17 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तमिलनाडु में कक्षा 6-8 तक नाश्ता योजना का विस्तार, महिला विकास निगम ने एसओपी जारी की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तमिलनाडु में कक्षा 6-8 तक नाश्ता योजना का विस्तार, महिला विकास निगम ने एसओपी जारी की

सारांश

तमिलनाडु ने 'पेरुंथलैवर कामराजर नाश्ता योजना' को कक्षा 6-8 तक बढ़ाते हुए विस्तृत एसओपी जारी किया है। एसएचजी सदस्य सुबह 6 बजे से नाश्ता तैयार करेंगी और 8-9 बजे के बीच परोसेंगी। आपूर्ति, प्रशिक्षण और सोशल ऑडिट के कड़े प्रावधान योजना की जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे।

मुख्य बातें

तमिलनाडु महिला विकास निगम ने 17 अगस्त 2026 को 'पेरुंथलैवर कामराजर नाश्ता योजना' के विस्तार के लिए एसओपी जारी किया।
योजना अब कक्षा 6 से 8 तक के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्रों को कवर करेगी।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के एसएचजी सदस्य नाश्ता तैयार करेंगे — न्यूनतम 3 वर्ष का एसएचजी अनुभव अनिवार्य।
शैक्षणिक योग्यता 10वीं कक्षा (पहाड़ी/आदिवासी क्षेत्रों में 8वीं कक्षा ); इंटरनेट युक्त स्मार्टफोन अनिवार्य।
10 से कम छात्रों वाले स्कूलों को पास के कुकिंग सेंटर से भोजन मिलेगा; वितरण के लिए एसएचजी सदस्यों को ₹1,500 शुल्क।
गुणवत्ता नियंत्रण के लिए दैनिक रजिस्टर, मोबाइल ऐप रिपोर्टिंग, खाद्य नमूना संरक्षण और सोशल ऑडिट अनिवार्य।

तमिलनाडु महिला विकास निगम ने 17 अगस्त 2026 को राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए 'पेरुंथलैवर कामराजर नाश्ता योजना' के विस्तार हेतु एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया है। यह कदम तमिलनाडु सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों के छात्रों को पोषणयुक्त सुबह का नाश्ता उपलब्ध कराया जाता है।

एसएचजी सदस्यों की पात्रता और चयन

एसओपी के अनुसार, नाश्ता तैयार करने और परोसने की ज़िम्मेदारी राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े स्वयं-सहायता समूहों (एसएचजी) के चुने हुए सदस्यों को दी जाएगी। आवेदक के लिए एसएचजी में कम से कम तीन वर्ष का अनुभव अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, उन्हें उसी गाँव या नगर पंचायत में निवास करना होगा जहाँ संबंधित स्कूल स्थित है, और उनके बच्चे भी उसी स्कूल में अध्ययनरत होने चाहिए।

शैक्षणिक योग्यता के मामले में, चयनित सदस्यों की पढ़ाई कम से कम 10वीं कक्षा तक होनी चाहिए। हालाँकि, पहाड़ी, आदिवासी और दूर-दराज़ के क्षेत्रों में यह न्यूनतम योग्यता घटाकर 8वीं कक्षा कर दी गई है। साथ ही, आवेदक के पास इंटरनेट सुविधायुक्त एंड्रॉइड स्मार्टफोन होना और बैंक या फेडरेशन ऋण चुकाने का स्वच्छ रिकॉर्ड होना भी अनिवार्य शर्तें हैं।

प्रशिक्षण और दैनिक संचालन प्रक्रिया

कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व, एसएचजी सदस्यों को खाना पकाने, फूड सेफ्टी, स्वच्छता, रजिस्टर संधारण और मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा प्रस्तुत करने का प्रशिक्षण पूरा करना होगा। यह प्रशिक्षण, तय मेन्यू के अनुसार, कार्य आरंभ होने से कम से कम 15 दिन पहले पूर्ण होना चाहिए।

संचालन के लिहाज़ से, खाना पकाने का काम सुबह 6 बजे शुरू होकर सुबह 8 बजे तक पूरा होना चाहिए। गरमागरम नाश्ता सुबह 8 बजे से 9 बजे के बीच परोसा जाना अनिवार्य है। बर्तन साफ करने के बाद कार्यकर्ताओं को सुबह 9:30 बजे तक स्कूल परिसर छोड़ना होगा।

