19 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तमिलनाडु CM विजय 22 सितंबर को लॉन्च करेंगे ब्रेकफास्ट स्कीम विस्तार, 15.30 लाख छात्रों को मिलेगा लाभ

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तमिलनाडु CM विजय 22 सितंबर को लॉन्च करेंगे ब्रेकफास्ट स्कीम विस्तार, 15.30 लाख छात्रों को मिलेगा लाभ

सारांश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय 22 सितंबर को चेन्नई में 'पेरुंथलैवर कामराज ब्रेकफास्ट स्कीम' का विस्तार करेंगे — कक्षा 6 से 8 के 15.30 लाख छात्र अब इसके दायरे में। ₹217.63 करोड़ के अतिरिक्त आवंटन के साथ योजना का कुल बजट ₹724 करोड़ तक पहुँचा।

मुख्य बातें

जोसेफ विजय 22 सितंबर 2026 को तिरुवनमियूर, चेन्नई में 'पेरुंथलैवर कामराज ब्रेकफास्ट स्कीम' के विस्तार का शुभारंभ करेंगे।
कक्षा 6, 7 और 8 के 15.30 लाख अतिरिक्त छात्र इस योजना के दायरे में आएंगे।
तमिलनाडु के 15,454 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त मिडिल स्कूल इस योजना से लाभान्वित होंगे।
राज्य सरकार ने चालू वित्त वर्ष में अतिरिक्त ₹217.63 करोड़ आवंटित किए; योजना का कुल बजट ₹724 करोड़ हुआ।
योजना मूल रूप से कक्षा 1–5 के लिए शुरू हुई थी; विस्तार का उद्देश्य ड्रॉपआउट रोकना और पोषण सुनिश्चित करना है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 22 सितंबर 2026 को चेन्नई के तिरुवनमियूर स्थित गांधी ग्रामम सरकारी मिडिल स्कूल में 'पेरुंथलैवर कामराज ब्रेकफास्ट स्कीम' (नाश्ता योजना) के विस्तारित रूप का आधिकारिक शुभारंभ करेंगे। इस विस्तार के अंतर्गत राज्यभर में कक्षा 6, 7 और 8 के लगभग 15.30 लाख अतिरिक्त छात्र इस योजना के दायरे में आ जाएंगे।

योजना का दायरा और आवंटन

इस विस्तार के तहत तमिलनाडु के लगभग 15,454 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त मिडिल स्कूलों के छात्र नाश्ते के पात्र बनेंगे। राज्य सरकार ने चालू वित्त वर्ष में इस कार्यक्रम के लिए अतिरिक्त ₹217.63 करोड़ का आवंटन किया है। इस नए बजट के साथ नाश्ता योजना का कुल मूल्य बढ़कर ₹724 करोड़ हो गया है।

ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन और समाज कल्याण विभाग उद्घाटन समारोह की व्यापक तैयारियों में जुटे हैं। मुख्यमंत्री विजय स्वयं औपचारिक रूप से छात्रों को नाश्ता परोसेंगे और योजना की राज्यव्यापी शुरुआत करेंगे।

योजना की पृष्ठभूमि

यह नाश्ता योजना मूल रूप से सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ने वाले प्राथमिक छात्रों के लिए शुरू की गई थी। इसका मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बच्चे खाली पेट कक्षा में न आएं, जिससे उनकी उपस्थिति, एकाग्रता और समग्र शैक्षणिक भागीदारी में सुधार हो सके।

गौरतलब है कि योजना के उद्घाटन स्थल में बदलाव किए गए — पहले यह विरुधुनगर में होने की उम्मीद थी, फिर पेरंबूर का प्रस्ताव आया, और अंततः मुख्यमंत्री ने तिरुवनमियूर स्थित स्कूल को आधिकारिक स्थल के रूप में पुष्टि की।

