8 अगस्त 2026
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तमिलनाडु BJP ने थूथुकुडी स्कूल में नाश्ता योजना के तहत बिस्कुट बांटने पर सरकार को घेरा

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तमिलनाडु BJP ने थूथुकुडी स्कूल में नाश्ता योजना के तहत बिस्कुट बांटने पर सरकार को घेरा

सारांश

थूथुकुडी के एक सरकारी स्कूल में नाश्ता योजना के तहत 40 बच्चों को पौष्टिक भोजन की जगह बिस्कुट मिले — और BJP ने इसे TVK सरकार की प्रशासनिक विफलता करार दिया। यह घटना उस योजना पर सवाल खड़े करती है जिसे बच्चों की उपस्थिति और पोषण सुधार का आधार बताया जाता रहा है।

मुख्य बातें

थूथुकुडी जिले के विलाथिकुलम स्थित प्राथमिक विद्यालय में कथित तौर पर 40 छात्रों को नाश्ता योजना के तहत पौष्टिक भोजन की जगह बिस्कुट के पैकेट दिए गए।
तमिलनाडु BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने TVK नेतृत्व वाली राज्य सरकार को इस चूक के लिए जिम्मेदार ठहराया।
नागेंद्रन ने मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय की सरकार पर कल्याणकारी कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
BJP ने 'छात्रों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि' के सरकारी तर्क को अस्वीकार करते हुए पूर्व-नियोजन की माँग की।
BJP अध्यक्ष ने घटना की जाँच और तत्काल सुधारात्मक उपाय करने का आग्रह किया।

तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने 22 जून 2025 को थूथुकुडी जिले के विलाथिकुलम स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में 'सरकारी नाश्ता योजना' के अंतर्गत छात्रों को पौष्टिक भोजन की जगह बिस्कुट के पैकेट दिए जाने की रिपोर्टों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए टीवीके (TVK) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। कथित तौर पर लगभग 40 छात्रों को उस दिन नियमित नाश्ते के स्थान पर बिस्कुट दिए गए, क्योंकि स्कूल योजना के तहत भोजन उपलब्ध कराने में असमर्थ रहा।

मुख्य घटनाक्रम

रिपोर्टों के अनुसार, थूथुकुडी जिले के विलाथिकुलम के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में 'सरकारी नाश्ता योजना' के तहत नियमित भोजन की व्यवस्था न हो पाने के कारण छात्रों को बिस्कुट के पैकेट थमा दिए गए। यह घटना उस कार्यक्रम की विफलता की ओर इशारा करती है जिसे सरकारी स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने और बच्चों में भूख की समस्या दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रचारित किया गया है।

BJP की आलोचना

नागेंद्रन ने एक बयान में कहा कि यह घटना राज्य सरकार की प्रशासनिक लापरवाही का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि नाश्ता योजना मूल रूप से आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के बच्चों को भूखे पेट पढ़ाई करने से बचाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, और ऐसे में बिस्कुट बाँटना इस उद्देश्य का मज़ाक उड़ाना है।

उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि यदि योजना का लाभ उठाने वाले छात्रों की संख्या अचानक बढ़ी, तो यह कोई अप्रत्याशित स्थिति नहीं थी — अधिकारियों को पहले से इसका अनुमान लगाकर पर्याप्त भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी। उनके अनुसार, 'योजना की कमी' को बच्चों के कल्याण में चूक का बहाना नहीं बनाया जा सकता।

सरकार की जवाबदेही पर सवाल

नागेंद्रन ने इस तर्क को सिरे से खारिज किया कि छात्रों की अप्रत्याशित वृद्धि के कारण भोजन की कमी हुई। उनका कहना था कि यह जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की थी कि वे व्यवस्था संबंधी खामियों को पहले ही दूर करते। गौरतलब है कि यह योजना तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर लागू है और इसे शैक्षिक परिणामों में सुधार के एक प्रमुख उपाय के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

माँग और अपील

BJP अध्यक्ष ने राज्य सरकार से घटना की तत्काल जाँच कराने और सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया ताकि तमिलनाडु के किसी भी सरकारी स्कूल में ऐसी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों के पोषण और कल्याण के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।

योजना की पृष्ठभूमि

तमिलनाडु की 'सरकारी नाश्ता योजना' का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले, विशेष रूप से वंचित पृष्ठभूमि के, छात्रों को सुबह पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। इस कार्यक्रम को स्कूलों में उपस्थिति दर बढ़ाने, कक्षा में भूख की समस्या घटाने और सीखने के स्तर को बेहतर बनाने के एक प्रभावी साधन के रूप में व्यापक रूप से प्रचारित किया जाता रहा है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य सरकार इस योजना की सफलता को अपनी उपलब्धियों में गिनाती रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक स्कूल में 40 बच्चों को बिस्कुट थमाना यह दर्शाता है कि आपूर्ति श्रृंखला और निगरानी तंत्र अभी भी कमज़ोर है। राजनीतिक आलोचना स्वाभाविक है, परंतु असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार के पास ऐसी घटनाओं की रियल-टाइम निगरानी और त्वरित सुधार का कोई ढाँचा है — अन्यथा ऐसे 'अपवाद' नियम बन जाते हैं।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

थूथुकुडी स्कूल में नाश्ता योजना के तहत बिस्कुट क्यों बांटे गए?
रिपोर्टों के अनुसार, थूथुकुडी जिले के विलाथिकुलम स्थित प्राथमिक विद्यालय में उस दिन योजना के तहत नियमित नाश्ता उपलब्ध न हो पाने के कारण लगभग 40 छात्रों को बिस्कुट के पैकेट दिए गए। सरकार की ओर से कहा गया कि छात्रों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण भोजन कम पड़ा।
तमिलनाडु BJP ने इस मामले पर क्या कहा?
BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने इसे TVK नेतृत्व वाली राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की बढ़ती संख्या को पहले से देखते हुए पर्याप्त भोजन की व्यवस्था करना अधिकारियों की जिम्मेदारी थी।
तमिलनाडु की सरकारी नाश्ता योजना क्या है?
यह तमिलनाडु सरकार की एक कल्याणकारी पहल है जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में, विशेष रूप से वंचित पृष्ठभूमि के, छात्रों को सुबह पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। इस योजना को स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने और सीखने के स्तर में सुधार के साधन के रूप में प्रचारित किया गया है।
BJP ने सरकार से क्या माँग की है?
नागेंद्रन ने राज्य सरकार से घटना की तत्काल जाँच कराने और सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया है ताकि तमिलनाडु के किसी भी सरकारी स्कूल में ऐसी स्थिति दोबारा न आए।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार पर क्या आरोप लगाए गए?
BJP अध्यक्ष नागेंद्रन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार इस कल्याणकारी कार्यक्रम को भी प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रही है और बच्चों के पोषण के मामले में लापरवाही बरती गई है।
राष्ट्र प्रेस
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