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तमिलनाडु को ₹7,500 करोड़ की ग्रामीण रोजगार निधि: तमिलिसाई सुंदरराजन ने PM मोदी का जताया आभार

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तमिलनाडु को ₹7,500 करोड़ की ग्रामीण रोजगार निधि: तमिलिसाई सुंदरराजन ने PM मोदी का जताया आभार

सारांश

तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने तमिलनाडु को ग्रामीण रोजगार योजना के तहत ₹7,500 करोड़ और नदी-नहर सफाई के लिए केंद्रीय फंड मिलने पर PM मोदी का आभार जताया। साथ ही उन्होंने महिला अपराध, भ्रष्टाचार और बिजली घोटाले की जाँच पर तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के लिए ग्रामीण रोजगार योजना के तहत ₹7,500 करोड़ मंजूर किए।
कूवम नदी और बकिंघम नहर की सफाई के लिए केंद्रीय फंड जारी।
तमिलिसाई सुंदरराजन ने सरकारी डॉक्टरों द्वारा ड्यूटी में निजी इलाज न करने की घोषणा का स्वागत किया।
लायनेस टास्क फोर्स के गठन का उल्लेख; महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर सख्त कार्रवाई की माँग।
सीएमडीए में 15 दिनों में 300 से अधिक परमिट और बिजली घोटाले की जाँच सीबीसीआईडी को सौंपने पर पारदर्शिता के सवाल उठाए।

तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने 11 जून को चेन्नई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के लिए ग्रामीण रोजगार योजना के तहत ₹7,500 करोड़ की स्वीकृति दी है, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।

केंद्र की वित्तीय सहायता का ब्यौरा

सुंदरराजन ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से कूवम नदी जैसी नदियों की सफाई के लिए भी फंड जारी किया गया है। इसके अलावा, बकिंघम नहर की सफाई के लिए निधि जारी करना उन्होंने एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके अनुसार, बरसात के मौसम में बकिंघम नहर के उफनने से आसपास के घरों में बाढ़ की स्थिति बन जाती थी, और इस समस्या के समाधान हेतु फंड की माँग लंबे समय से की जा रही थी।

स्वास्थ्य सेवाओं पर सराहना

सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों द्वारा ड्यूटी के दौरान निजी इलाज न करने की घोषणा पर सुंदरराजन ने चिकित्सा मंत्री की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'मैं चिकित्सा मंत्री की इस घोषणा का स्वागत करती हूँ कि तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर ड्यूटी के समय निजी इलाज न करें।' साथ ही उन्होंने अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर चिंता

सुंदरराजन ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि हो रही है और इन पर सख्ती से अंकुश लगाया जाना चाहिए। उन्होंने 'लायनेस टास्क फोर्स' के गठन का उल्लेख करते हुए इसे एक सकारात्मक कदम बताया। गांजा और नशीली दवाओं की लत पर रोक लगाने तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की भी उन्होंने माँग की।

सीएमडीए और बिजली घोटाले पर सवाल

पूर्व राज्यपाल ने बताया कि सीएमडीए में मात्र 15 दिनों में 300 से अधिक परमिट जारी किए गए हैं, जो संदेह उत्पन्न करता है। उन्होंने बिजली क्षेत्र के घोटाले की जाँच एक सप्ताह बाद सीबीसीआईडी को सौंपे जाने पर भी सवाल उठाए और कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि इस फैसले के पीछे कोई छिपा हुआ उद्देश्य था या किसी को बचाने की कोशिश की गई। उन्होंने सरकार से अपील की कि पिछली सरकार की आलोचना में समय गँवाने के बजाय ठोस और सख्त कार्रवाई पर ध्यान दिया जाए।

आगे की राह

सुंदरराजन के इन बयानों से स्पष्ट है कि केंद्र और तमिलनाडु के बीच वित्तीय सहयोग जारी है, लेकिन राज्य में शासन, महिला सुरक्षा और पारदर्शिता के मोर्चे पर अपेक्षाएँ अभी भी पूरी होनी बाकी हैं। आने वाले समय में लायनेस टास्क फोर्स की कार्यप्रणाली और बिजली घोटाले की जाँच के नतीजे इस दिशा में अहम होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 करोड़ की मंजूरी स्वागतयोग्य है, लेकिन असली सवाल यह है कि ये फंड ज़मीन पर कितनी तेज़ी से पहुँचते हैं और रोजगार सृजन के आँकड़े कैसे सत्यापित होंगे। सीएमडीए परमिट और बिजली घोटाले पर उनके सवाल ठोस हैं, परंतु इन्हें राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। महिला सुरक्षा पर 'लायनेस टास्क फोर्स' की घोषणा तब तक अधूरी है जब तक उसके अधिकार, बजट और जवाबदेही का ढाँचा सार्वजनिक न हो।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु को ग्रामीण रोजगार योजना के तहत कितनी राशि मिली है?
केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के लिए ग्रामीण रोजगार योजना के तहत ₹7,500 करोड़ मंजूर किए हैं। तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने 11 जून को इस मंजूरी के लिए PM मोदी का आभार जताया।
बकिंघम नहर सफाई के लिए केंद्र ने फंड क्यों जारी किया?
बकिंघम नहर बरसात के मौसम में उफनकर आसपास के घरों में बाढ़ का कारण बनती थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए केंद्र सरकार ने सफाई हेतु फंड जारी किया है, जिसकी माँग लंबे समय से की जा रही थी।
तमिलिसाई सुंदरराजन ने महिला सुरक्षा पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और इन पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए। उन्होंने 'लायनेस टास्क फोर्स' के गठन का उल्लेख किया और भ्रष्टाचार तथा नशीली दवाओं की लत पर भी कड़ी कार्रवाई की माँग की।
सीएमडीए परमिट और बिजली घोटाले पर उनकी क्या आपत्ति थी?
सुंदरराजन ने कहा कि सीएमडीए में महज 15 दिनों में 300 से अधिक परमिट जारी किए गए, जो संदेहास्पद है। बिजली घोटाले की जाँच एक हफ्ते बाद सीबीसीआईडी को सौंपने पर उन्होंने पारदर्शिता पर सवाल उठाए और कहा कि जनता को बताया जाना चाहिए कि इसके पीछे कोई छिपा उद्देश्य तो नहीं था।
सरकारी डॉक्टरों की ड्यूटी के दौरान निजी इलाज पर क्या निर्णय हुआ?
तमिलनाडु के चिकित्सा मंत्री ने घोषणा की है कि सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर ड्यूटी के समय निजी इलाज नहीं करेंगे। तमिलिसाई सुंदरराजन ने इस घोषणा का स्वागत किया और अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता भी जताई।
राष्ट्र प्रेस
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