सरकार का उद्देश्य और तर्क

मुख्यमंत्री विजय ने योजना विस्तार की घोषणा करते हुए कहा था कि इसमें खासतौर पर गरीब और मध्यम आय वाले परिवारों के कक्षा 6 से 8 के छात्र शामिल होंगे। सरकार का मानना है कि इस विस्तार से स्कूली शिक्षा के महत्वपूर्ण चरण में पोषण संबंधी सहायता मिलेगी और आर्थिक तंगी के कारण छात्रों के ड्रॉपआउट का जोखिम कम होगा।

अधिकारियों के अनुसार इस व्यापक दायरे से कक्षाओं में भूख की समस्या से निपटने और विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के बच्चों के बीच समान शैक्षिक अवसरों को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों को बल मिलेगा। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में मिड-डे मील योजनाओं की प्रासंगिकता पर नए सिरे से चर्चा हो रही है।

अभिभावकों और समुदाय की प्रतिक्रिया

सरकारी स्कूलों के छात्रों के अभिभावकों ने इस विस्तार का स्वागत किया है और इसे बढ़ते घरेलू खर्चों के बीच एक व्यावहारिक राहत के रूप में देखा है। सरकार को उम्मीद है कि इससे परिवारों पर सुबह के समय का आर्थिक बोझ कम होगा और छात्र पौष्टिक भोजन के साथ अपने शैक्षणिक दिन की शुरुआत करेंगे।

आगे क्या

22 सितंबर 2026 के उद्घाटन के बाद यह योजना राज्य के सभी पात्र 15,454 स्कूलों में क्रमशः लागू की जाएगी। राज्य सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि पूरे शैक्षणिक वर्ष के दौरान छात्र नियमित रूप से पौष्टिक नाश्ता प्राप्त कर सकें और सीखने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ₹724 करोड़ के बजट में गुणवत्ता और नियमितता दोनों एक साथ कितने समय तक बनाए रखी जा सकती हैं। 15,454 स्कूलों तक रोज़ पौष्टिक नाश्ता पहुँचाने की लॉजिस्टिक चुनौती को अक्सर लॉन्च इवेंट की चमक में नज़रअंदाज़ किया जाता है। यदि यह योजना वास्तव में ड्रॉपआउट दर कम करती है, तो यह राष्ट्रीय नीति के लिए एक मॉडल बन सकती है — लेकिन इसके लिए पारदर्शी डेटा और स्वतंत्र मूल्यांकन ज़रूरी होगा।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेरुंथलैवर कामराज ब्रेकफास्ट स्कीम क्या है?
यह तमिलनाडु सरकार की एक नाश्ता योजना है, जो सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्रों को मुफ्त पौष्टिक नाश्ता प्रदान करती है। मूल रूप से कक्षा 1–5 के लिए शुरू की गई थी; अब इसे कक्षा 6, 7 और 8 तक विस्तारित किया जा रहा है।
CM विजय इस योजना का विस्तार कब और कहाँ लॉन्च करेंगे?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 22 सितंबर 2026 को चेन्नई के तिरुवनमियूर स्थित गांधी ग्रामम सरकारी मिडिल स्कूल में इस योजना के विस्तार का आधिकारिक शुभारंभ करेंगे।
इस विस्तार से कितने छात्रों को फायदा होगा?
इस विस्तार से तमिलनाडु के लगभग 15,454 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त मिडिल स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 15.30 लाख अतिरिक्त छात्र नाश्ते के पात्र बनेंगे।
इस योजना के लिए कितना बजट आवंटित किया गया है?
राज्य सरकार ने चालू वित्त वर्ष में इस विस्तार के लिए अतिरिक्त ₹217.63 करोड़ आवंटित किए हैं। इस नए आवंटन के साथ नाश्ता योजना का कुल बजट बढ़कर ₹724 करोड़ हो गया है।
इस योजना के विस्तार का उद्देश्य क्या है?
सरकार का उद्देश्य स्कूली शिक्षा के महत्वपूर्ण चरण में पोषण संबंधी सहायता सुनिश्चित करना और आर्थिक कारणों से होने वाले ड्रॉपआउट को कम करना है। खासतौर पर गरीब और मध्यम आय वाले परिवारों के बच्चों को इस योजना से लाभ मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले