तमिलनाडु: CM विजय ने 'पेरुंथलैवर कामराज ब्रेकफास्ट स्कीम' का विस्तार किया, कक्षा 6-8 के 15.30 लाख नए छात्रों को मिलेगा मुफ्त नाश्ता
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 22 सितंबर 2026 को 'पेरुंथलैवर कामराज ब्रेकफास्ट स्कीम' का विस्तार करते हुए राज्यभर के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को मुफ्त सुबह का नाश्ता देने का शुभारंभ किया। इस विस्तार के साथ 15.30 लाख अतिरिक्त छात्र इस योजना से जुड़ेंगे, और कुल लाभार्थियों की संख्या 34.64 लाख तक पहुँच जाएगी।
उद्घाटन कार्यक्रम का विवरण
मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई के थिरुवनमियूर स्थित गांधीग्राम कॉर्पोरेशन मिडिल स्कूल में इस विस्तार कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने छात्रों को पोंगल परोसा और स्वयं भी उनके साथ बैठकर नाश्ता किया। यह प्रतीकात्मक कदम योजना के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
योजना की व्यापकता और बजट
इस विस्तारित कार्यक्रम को लागू करने के लिए राज्य सरकार ने अतिरिक्त ₹217.63 करोड़ का आवंटन किया है। अब 44,984 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्र इस योजना का लाभ उठाएँगे। गौरतलब है कि चेंगलपट्टू जिले के मदुरंतकम निर्वाचन क्षेत्र और तिरुप्पुर जिले के धारापुरम में आगामी विधानसभा उपचुनावों के कारण इसे फिलहाल वहाँ लागू नहीं किया गया है।
योजना का इतिहास और पृष्ठभूमि
यह नाश्ता कार्यक्रम मूल रूप से 2022 में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शुरू किया था। शुरुआत में यह सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए था, जिसे बाद में सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों तक भी विस्तारित किया गया था। उस समय 37,447 स्कूलों के 19.34 लाख छात्र इसका लाभ उठा रहे थे। तमिलनाडु विदुथलाई कळगम (TVK) सरकार के सत्तारूढ़ होने के बाद इस योजना का नाम बदलकर 'पेरुंथलैवर कामराज ब्रेकफास्ट स्कीम' रखा गया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में स्कूली शिक्षा में ड्रॉपआउट दर को कम करने के प्रयास जारी हैं।
साप्ताहिक मेन्यू और गुणवत्ता निर्देश
तय साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार, छात्रों को सोमवार को उपमा, मंगलवार को खिचड़ी, बुधवार को पोंगल, गुरुवार को उपमा और शुक्रवार को मीठा व्यंजन परोसा जाएगा। मुख्यमंत्री विजय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि रसोई और खाने के क्षेत्र का नियमित निरीक्षण हो, स्वच्छता सुनिश्चित की जाए और छात्रों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता व समय पर वितरण पर कड़ी नज़र रखी जाए।
योजना के उद्देश्य और आगे की राह
इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य बच्चों में कुपोषण से लड़ना, स्कूल उपस्थिति बढ़ाना और छात्रों को पढ़ाई बीच में न छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। उल्लेखनीय है कि इस विस्तार कार्यक्रम का शुभारंभ पहले 17 सितंबर को समाज सुधारक पेरियार ई.वी. रामासामी की जयंती पर प्रस्तावित था, लेकिन मुख्यमंत्री विजय के औद्योगिक निवेश के लिए लंदन दौरे के कारण इसे 22 सितंबर तक टाल दिया गया। इस कदम से राज्य के स्कूली शिक्षा तंत्र में दीर्घकालिक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।