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तमिलनाडु सरकार ने शतरंज खिलाड़ी वैशाली को दिए ₹10 लाख, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए मिली मदद

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तमिलनाडु सरकार ने शतरंज खिलाड़ी वैशाली को दिए ₹10 लाख, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए मिली मदद

सारांश

तमिलनाडु सरकार ने शतरंज खिलाड़ी वैशाली को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए ₹10 लाख की सहायता दी है। 'एलीट स्कीम' के तहत यह कदम राज्य की उस व्यापक खेल नीति का हिस्सा है जो CDS, MIMS और एलीट स्कीम के ज़रिए खिलाड़ियों को ₹4 लाख से ₹30 लाख तक सहायता देती है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु सरकार ने 27 मई को शतरंज खिलाड़ी वैशाली को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए ₹10 लाख की सहायता राशि का चेक सौंपा।
सहायता 'एलीट स्कीम' के तहत दी गई, जिसमें पात्र खिलाड़ियों को प्रतिवर्ष ₹30 लाख तक मिल सकते हैं।
'चैंपियंस डेवलपमेंट स्कीम' (CDS) के तहत 20 वर्ष से कम आयु के राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेताओं को ₹4 लाख प्रतिवर्ष तक सहायता मिलती है।
'मेडल इंसेंटिव फॉर इंटरनेशनल मीट्स स्कीम' (MIMS) के तहत अंतरराष्ट्रीय पदक दावेदारों को ₹12 लाख प्रतिवर्ष तक सहायता उपलब्ध है।
कार्यक्रम नेहरू इंडोर स्टेडियम, चेन्नई में आयोजित हुआ; खेल मंत्री आधव अर्जुन ने चेक सौंपा।

तमिलनाडु सरकार ने राज्य की प्रतिभाशाली शतरंज खिलाड़ी वैशाली को अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए ₹10 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की है। 27 मई को चेन्नई के नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में लोक निर्माण एवं खेल मंत्री आधव अर्जुन ने वैशाली को यह सहायता राशि का चेक सौंपा।

मुख्य घटनाक्रम

मंत्री आधव अर्जुन ने कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि तमिलनाडु के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय और वैश्विक स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उनकी आवश्यकता के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है, ताकि वे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।

सरकार की खेल सहायता योजनाएँ

मंत्री ने तमिलनाडु सरकार की तीन प्रमुख खेल सहायता योजनाओं का विवरण दिया। 'चैंपियंस डेवलपमेंट स्कीम' (CDS) के तहत 20 वर्ष से कम आयु के राष्ट्रीय स्तर के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को प्रतिवर्ष अधिकतम ₹4 लाख तक की सहायता दी जाती है। यह राशि खेल पोशाक, उपकरण, विदेशी प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए उपयोग की जा सकती है।

'मेडल इंसेंटिव फॉर इंटरनेशनल मीट्स स्कीम' (MIMS) के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने की क्षमता रखने वाले खिलाड़ियों को प्रतिवर्ष ₹12 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसमें खेल उपकरण, विदेशी प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के खर्च शामिल हैं।

तीसरी और सबसे बड़ी 'एलीट स्कीम' के तहत ओलंपिक और अन्य शीर्ष अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने की क्षमता रखने वाले खिलाड़ियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार प्रतिवर्ष ₹30 लाख तक की सहायता मिल सकती है। वैशाली को इसी 'एलीट स्कीम' के तहत ₹10 लाख की सहायता दी गई है।

आम खिलाड़ियों पर असर

मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ी वित्तीय बाधाओं के बिना अंतरराष्ट्रीय और विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी कर सकें।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी

इस अवसर पर युवा कल्याण और खेल विकास विभाग के सचिव सज्जन सिंह आर. चव्हाण, खेल विकास प्राधिकरण के सदस्य सचिव जे. मेघनाथ रेड्डी, जिला राजस्व अधिकारी आर. सुमन और महाप्रबंधक एल. सुजाता सहित कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी उपस्थित रहे।

क्या होगा आगे

तमिलनाडु सरकार की इन योजनाओं से राज्य के खेल परिदृश्य को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। वैशाली जैसी प्रतिभाओं को मिलने वाली यह सहायता आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय शतरंज मंच पर तमिलनाडु की उपस्थिति को और मज़बूत कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 'एलीट स्कीम' के लाभार्थियों का चयन किस पारदर्शी मानदंड पर होता है और परिणामों की निगरानी कैसे की जाती है। राज्य में CDS, MIMS और एलीट स्कीम जैसी तीन समानांतर योजनाएँ चलाना प्रशासनिक दक्षता पर सवाल उठाता है — क्या इन्हें एकीकृत करने से वितरण अधिक प्रभावी नहीं होता? वैशाली जैसी प्रतिभाओं को समय पर मदद मिलना ज़रूरी है, पर खेल बजट के वास्तविक उपयोग और पदक परिणामों का सार्वजनिक लेखा-जोखा भी उतना ही ज़रूरी है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु सरकार ने वैशाली को ₹10 लाख की सहायता क्यों दी?
यह सहायता वैशाली को अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए दी गई है। यह राशि तमिलनाडु सरकार की 'एलीट स्कीम' के तहत प्रदान की गई, जो ओलंपिक और अन्य शीर्ष अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने की क्षमता रखने वाले खिलाड़ियों को दी जाती है।
तमिलनाडु की 'एलीट स्कीम' क्या है और इसमें कितनी सहायता मिलती है?
'एलीट स्कीम' तमिलनाडु सरकार की एक खेल सहायता योजना है जो ओलंपिक और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने की क्षमता रखने वाले खिलाड़ियों के लिए है। इसके तहत प्रत्येक पात्र खिलाड़ी को उनकी आवश्यकता के अनुसार प्रतिवर्ष ₹30 लाख तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
तमिलनाडु में खिलाड़ियों के लिए कौन-कौन सी सरकारी योजनाएँ हैं?
तमिलनाडु सरकार तीन प्रमुख खेल सहायता योजनाएँ चलाती है — 'चैंपियंस डेवलपमेंट स्कीम' (CDS) जो 20 वर्ष से कम आयु के राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेताओं को ₹4 लाख प्रतिवर्ष तक देती है; 'मेडल इंसेंटिव फॉर इंटरनेशनल मीट्स स्कीम' (MIMS) जो अंतरराष्ट्रीय पदक दावेदारों को ₹12 लाख प्रतिवर्ष तक देती है; और 'एलीट स्कीम' जो शीर्ष खिलाड़ियों को ₹30 लाख प्रतिवर्ष तक सहायता देती है।
यह कार्यक्रम कहाँ और कब आयोजित हुआ?
यह कार्यक्रम 27 मई को चेन्नई के नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया गया। लोक निर्माण एवं खेल मंत्री आधव अर्जुन ने इस कार्यक्रम में वैशाली को ₹10 लाख का चेक सौंपा।
इस सहायता राशि का उपयोग किस काम के लिए किया जा सकता है?
सरकारी योजनाओं के तहत दी जाने वाली सहायता राशि का उपयोग खेल पोशाक, उपकरण खरीद, विदेश में प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी के खर्चों के लिए किया जा सकता है। यह राशि खिलाड़ियों को वित्तीय बाधाओं के बिना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयारी करने में सक्षम बनाती है।
राष्ट्र प्रेस
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