31 जुलाई 2026
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तेलंगाना में 1,269 सरकारी स्कूलों में 'नाश्ता योजना' शुरू, 1.44 लाख छात्रों को मिलेगा लाभ

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तेलंगाना में 1,269 सरकारी स्कूलों में 'नाश्ता योजना' शुरू, 1.44 लाख छात्रों को मिलेगा लाभ

सारांश

तेलंगाना सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन राज्य के 1,269 सरकारी स्कूलों में 'नाश्ता योजना' लागू की। इससे 1.44 लाख छात्रों को सुबह का पौष्टिक नाश्ता मिलेगा — एक कदम जो उपस्थिति बढ़ाने और स्कूल छोड़ने की दर घटाने की दिशा में उठाया गया है।

मुख्य बातें

तेलंगाना सरकार ने 15 जून 2026 को नए शैक्षणिक सत्र के साथ 'नाश्ता योजना' लागू की।
राज्यभर के 1,269 सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से इंटरमीडिएट तक के 1.44 लाख छात्रों को लाभ मिलेगा।
योजना का उद्घाटन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने हैदराबाद के राजभवन सरकारी हाई स्कूल में किया।
इस योजना की घोषणा राज्य बजट 2026-27 में की गई थी।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने छात्रों और शिक्षकों को बधाई देते हुए शिक्षा को देश का भविष्य बताया।
सरकार का लक्ष्य इस पहल से छात्रों की उपस्थिति बढ़ाना और स्कूल छोड़ने की दर में कमी लाना है।

तेलंगाना सरकार ने 15 जून 2026 को नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन राज्य के 1,269 सरकारी स्कूलों में 'नाश्ता योजना' (ब्रेकफास्ट स्कीम) की शुरुआत की, जिससे प्री-प्राइमरी से लेकर इंटरमीडिएट (कक्षा 11 और 12) तक के 1.44 लाख छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। इस पहल का उद्घाटन हैदराबाद स्थित राजभवन सरकारी हाई स्कूल में किया गया।

योजना का शुभारंभ और उद्घाटन समारोह

परिवहन और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने राजभवन सरकारी हाई स्कूल में नाश्ता योजना का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों के बीच किताबें और नोटबुक भी वितरित कीं। नए सत्र की शुरुआत के साथ स्कूलों में उत्साह का माहौल रहा — अधिकांश छात्र नए कपड़े पहने और बैग लिए हुए उमंग के साथ स्कूल पहुँचे।

योजना का दायरा और अपेक्षित लाभ

अधिकारियों के अनुसार, यह योजना राज्यभर के 1,269 सरकारी स्कूलों में लागू की जाएगी और इसकी घोषणा राज्य के बजट 2026-27 में की गई थी। सरकार का मानना है कि इस पहल से छात्रों के पोषण और स्वास्थ्य में सुधार होगा, विद्यालयों में उपस्थिति और समय की पाबंदी बढ़ेगी, तथा स्कूल छोड़ने वालों और अनुपस्थित रहने वालों की संख्या में कमी आएगी। गौरतलब है कि भारत के कई राज्यों में मध्याह्न भोजन योजना पहले से चल रही है, और तेलंगाना की यह पहल उसे सुबह के नाश्ते तक विस्तारित करती है।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का संदेश

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल लौट रहे छात्रों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा, 'स्कूल सिर्फ पढ़ाई-लिखाई की जगह नहीं है, यह एक ऐसा मंदिर है जो हमारे चरित्र और देश के भविष्य को आकार देता है। हर किताब एक नई दुनिया का दरवाजा है और हर सबक एक नए मौके का रास्ता है।' उन्होंने आगे कहा, 'देश का भविष्य क्लासरूम में ही बनता है। इसीलिए हमने शिक्षा के क्षेत्र को बेहतरीन मानकों के साथ आगे बढ़ाने के लिए कई सुधार किए हैं।'

यातायात और प्रशासनिक व्यवस्था

हैदराबाद, साइबराबाद और मलकजगिरी कमिश्नरेट की ट्रैफिक पुलिस ने स्कूल खुलने के पहले दिन विद्यालयों के आसपास यातायात नियंत्रण के लिए विशेष इंतज़ाम किए। यह व्यवस्था नए सत्र में छात्रों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई।

आगे की राह

यह योजना तेलंगाना सरकार के शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों की कड़ी का हिस्सा है। सरकार के अनुसार, पौष्टिक नाश्ते और दोपहर के भोजन की सुविधा एक साथ उपलब्ध कराने से वंचित तबके के बच्चों की शैक्षणिक भागीदारी में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। आने वाले महीनों में योजना के क्रियान्वयन और उपस्थिति दर पर इसके असर की समीक्षा की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज़ के स्कूलों में जहाँ आपूर्ति श्रृंखला और गुणवत्ता नियंत्रण की चुनौतियाँ अधिक हैं। मध्याह्न भोजन योजना के दशकों के अनुभव से पता चलता है कि घोषणाएँ और ज़मीनी वास्तविकता के बीच अक्सर बड़ा अंतर रहता है। 1.44 लाख छात्रों तक पहुँच का दावा तभी सार्थक होगा जब नियमित तृतीय-पक्ष निगरानी और पोषण मानक सुनिश्चित किए जाएँ — जिसका अभी तक कोई स्पष्ट ढाँचा सामने नहीं आया है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना की नाश्ता योजना क्या है?
तेलंगाना सरकार की 'नाश्ता योजना' (ब्रेकफास्ट स्कीम) राज्य के 1,269 सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से इंटरमीडिएट तक के छात्रों को प्रतिदिन सुबह का पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराने की पहल है। इसकी घोषणा राज्य बजट 2026-27 में की गई थी और इसे 15 जून 2026 से लागू किया गया है।
इस योजना से कितने छात्रों को लाभ मिलेगा?
अधिकारियों के अनुसार, इस योजना से राज्यभर के 1,269 सरकारी स्कूलों और इंटरमीडिएट कॉलेजों के 1.44 लाख छात्रों को लाभ मिलेगा। इसमें प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के विद्यार्थी शामिल हैं।
नाश्ता योजना का उद्घाटन किसने और कहाँ किया?
परिवहन और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने 15 जून 2026 को हैदराबाद स्थित राजभवन सरकारी हाई स्कूल में इस योजना का उद्घाटन किया। उन्होंने इस अवसर पर छात्रों को किताबें और नोटबुक भी वितरित कीं।
इस योजना से क्या फायदे होने की उम्मीद है?
सरकार का मानना है कि नाश्ता योजना से छात्रों के पोषण और स्वास्थ्य में सुधार होगा, स्कूलों में उपस्थिति और समय की पाबंदी बढ़ेगी, तथा बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले और अनुपस्थित रहने वाले छात्रों की संख्या में कमी आएगी।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने स्कूल खुलने पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने छात्रों और शिक्षकों को नए शैक्षणिक सत्र की बधाई दी और कहा कि 'स्कूल सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि चरित्र और देश के भविष्य को आकार देने वाला मंदिर है।' उन्होंने छात्रों से उत्साह के साथ पढ़ाई करने और अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश जारी रखने का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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