कामराज ब्रेकफास्ट योजना का विस्तार: तमिलनाडु में 22 सितंबर से कक्षा 6-8 के छात्रों को भी मिलेगा नाश्ता
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार की पेरुन्थलैवर कामराज ब्रेकफास्ट योजना का दायरा बढ़ाया जा रहा है — अब कक्षा 6 से 8 तक के सरकारी स्कूल के छात्र भी इस कल्याणकारी कार्यक्रम के लाभार्थी बनेंगे। विस्तारित योजना का आधिकारिक शुभारंभ 22 सितंबर 2026 को निर्धारित किया गया है। इससे पहले यह उद्घाटन समाज सुधारक पेरियार की जयंती के अवसर पर गुरुवार को होना था, लेकिन मुख्यमंत्री के विदेश दौरे के कारण इसे स्थगित करना पड़ा।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय लंदन में तमिलनाडु के लिए निवेश आकर्षित करने संबंधी बैठकों में व्यस्त हैं। उनके स्वदेश लौटने के बाद 22 सितंबर को वे स्वयं इस विस्तारित योजना का उद्घाटन करेंगे। समाज कल्याण सचिव पल्लवी बलदेव ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर संशोधित तिथि की सूचना दी है और आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
गौरतलब है कि यह योजना चेंगलपट्टू और तिरुप्पुर जिलों को छोड़कर पूरे तमिलनाडु में लागू होगी। इन दोनों जिलों में विधानसभा उपचुनाव के चलते आदर्श आचार संहिता लागू है, इसलिए वहाँ फिलहाल इस योजना का विस्तार नहीं किया जाएगा।
योजना की पृष्ठभूमि
TVK सरकार के सत्ता में आने के बाद पूर्ववर्ती 'मुख्यमंत्री ब्रेकफास्ट योजना' का नाम बदलकर पेरुन्थलैवर कामराज ब्रेकफास्ट योजना कर दिया गया। यह नाम तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के सम्मान में रखा गया है, जिन्होंने राज्य में स्कूली शिक्षा के विस्तार और छात्र कल्याण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। अब तक यह योजना केवल सरकारी प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों तक सीमित थी।
आम जनता पर असर
इस विस्तार से कक्षा 6 से 8 तक के बड़ी संख्या में छात्र — विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के बच्चे — लाभान्वित होंगे। सरकार का तर्क है कि कक्षाएँ शुरू होने से पहले पौष्टिक नाश्ता मिलने से विद्यालयों में उपस्थिति दर में सुधार होगा, भूख की वजह से पढ़ाई में आने वाली बाधाएँ कम होंगी और बच्चों की एकाग्रता बेहतर होगी।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में स्कूल छोड़ने की दर और पोषण की कमी को लेकर चिंताएँ बनी हुई हैं। मध्याह्न भोजन योजना की तर्ज पर सुबह का नाश्ता उपलब्ध कराना, विशेषज्ञों के अनुसार, उपस्थिति और सीखने की क्षमता दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
क्रियान्वयन की तैयारी
अधिकारियों को समाज कल्याण विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, स्थानीय निकायों और स्कूल प्रशासन के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कलेक्टरों से अपेक्षा है कि वे लाभार्थियों की पहचान, खाद्य सामग्री की आपूर्ति, रसोई सुविधाओं, स्वच्छता मानकों और समय पर वितरण की निगरानी करें। 22 सितंबर से पहले सभी स्कूलों को विस्तृत निर्देश भेजे जाएंगे।
क्या होगा आगे
एक बार चेंगलपट्टू और तिरुप्पुर में उपचुनाव समाप्त होने और आदर्श आचार संहिता हटने के बाद, इन जिलों में भी योजना का विस्तार किए जाने की संभावना है। राज्य सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य इस कार्यक्रम को और अधिक कक्षाओं तक ले जाना बताया जा रहा है, हालाँकि इस संदर्भ में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।