योजना' क्या है और इसमें कितनी राशि मिलती है?
'एलीट योजना' तमिलनाडु सरकार की उच्चतम स्तरीय खेल सहायता योजना है, जिसके तहत पात्र एथलीट प्रति वर्ष ₹30 लाख तक की आवश्यकता-आधारित वित्तीय सहायता पाने के हकदार हैं। यह सहायता खेल उपकरण, विदेशी प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए दी जाती है।
तमिलनाडु की चैंपियंस डेवलपमेंट स्कीम (CDS) किसके लिए है?
CDS 20 वर्ष से कम आयु के राष्ट्रीय स्तर के स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए है, जिन्हें प्रति वर्ष ₹4 लाख तक की सहायता मिलती है। इसमें खेल परिधान, उपकरण, विदेशी प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के खर्च शामिल हैं।
MIMS योजना क्या है और इससे कौन लाभान्वित होता है?
'मेडल इंसेंटिव फॉर इंटरनेशनल मीट्स स्कीम' (MIMS) उन एथलीटों के लिए है जिनमें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने की क्षमता है। इस योजना के तहत प्रति वर्ष ₹12 लाख तक की सहायता दी जाती है।
यह चेक सौंपने का कार्यक्रम कहाँ और कब हुआ?
यह कार्यक्रम 27 मई 2026 को चेन्नई के नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित हुआ। इसमें खेल मंत्री आधव अर्जुन के अलावा युवा कल्याण एवं खेल विकास विभाग के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और तमिलनाडु खेल विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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