तेलंगाना: 9 दिसंबर को सरकारी स्कूलों के सेंट्रल किचन का उद्घाटन, छात्रों को मिलेगा पौष्टिक नाश्ता
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 2 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि राज्यभर के सरकारी स्कूलों में छात्रों को पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराने के लिए बनाए जा रहे सभी सेंट्रल किचन का उद्घाटन 9 दिसंबर को एक साथ किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य न केवल बच्चों को पोषण देना है, बल्कि स्कूलों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना भी है।
निर्माण की समयसीमा और निगरानी व्यवस्था
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी सेंट्रल किचन का निर्माण कार्य 30 नवंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी किचन को हैदराबाद स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा, ताकि उनका नियमित और केंद्रीकृत निरीक्षण किया जा सके। इसके अतिरिक्त, छात्रों को भी इन किचन का दौरा कराने की व्यवस्था की जाएगी।
निजी कंपनियों का सहयोग और समझौते
हरे कृष्ण फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने जुबली हिल्स स्थित मुख्यमंत्री आवास पर रेवंत रेड्डी से मुलाकात की। इस बैठक में जुन्ना सोलर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड और चेन लैब्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने ब्रेकफास्ट योजना में सहयोग के लिए हरे कृष्ण फाउंडेशन के साथ औपचारिक समझौते किए। दोनों कंपनियों ने क्रमशः नगरकुरनूल और विकाराबाद में आधुनिक सेंट्रलाइज्ड कम्युनिटी किचन की स्थापना में सहयोग किया है।
जुन्ना सोलर सिस्टम्स के सीएमडी शेखर रेड्डी और सीईओ अनिल बाबू ने नगरकुरनूल के किचन के लिए हरे कृष्ण फाउंडेशन को ₹5.17 करोड़ का चेक सौंपा। वहीं, चेन लैब्स इंडिया की प्रतिनिधि सामंथा डे और उपाध्यक्ष बी. संतोष कुमार ने विकाराबाद के किचन के लिए ₹4 करोड़ का चेक दिया।
गुणवत्ता और क्षेत्रीय खानपान पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छात्रों को दिया जाने वाला भोजन उच्च गुणवत्ता का होना चाहिए और उसमें स्थानीय खानपान की आदतों का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने नाश्ते में दी जाने वाली खाद्य सामग्री में कैलोरी की मात्रा की गणना के लिए एक समर्पित ऐप विकसित करने का निर्देश भी दिया। इसके अलावा, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी छात्रों का विस्तृत रिकॉर्ड रखने का भी सुझाव दिया गया, जिससे उनके शारीरिक विकास और शैक्षणिक प्रगति की समय-समय पर समीक्षा की जा सके।
योजना का दीर्घकालिक दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस ब्रेकफास्ट योजना को दीर्घकालिक कार्यक्रम बताते हुए कहा कि इसे अत्यंत सावधानी और जिम्मेदारी के साथ लागू किया जाना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब देश के विभिन्न राज्य स्कूली बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए नई-नई पहल कर रहे हैं। गौरतलब है कि नियमित स्कूल उपस्थिति और पोषण के बीच सीधा संबंध कई शैक्षणिक शोधों में सिद्ध किया जा चुका है।
कार्यक्रम में मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, राज्यसभा सदस्य वेम नरेंद्र रेड्डी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एस. श्रीधर और हरे कृष्ण फाउंडेशन के प्रतिनिधि सत्य गौरा चंद्र दास स्वामी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहयोग देने वाली कंपनियों की भी सराहना की।