29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तमिलनाडु मिड-डे मील में साप्ताहिक चिकन बिरयानी जोड़ने पर विचार, 40 लाख बच्चों को होगा फायदा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तमिलनाडु मिड-डे मील में साप्ताहिक चिकन बिरयानी जोड़ने पर विचार, 40 लाख बच्चों को होगा फायदा

सारांश

तमिलनाडु सरकार के मिड-डे मील में साप्ताहिक चिकन बिरयानी जोड़ने का प्रस्ताव महज मेन्यू बदलाव नहीं — यह 40 लाख बच्चों के पोषण और स्कूल उपस्थिति को एक साथ साधने की कोशिश है। साथ ही योजना को कक्षा 12 तक विस्तारित करने पर भी विचार चल रहा है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु सरकार मिड-डे मील में सप्ताह में एक बार चिकन बिरयानी शामिल करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।
यह योजना वर्तमान में कक्षा 1 से 10 तक के लगभग 40 लाख बच्चों को लाभान्वित करती है।
मुख्यमंत्री नाश्ता योजना के हालिया विस्तार से लगभग 32 लाख बच्चों को सुबह का नाश्ता मिलेगा।
योजना को कक्षा 11-12 तक बढ़ाने पर विचार; इससे अतिरिक्त 8 लाख छात्र लाभान्वित हो सकते हैं।
अंतिम निर्णय सामाजिक कल्याण एवं महिला सशक्तिकरण विभाग से परामर्श के बाद लिया जाएगा।

तमिलनाडु सरकार राज्य की मिड-डे मील योजना में सप्ताह में एक बार चिकन बिरयानी शामिल करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पोषण स्तर को बेहतर बनाना और छात्रों के लिए स्कूली भोजन को अधिक आकर्षक बनाना है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो देश के सबसे पुराने स्कूल पोषण कार्यक्रमों में से एक में यह एक उल्लेखनीय बदलाव होगा।

प्रस्ताव का विवरण

अधिकारियों के अनुसार, यह प्रस्ताव अभी सरकार के विचाराधीन है और कोई भी अंतिम निर्णय सामाजिक कल्याण एवं महिला सशक्तिकरण विभाग के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा। यही विभाग पूरे राज्य में मिड-डे मील योजना के क्रियान्वयन की देखरेख करता है। प्रस्तावित चिकन बिरयानी मौजूदा मेन्यू में एक प्रोटीन-युक्त विकल्प के रूप में जोड़ी जाएगी, जिससे बच्चों को हफ्ते में कम से कम एक बार संतुलित पोषण मिल सके।

मौजूदा योजना की व्यापकता

तमिलनाडु की दोपहर भोजन योजना वर्तमान में कक्षा 1 से 10 तक के छात्रों को कवर करती है और राज्य के सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 40 लाख बच्चों को इसका लाभ मिलता है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री नाश्ता योजना कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को सुबह का नाश्ता उपलब्ध कराती है और हालिया विस्तार के बाद इससे लगभग 32 लाख बच्चों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

विस्तार की संभावनाएँ

सरकार इस योजना को कक्षा 11 और 12 तक विस्तारित करने के प्रस्तावों पर भी विचार कर रही है। यदि ऐसा होता है, तो लगभग 8 लाख और छात्र इस योजना के दायरे में आ जाएँगे। शिक्षा विशेषज्ञों और स्कूल प्रशासकों का लंबे समय से यह मत रहा है कि उच्च माध्यमिक छात्रों को पोषण सहायता देने से स्कूल उपस्थिति में सुधार होगा, ड्रॉपआउट दर घटेगी और विशेष रूप से कम आय वाले परिवारों के बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन में बेहतरी आएगी।

गुणवत्ता सुधार पर ज़ोर

चिकन बिरयानी के प्रस्ताव के साथ-साथ सरकार मिड-डे मील के तहत परोसे जाने वाले भोजन की समग्र गुणवत्ता सुधारने के सुझावों पर भी विचार कर रही है, जिसमें स्कूलों को आपूर्ति किए जाने वाले चावल की गुणवत्ता भी शामिल है। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर गुणवत्ता का भोजन इस कार्यक्रम की समग्र प्रभावशीलता को और बढ़ा सकता है।

तमिलनाडु का अग्रणी रोल

तमिलनाडु भोजन-आधारित कल्याणकारी कार्यक्रमों को लागू करने में देशभर में अग्रणी राज्य रहा है और इसकी दोपहर भोजन योजना अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल के रूप में काम करती है। यह कार्यक्रम आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों के नामांकन और स्कूल में ठहराव दर को बेहतर बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। यदि चिकन बिरयानी का प्रस्ताव मंजूर होता है, तो यह स्कूली पोषण के प्रति राज्य की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की दिशा में एक और ठोस कदम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है — राज्यभर में 40 लाख बच्चों को साप्ताहिक रूप से ताज़ी चिकन बिरयानी परोसना रसद और गुणवत्ता नियंत्रण की दृष्टि से बड़ी चुनौती है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि यह प्रस्ताव अभी विचाराधीन है और सामाजिक कल्याण विभाग की स्वीकृति के बिना लागू नहीं होगा। साथ ही, जब तक योजना को उच्च माध्यमिक कक्षाओं तक नहीं बढ़ाया जाता, तब तक किशोर उम्र के छात्र — जिन्हें पोषण की सर्वाधिक आवश्यकता है — इस लाभ से वंचित रहेंगे।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु मिड-डे मील में चिकन बिरयानी कब से मिलेगी?
अभी यह प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है और कोई तारीख तय नहीं हुई है। अंतिम निर्णय सामाजिक कल्याण एवं महिला सशक्तिकरण विभाग से परामर्श के बाद लिया जाएगा।
तमिलनाडु मिड-डे मील योजना से कितने बच्चों को फायदा होता है?
वर्तमान में यह योजना कक्षा 1 से 10 तक के लगभग 40 लाख बच्चों को कवर करती है। यदि इसे कक्षा 11-12 तक बढ़ाया जाता है, तो अतिरिक्त 8 लाख छात्र भी लाभान्वित होंगे।
चिकन बिरयानी को मिड-डे मील में क्यों शामिल किया जा रहा है?
प्रस्ताव का उद्देश्य बच्चों को साप्ताहिक रूप से प्रोटीन-युक्त भोजन उपलब्ध कराना और स्कूली खाने को अधिक आकर्षक बनाकर उपस्थिति सुधारना है। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर पोषण से शैक्षणिक प्रदर्शन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
मुख्यमंत्री नाश्ता योजना क्या है और इसका विस्तार कहाँ तक हुआ है?
मुख्यमंत्री नाश्ता योजना कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को सुबह का नाश्ता प्रदान करती है। हालिया विस्तार के बाद इससे लगभग 32 लाख बच्चों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
क्या तमिलनाडु की मिड-डे मील योजना अन्य राज्यों के लिए मॉडल है?
हाँ, तमिलनाडु भोजन-आधारित कल्याण कार्यक्रमों में देश में अग्रणी रहा है और इसकी दोपहर भोजन योजना को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल के रूप में माना जाता है। यह कार्यक्रम आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों के नामांकन और स्कूल में ठहराव दर सुधारने में सहायक रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले