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तेलंगाना: 9 दिसंबर को सरकारी स्कूलों के सेंट्रल किचन का उद्घाटन, छात्रों को मिलेगा पौष्टिक नाश्ता

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तेलंगाना: 9 दिसंबर को सरकारी स्कूलों के सेंट्रल किचन का उद्घाटन, छात्रों को मिलेगा पौष्टिक नाश्ता

सारांश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 9 दिसंबर को राज्यभर के सरकारी स्कूलों में सेंट्रल किचन शुरू करने की घोषणा की है। निजी कंपनियों ने ₹9.17 करोड़ का सहयोग दिया है और सभी किचन हैदराबाद के कंट्रोल सेंटर से जुड़े होंगे।

मुख्य बातें

रेवंत रेड्डी ने 9 दिसंबर 2026 को तेलंगाना के सभी सरकारी स्कूलों में सेंट्रल किचन के उद्घाटन की घोषणा की।
सभी किचन का निर्माण कार्य 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया गया।
जुन्ना सोलर सिस्टम्स ने नगरकुरनूल किचन के लिए ₹5.17 करोड़ और चेन लैब्स इंडिया ने विकाराबाद किचन के लिए ₹4 करोड़ का सहयोग दिया।
सभी किचन को हैदराबाद स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा।
कैलोरी गणना के लिए एक विशेष ऐप विकसित करने और छात्रों का विस्तृत स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक रिकॉर्ड रखने का निर्देश दिया गया।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 2 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि राज्यभर के सरकारी स्कूलों में छात्रों को पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराने के लिए बनाए जा रहे सभी सेंट्रल किचन का उद्घाटन 9 दिसंबर को एक साथ किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य न केवल बच्चों को पोषण देना है, बल्कि स्कूलों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना भी है।

निर्माण की समयसीमा और निगरानी व्यवस्था

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी सेंट्रल किचन का निर्माण कार्य 30 नवंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी किचन को हैदराबाद स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा, ताकि उनका नियमित और केंद्रीकृत निरीक्षण किया जा सके। इसके अतिरिक्त, छात्रों को भी इन किचन का दौरा कराने की व्यवस्था की जाएगी।

निजी कंपनियों का सहयोग और समझौते

हरे कृष्ण फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने जुबली हिल्स स्थित मुख्यमंत्री आवास पर रेवंत रेड्डी से मुलाकात की। इस बैठक में जुन्ना सोलर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड और चेन लैब्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने ब्रेकफास्ट योजना में सहयोग के लिए हरे कृष्ण फाउंडेशन के साथ औपचारिक समझौते किए। दोनों कंपनियों ने क्रमशः नगरकुरनूल और विकाराबाद में आधुनिक सेंट्रलाइज्ड कम्युनिटी किचन की स्थापना में सहयोग किया है।

जुन्ना सोलर सिस्टम्स के सीएमडी शेखर रेड्डी और सीईओ अनिल बाबू ने नगरकुरनूल के किचन के लिए हरे कृष्ण फाउंडेशन को ₹5.17 करोड़ का चेक सौंपा। वहीं, चेन लैब्स इंडिया की प्रतिनिधि सामंथा डे और उपाध्यक्ष बी. संतोष कुमार ने विकाराबाद के किचन के लिए ₹4 करोड़ का चेक दिया।

गुणवत्ता और क्षेत्रीय खानपान पर जोर

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छात्रों को दिया जाने वाला भोजन उच्च गुणवत्ता का होना चाहिए और उसमें स्थानीय खानपान की आदतों का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने नाश्ते में दी जाने वाली खाद्य सामग्री में कैलोरी की मात्रा की गणना के लिए एक समर्पित ऐप विकसित करने का निर्देश भी दिया। इसके अलावा, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी छात्रों का विस्तृत रिकॉर्ड रखने का भी सुझाव दिया गया, जिससे उनके शारीरिक विकास और शैक्षणिक प्रगति की समय-समय पर समीक्षा की जा सके।

योजना का दीर्घकालिक दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस ब्रेकफास्ट योजना को दीर्घकालिक कार्यक्रम बताते हुए कहा कि इसे अत्यंत सावधानी और जिम्मेदारी के साथ लागू किया जाना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब देश के विभिन्न राज्य स्कूली बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए नई-नई पहल कर रहे हैं। गौरतलब है कि नियमित स्कूल उपस्थिति और पोषण के बीच सीधा संबंध कई शैक्षणिक शोधों में सिद्ध किया जा चुका है।

कार्यक्रम में मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, राज्यसभा सदस्य वेम नरेंद्र रेड्डी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एस. श्रीधर और हरे कृष्ण फाउंडेशन के प्रतिनिधि सत्य गौरा चंद्र दास स्वामी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहयोग देने वाली कंपनियों की भी सराहना की।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — खासतौर पर जब राज्य के सुदूर जिलों में समय पर निर्माण और आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करनी हो। कंट्रोल सेंटर से निगरानी और कैलोरी-ट्रैकिंग ऐप की सोच तकनीकी रूप से सराहनीय है, पर यह तब तक कागज पर रहेगी जब तक ग्राउंड-लेवल पर प्रशिक्षित कर्मी और स्थिर इंटरनेट कनेक्टिविटी न हो। निजी कंपनियों से ₹9.17 करोड़ का योगदान प्रोत्साहक है, लेकिन यह पूछा जाना जरूरी है कि राज्यभर के सैकड़ों किचन के संचालन की दीर्घकालिक लागत किस स्रोत से पूरी होगी।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना के सरकारी स्कूलों में सेंट्रल किचन कब शुरू होंगे?
तेलंगाना के सभी सरकारी स्कूलों में सेंट्रल किचन का उद्घाटन 9 दिसंबर 2026 को किया जाएगा। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 30 नवंबर तक सभी निर्माण कार्य पूरे करने का निर्देश दिया है।
तेलंगाना स्कूल ब्रेकफास्ट योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूल के छात्रों को पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराना और उन्हें नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करना है। साथ ही छात्रों के शारीरिक विकास और शैक्षणिक प्रगति की निगरानी भी की जाएगी।
किन कंपनियों ने तेलंगाना की ब्रेकफास्ट योजना में आर्थिक सहयोग दिया है?
जुन्ना सोलर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड ने नगरकुरनूल के किचन के लिए ₹5.17 करोड़ और चेन लैब्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने विकाराबाद के किचन के लिए ₹4 करोड़ का सहयोग हरे कृष्ण फाउंडेशन को दिया है। दोनों कंपनियों ने हरे कृष्ण फाउंडेशन के साथ औपचारिक समझौते भी किए हैं।
सेंट्रल किचन की निगरानी कैसे की जाएगी?
सभी सेंट्रल किचन को हैदराबाद स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा, जिससे केंद्रीकृत और नियमित निगरानी संभव होगी। इसके अलावा नाश्ते में दी जाने वाली खाद्य सामग्री की कैलोरी गणना के लिए एक विशेष ऐप भी विकसित किया जाएगा।
हरे कृष्ण फाउंडेशन की इस योजना में क्या भूमिका है?
हरे कृष्ण फाउंडेशन तेलंगाना सरकार के साथ मिलकर स्कूल ब्रेकफास्ट योजना को लागू करने में सहयोग कर रही है। फाउंडेशन को निजी कंपनियों से मिली राशि का उपयोग नगरकुरनूल और विकाराबाद में आधुनिक सेंट्रलाइज्ड कम्युनिटी किचन स्थापित करने में किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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