तेलंगाना में 1,269 सरकारी स्कूलों में 'नाश्ता योजना' शुरू, 1.44 लाख छात्रों को मिलेगा लाभ
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना सरकार ने 15 जून 2026 को नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन राज्य के 1,269 सरकारी स्कूलों में 'नाश्ता योजना' (ब्रेकफास्ट स्कीम) की शुरुआत की, जिससे प्री-प्राइमरी से लेकर इंटरमीडिएट (कक्षा 11 और 12) तक के 1.44 लाख छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। इस पहल का उद्घाटन हैदराबाद स्थित राजभवन सरकारी हाई स्कूल में किया गया।
योजना का शुभारंभ और उद्घाटन समारोह
परिवहन और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने राजभवन सरकारी हाई स्कूल में नाश्ता योजना का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों के बीच किताबें और नोटबुक भी वितरित कीं। नए सत्र की शुरुआत के साथ स्कूलों में उत्साह का माहौल रहा — अधिकांश छात्र नए कपड़े पहने और बैग लिए हुए उमंग के साथ स्कूल पहुँचे।
योजना का दायरा और अपेक्षित लाभ
अधिकारियों के अनुसार, यह योजना राज्यभर के 1,269 सरकारी स्कूलों में लागू की जाएगी और इसकी घोषणा राज्य के बजट 2026-27 में की गई थी। सरकार का मानना है कि इस पहल से छात्रों के पोषण और स्वास्थ्य में सुधार होगा, विद्यालयों में उपस्थिति और समय की पाबंदी बढ़ेगी, तथा स्कूल छोड़ने वालों और अनुपस्थित रहने वालों की संख्या में कमी आएगी। गौरतलब है कि भारत के कई राज्यों में मध्याह्न भोजन योजना पहले से चल रही है, और तेलंगाना की यह पहल उसे सुबह के नाश्ते तक विस्तारित करती है।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का संदेश
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल लौट रहे छात्रों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा, 'स्कूल सिर्फ पढ़ाई-लिखाई की जगह नहीं है, यह एक ऐसा मंदिर है जो हमारे चरित्र और देश के भविष्य को आकार देता है। हर किताब एक नई दुनिया का दरवाजा है और हर सबक एक नए मौके का रास्ता है।' उन्होंने आगे कहा, 'देश का भविष्य क्लासरूम में ही बनता है। इसीलिए हमने शिक्षा के क्षेत्र को बेहतरीन मानकों के साथ आगे बढ़ाने के लिए कई सुधार किए हैं।'
यातायात और प्रशासनिक व्यवस्था
हैदराबाद, साइबराबाद और मलकजगिरी कमिश्नरेट की ट्रैफिक पुलिस ने स्कूल खुलने के पहले दिन विद्यालयों के आसपास यातायात नियंत्रण के लिए विशेष इंतज़ाम किए। यह व्यवस्था नए सत्र में छात्रों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई।
आगे की राह
यह योजना तेलंगाना सरकार के शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों की कड़ी का हिस्सा है। सरकार के अनुसार, पौष्टिक नाश्ते और दोपहर के भोजन की सुविधा एक साथ उपलब्ध कराने से वंचित तबके के बच्चों की शैक्षणिक भागीदारी में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। आने वाले महीनों में योजना के क्रियान्वयन और उपस्थिति दर पर इसके असर की समीक्षा की जाएगी।