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तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी: NDA बोला 'कानून सबके लिए बराबर', विपक्ष ने सरकार को घेरा

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तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी: NDA बोला 'कानून सबके लिए बराबर', विपक्ष ने सरकार को घेरा

सारांश

तेज प्रताप यादव की न्यायिक हिरासत ने बिहार की राजनीति को गर्मा दिया। NDA ने इसे कानून का पालन बताया, तो RJD ने छात्र आंदोलन को कुचलने का आरोप लगाया। प्रह्लाद जोशी की शिक्षा मंत्री के रूप में नियुक्ति ने इस सियासी बहस में एक नया मोड़ जोड़ा।

मुख्य बातें

बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को 26 जुलाई को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
BJP नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि कानून तोड़ने पर किसी को भी छूट नहीं, चाहे वो कोई भी हो।
जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि सैद्धांतिक सहमति के बाद ही कार्रवाई हुई।
RJD सांसद अभय कुशवाहा ने गिरफ्तारी को छात्र आंदोलन दबाने की कोशिश बताया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाया गया।

बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को 26 जुलाई को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने गिरफ्तारी को कानून-सम्मत कार्रवाई बताया, जबकि विपक्ष ने इसे सरकार की शिक्षा नीतियों के खिलाफ उठी आवाज़ को दबाने की कोशिश करार दिया।

NDA नेताओं की प्रतिक्रिया

जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि कानून की धाराओं का उल्लंघन होने पर पुलिस को कार्रवाई का पूरा अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बाद में तय होगा कि सीजेपी के आंदोलनकारियों में तेज प्रताप का नाम शामिल होता है या नहीं। उनके अनुसार, 'सैद्धांतिक सहमति बनी और उसी दिन यह कार्रवाई हुई।' उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सभी को कानून का सम्मान करना चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, 'किसी को भी कानून तोड़ने या कानून अपने हाथ में लेने का हक नहीं है, चाहे वो कोई भी हो। अगर किसी ने कानून तोड़ा है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।' उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर अराजकता, सरकारी संपत्ति को नुकसान और जनप्रतिनिधियों पर हमले को अस्वीकार्य बताया।

तिवारी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने छात्रों की भावनाओं का सम्मान किया और उनकी सभी मांगें पूरी की गईं। उनके अनुसार, छात्रों के नाम पर राजनीतिक एजेंडा चलाने और युवाओं को हिंसक प्रदर्शनों के लिए भड़काने वाले बेनकाब हो गए हैं।

विपक्ष का पलटवार

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद अभय कुशवाहा ने कहा कि यह आंदोलन देशभर के छात्र-छात्राओं का था और किसी के बहकावे में नहीं हुआ। उन्होंने सोनम वांगचुक को छात्रों को जागरूक करने का श्रेय दिया। कुशवाहा ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत शिक्षा नीतियों के खिलाफ यह प्रदर्शन हुआ और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश के युवाओं की जीत है।

नए शिक्षा मंत्री के रूप में प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर अभय कुशवाहा ने कहा कि यह केंद्र सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया

जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर बधाई दी और कहा कि उन्होंने पूर्व में दी गई सभी जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन किया है। उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की पाठ्यक्रम और परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर किए गए कार्यों की सराहना की।

आगे की राह

तेज प्रताप यादव की न्यायिक हिरासत के बाद यह मामला अदालत में जाएगा, जहाँ यह तय होगा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप कितने ठोस हैं। यह घटनाक्रम बिहार की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है, खासकर आगामी चुनावी मौसम के मद्देनज़र।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बिहार में छात्र आंदोलन और सत्ता-विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव का प्रतीक बन गई है। NDA का 'कानून सबके लिए बराबर' वाला तर्क तब कमज़ोर पड़ता है जब सवाल उठता है कि क्या सत्ता पक्ष के समर्थकों पर भी इतनी ही तत्परता से कार्रवाई होती है। विपक्ष का यह दावा कि आंदोलन किसी के बहकावे में नहीं हुआ, शिक्षा नीति की व्यापक असंतुष्टि को रेखांकित करता है — जिसे केवल मंत्री बदलकर शांत नहीं किया जा सकता।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेज प्रताप यादव को न्यायिक हिरासत में क्यों भेजा गया?
तेज प्रताप यादव को 26 जुलाई को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। उनकी गिरफ्तारी सीजेपी के आंदोलन से जुड़े कानून उल्लंघन के आरोपों के संदर्भ में हुई, हालांकि अदालत में यह तय होना बाकी है कि उनका नाम आंदोलनकारियों में शामिल है या नहीं।
NDA नेताओं ने तेज प्रताप की गिरफ्तारी पर क्या कहा?
BJP नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि कानून तोड़ने पर किसी को भी छूट नहीं मिलनी चाहिए। जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि सैद्धांतिक सहमति के बाद ही यह कार्रवाई की गई और सभी को कानून का सम्मान करना चाहिए।
विपक्ष ने तेज प्रताप की गिरफ्तारी को किस नज़रिए से देखा?
RJD सांसद अभय कुशवाहा ने कहा कि यह आंदोलन सरकार की गलत शिक्षा नीतियों के खिलाफ था और किसी के बहकावे में नहीं हुआ। उन्होंने इसे छात्रों की आवाज़ दबाने की कोशिश बताया।
प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर क्या प्रतिक्रिया आई?
जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने प्रह्लाद जोशी को बधाई दी और उनके अनुभव की सराहना की। वहीं RJD सांसद अभय कुशवाहा ने इसे केंद्र सरकार के लिए बड़ी चुनौती बताया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को विपक्ष ने कैसे देखा?
RJD सांसद अभय कुशवाहा ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश के युवाओं की जीत बताया। उन्होंने सोनम वांगचुक को छात्रों को जागरूक करने का श्रेय दिया और कहा कि यह आंदोलन कई प्रदेशों में फैला था।
राष्ट्र प्रेस
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