तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से AI और उभरती तकनीक का पाठ्यक्रम, 60 लाख छात्रों को फायदा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए 'इमर्जिंग टेक्नोलॉजी' (उभरती प्रौद्योगिकी) पाठ्यक्रम लागू करने की योजना बनाई है, जिससे स्टेट बोर्ड के तहत पढ़ने वाले 60 लाख से अधिक छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है। 22 जुलाई को चेन्नई की अन्ना सेंटेनरी लाइब्रेरी में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य घटनाक्रम
स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन की अध्यक्षता में 'हाई-लेवल करिकुलम एक्सपर्ट कमिटी' और 'करिकुलम डेवलपमेंट कमिटी' की पहली बैठक मंगलवार को संपन्न हुई। बैठक में यह तय किया गया कि पारंपरिक कंप्यूटर शिक्षा से आगे बढ़कर छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंप्यूटेशनल थिंकिंग, कोडिंग और डिजिटल टूल्स की व्यावहारिक शिक्षा दी जाएगी।
गौरतलब है कि यह पाठ्यक्रम पहले से ही 'तमिलनाडु स्कूल्स प्रोग्राम फॉर AI, रोबोटिक्स एंड नॉलेज ऑफ ऑनलाइन टूल्स' के तहत लगभग 5,000 सरकारी स्कूलों में पायलट आधार पर चलाया जा रहा है। सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद अब इसे सभी सरकारी स्कूलों में विस्तारित करने की तैयारी है।
पाठ्यक्रम की संरचना
प्रस्तावित पाठ्यक्रम को कक्षावार क्रमिक रूप से तैयार किया गया है। कक्षा 6 के छात्र डिजिटल अवेयरनेस से शुरुआत करेंगे, कक्षा 7 में उभरती तकनीकों का बुनियादी परिचय दिया जाएगा, जबकि कक्षा 8 में छात्र प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। कक्षा 9 और 10 का पाठ्यक्रम वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान के लिए तकनीक के उपयोग पर केंद्रित होगा।
उच्च कक्षाओं के छात्रों को जेनरेटिव AI, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) और AI-आधारित टेक्स्ट, इमेज व म्यूजिक जनरेशन जैसी अवधारणाओं से परिचित कराया जाएगा। इसके अलावा GeoGebra, Google Earth, PhET Simulation, Stellarium और LibreOffice जैसे शैक्षिक टूल्स पर भी प्रैक्टिकल अनुभव दिया जाएगा।
पाठ्यपुस्तकें और शिक्षक प्रशिक्षण
स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) ने तमिलनाडु स्पार्क प्रोग्राम के अंतर्गत कक्षा 6 से 8 के लिए द्विभाषी पाठ्यपुस्तकें पहले ही तैयार कर ली हैं। अगले शैक्षणिक वर्ष में कक्षा 9 और 10 के लिए, और उसके बाद के चरण में कक्षा 11 और 12 के लिए पाठ्यपुस्तकें लाने की योजना है।
सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के गणित और विज्ञान शिक्षकों को SCERT द्वारा इस विषय को पढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सरकार की प्रतिक्रिया
स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव बी. चंद्र मोहन ने बताया कि सरकार कक्षा 11 और 12 के लिए उभरती तकनीक के पाठ्यक्रम को एक वैकल्पिक विषय के रूप में पेश करने पर भी विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि विभाग अभी इस कोर्स को लागू करने की कार्यप्रणाली पर काम कर रहा है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत भर में AI-साक्षरता को लेकर नीतिगत बहस तेज हो रही है। तमिलनाडु का यह कदम राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले वंचित और ग्रामीण तबके के छात्रों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का दीर्घकालिक लक्ष्य छात्रों को भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार करना है।
यदि यह योजना समयसीमा के अनुसार लागू होती है, तो तमिलनाडु देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल हो जाएगा जिन्होंने AI शिक्षा को स्कूली पाठ्यक्रम में संस्थागत रूप से शामिल किया है।