आपूर्ति श्रृंखला और छोटे स्कूलों के लिए विशेष व्यवस्था

चावल, दाल, खाना पकाने का तेल और नमक स्थानीय स्तर पर नहीं खरीदे जा सकते — इनकी आपूर्ति तमिलनाडु सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के माध्यम से की जाएगी। सब्जियाँ स्थानीय स्तर पर खरीदी जा सकती हैं या स्कूल एवं पंचायत के बगीचों में उगाई जा सकती हैं।

जिन स्कूलों में 10 से कम छात्र हैं, उन्हें निकटवर्ती बड़े कुकिंग सेंटरों से भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे स्कूलों में नाश्ता पहुँचाने वाले एसएचजी सदस्यों को ₹1,500 वितरण शुल्क के रूप में दिए जाएंगे।

जवाबदेही और गुणवत्ता नियंत्रण

एसओपी में गुणवत्ता, स्वच्छता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कठोर प्रावधान किए गए हैं। इनमें प्रतिदिन रजिस्टर संधारण, मोबाइल ऐप के ज़रिए फोटो सहित रिपोर्टिंग, खाद्य नमूनों का संरक्षण, नियमित निरीक्षण, स्वतंत्र मूल्यांकन और सोशल ऑडिट शामिल हैं। यह ढाँचा योजना की पारदर्शिता को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

गौरतलब है कि यह योजना पहले प्राथमिक कक्षाओं तक सीमित थी और अब इसे मध्य विद्यालय स्तर तक विस्तारित किया जा रहा है, जिससे लाखों और विद्यार्थियों को लाभ मिलने की संभावना है। आगामी हफ्तों में इस योजना के क्रियान्वयन की दिशा स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो ग्रामीण महिलाओं को आजीविका और सामाजिक भूमिका दोनों देता है। हालाँकि, सुबह 6 बजे से 9:30 बजे तक की कड़ी समय-सीमा और स्मार्टफोन की अनिवार्यता जैसी शर्तें दूर-दराज़ के क्षेत्रों में व्यावहारिक चुनौतियाँ पैदा कर सकती हैं। असली कसौटी यह होगी कि क्या सोशल ऑडिट और मोबाइल रिपोर्टिंग जैसी जवाबदेही प्रणालियाँ ज़मीन पर उतनी ही प्रभावी साबित होती हैं जितनी कागज़ पर दिखती हैं।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'पेरुंथलैवर कामराजर नाश्ता योजना' का कक्षा 6-8 तक विस्तार क्या है?
तमिलनाडु सरकार ने अपनी मौजूदा स्कूल नाश्ता योजना को अब कक्षा 6 से 8 तक के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों तक विस्तारित किया है। तमिलनाडु महिला विकास निगम ने इसके लिए 17 अगस्त 2026 को एक विस्तृत एसओपी जारी किया है।
नाश्ता तैयार करने के लिए एसएचजी सदस्यों की क्या पात्रता है?
आवेदक को एसएचजी में कम से कम 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए, उसी गाँव या नगर पंचायत में निवास करना होगा, और उनके बच्चे उसी स्कूल में पढ़ते होने चाहिए। शैक्षणिक योग्यता सामान्यतः 10वीं कक्षा है, जबकि पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों में 8वीं कक्षा पर्याप्त है।
नाश्ता परोसने का समय क्या निर्धारित किया गया है?
खाना पकाने का काम सुबह 6 बजे शुरू होकर 8 बजे तक पूरा होना चाहिए। गरमागरम नाश्ता सुबह 8 बजे से 9 बजे के बीच परोसा जाएगा और कार्यकर्ताओं को सुबह 9:30 बजे तक स्कूल परिसर छोड़ना होगा।
10 से कम छात्रों वाले छोटे स्कूलों के लिए क्या व्यवस्था है?
ऐसे स्कूलों को निकटवर्ती बड़े कुकिंग सेंटरों से नाश्ता उपलब्ध कराया जाएगा। नाश्ता पहुँचाने वाले एसएचजी सदस्यों को वितरण शुल्क के रूप में ₹1,500 दिए जाएंगे।
योजना में गुणवत्ता और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
एसओपी में प्रतिदिन रजिस्टर संधारण, मोबाइल ऐप के ज़रिए फोटो सहित रिपोर्टिंग, खाद्य नमूनों का संरक्षण, नियमित निरीक्षण, स्वतंत्र मूल्यांकन और सोशल ऑडिट अनिवार्य किए गए हैं। चावल, दाल, तेल और नमक की आपूर्ति केवल तमिलनाडु सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के माध्यम से होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले