तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने अमेरिका में तीन दोस्तों को बचाकर जान देने वाले अनुरूप रेड्डी को दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार, 9 जून को कोडुरु अनुरूप रेड्डी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की — वह युवक जिसने संयुक्त राज्य अमेरिका में अपने तीन मित्रों को डूबने से बचाते हुए अपनी जान गंवा दी। 29 मई को लुइसियाना राज्य के टोरो बायू पार्क में हुई इस दुखद घटना ने पूरे तेलंगाना को गहरे सदमे में डाल दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
हैदराबाद के बाहरी इलाके अब्दुल्लापुरमेट के रहने वाले अनुरूप रेड्डी ने हाल ही में उत्तरी टेक्सास विश्वविद्यालय (UNT) से कंप्यूटर विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी की थी। महज 23 वर्ष की आयु में उनका भविष्य उज्ज्वल था। 29 मई को टोरो बायू पार्क में जब उनके तीन मित्र पानी में डूबने की स्थिति में आ गए, तो अनुरूप ने बिना एक पल की देरी किए पानी में छलांग लगा दी और तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला — लेकिन इस वीरतापूर्ण प्रयास में वे स्वयं नहीं बच सके।
मुख्यमंत्री की संवेदना और प्रशंसा पत्र
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अनुरूप के परिवार को भेजे प्रशंसा पत्र में लिखा, "जब अनुरूप को एक ऐसी गंभीर परिस्थिति का सामना करना पड़ा, जिसमें उसके तीन मित्र डूबने के कगार पर थे, तो उसने जरा भी संकोच नहीं किया। अपनी जान की परवाह किए बिना, वह पानी में कूद गया और अपने मित्रों को सफलतापूर्वक बचा लिया। उसके इस वीरतापूर्ण कार्य ने उनकी जान तो बचा ली, लेकिन यह हमारा सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि नियति के क्रूर प्रवाह ने उसे हमसे छीन लिया।"
उन्होंने इस घटना को हृदयविदारक बताते हुए कहा कि अनुरूप ने मानवीय करुणा और वीरता के उच्चतम मूल्यों को मूर्त रूप दिया है। मुख्यमंत्री ने तेलंगाना सरकार और समस्त जनता की ओर से अनुरूप के माता-पिता, उनके भाई आश्रित रेड्डी और परिवार के अन्य सदस्यों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
सरकार का परिवार के साथ खड़े रहने का आश्वासन
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने कई विधायकों के साथ अनुरूप के घर पहुँचकर उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इस गहरे दुख की घड़ी में परिवार के साथ हर कदम पर खड़ी रहेगी।
अनुरूप की विरासत
रेवंत रेड्डी ने कहा कि अनुरूप ने अपने गृह राज्य तेलंगाना पर गौरव की अमिट छाप छोड़ी है। गौरतलब है कि यह घटना उस समय हुई जब अनुरूप अपनी डिग्री पूरी कर एक नए जीवन की शुरुआत करने की कगार पर थे। उनका यह निस्वार्थ बलिदान युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत बन गया है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से अनुरूप की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।