निशांत कुमार की डिग्री पर तेजस्वी का तंज: 'शिक्षा मंत्री इंजीनियर बना देंगे', ₹7.41 लाख के VIP शौचालय पर भी घेरा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने गुरुवार, 11 जून को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की शैक्षणिक योग्यता को लेकर तीखा व्यंग्य किया। मीडिया से बातचीत में तेजस्वी ने कहा कि उन्हें बिहार के शिक्षा मंत्री पर पूरा भरोसा है कि वे निशांत कुमार को इंजीनियर बना देंगे।
डिग्री विवाद की पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का आरोप है कि जनता दल (यूनाइटेड) के नेता निशांत कुमार को पहले इंजीनियर बताया जाता था, लेकिन विधान परिषद चुनाव के हलफनामे में उन्होंने स्वयं को केवल 12वीं पास घोषित किया है। यह विरोधाभास अब बिहार की राजनीति में एक नई बहस का केंद्र बन गया है। गौरतलब है कि नेताओं की शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद बिहार में नया नहीं है — राज्य में ऐसे मामले पहले भी सुर्खियाँ बटोर चुके हैं।
सम्राट चौधरी पर 'चीप मिनिस्टर' वाला वार
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि सत्तापक्ष के नेता केवल उन्हें और उनके पिता लालू प्रसाद यादव को अपशब्द कहने और स्थानों के नाम बदलने का काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को 'चीप मिनिस्टर' कहा था, जिस पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को आपत्ति हुई। तेजस्वी का तर्क था, 'जो चीप राजनीति करेगा, उसे चीप ही कहा जाएगा।'
उन्होंने सम्राट चौधरी को 'सिलेक्टेड मुख्यमंत्री' करार देते हुए कहा कि वे 'इलेक्टेड' नहीं हैं। तेजस्वी के अनुसार, राज्य में आम जनता परेशान है और सरकार के पास न कोई रोडमैप है, न कोई विजन।
₹7.41 लाख के VIP शौचालय पर RTI का खुलासा
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक शौचालय की तस्वीर साझा करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अररिया जिले के रानीगंज में प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के एक घंटे के कार्यक्रम में महज चंद सेकंड के उपयोग के लिए ₹7.41 लाख की लागत से एक अस्थायी VVIP शौचालय बनाया गया। यह खुलासा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी से हुआ है।
तेजस्वी ने तुलना करते हुए बताया कि सरकार आम आदमी के शौचालय निर्माण के लिए केवल ₹12,000 की राशि निर्धारित करती है, जिसमें से भी कथित तौर पर 20 फीसदी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। उनके अनुसार, ₹7.41 लाख में गरीबों के लिए 37 स्थायी शौचालय बनाए जा सकते थे। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में स्वच्छता और सरकारी खर्च पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
राजनीतिक असर और आगे की राह
विपक्ष के इन हमलों से जदयू और BJP की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार पर दबाव बढ़ सकता है, विशेष रूप से तब जब 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहे हैं। निशांत कुमार की डिग्री और VVIP शौचालय — दोनों मुद्दे विपक्ष को सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाने का मौका दे रहे हैं। सत्तापक्ष की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।