तेलंगाना: खम्मम में भूदान भूमि पर घरों के ध्वस्तीकरण पर के. कविता का राहुल गांधी को पत्र

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तेलंगाना: खम्मम में भूदान भूमि पर घरों के ध्वस्तीकरण पर के. कविता का राहुल गांधी को पत्र

सारांश

तेलंगाना के खम्मम में भूदान भूमि पर बने घरों के ध्वस्तीकरण ने सियासी हलचल पैदा कर दी है। पूर्व सांसद के. कविता ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का आगाज़ किया है।

Key Takeaways

  • तेलंगाना में भूदान भूमि पर घरों के ध्वस्तीकरण का मुद्दा गंभीर है।
  • पूर्व सांसद के. कविता ने राहुल गांधी से हस्तक्षेप की मांग की।
  • प्रभावित परिवारों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
  • कविता की भूख हड़ताल ने सियासी हलचल को बढ़ाया है।
  • कांग्रेस का चुप रहना सवाल उठाता है।

हैदराबाद, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना के खम्मम जिले में भूदान भूमि पर निर्मित घरों के ध्वस्तीकरण के मुद्दे ने सियासी हलचल को जन्म दिया है। पूर्व सांसद के. कविता ने इस विषय पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को एक पत्र लिखकर हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। साथ ही, उन्होंने प्रभावित परिवारों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है।

के. कविता ने पत्र में उल्लेख किया कि उन्होंने खम्मम के वेलुगुमटला क्षेत्र का दौरा किया, जहाँ घरों को ध्वस्त किया गया है। उन्होंने कहा कि वहां की स्थिति केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह सैकड़ों गरीब परिवारों की जिंदगी को तबाह करने जैसा है।

पत्र में बताया गया है कि इस कार्रवाई में लगभग 600 घरों पर बुलडोजर चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 2,000 लोग एक ही रात में बेघर हो गए। कविता का कहना है कि प्रभावित परिवारों में समाज के सबसे कमजोर वर्ग के लोग शामिल हैं, जो कई वर्षों से इन भूमि पर निवास करते आए थे।

उन्होंने यह भी कहा कि कई निवासियों के पास पूर्व आंध्र प्रदेश भूदान बोर्ड द्वारा जारी पत्ते थे, लेकिन इसके बावजूद उनके दावों की अनदेखी की गई और उनके घरों को मलबे में बदल दिया गया। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त नोटिस नहीं दिया गया, और अचानक बुलडोजर चलाकर उनके घर तोड़ दिए गए, जिससे उनके सामान और वर्षों की जमा पूंजी भी नष्ट हो गई।

के. कविता ने पत्र में लिखा कि आज की स्थिति यह है कि महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर हैं और बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। जो बच्चे स्कूल जाने चाहिए थे, वे अब भोजन और आश्रय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कई परिवार, जिन्होंने वर्षों की मेहनत से छोटे-छोटे घर बनाए थे, अब जीवित रहने के लिए दूसरों की मदद पर निर्भर हो गए हैं।

उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाए। कविता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के अन्य हिस्सों में बुलडोजर राजनीति का विरोध करती रही है और गरीबों के अधिकारों की बात करती है, लेकिन तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार के दौरान सैकड़ों गरीब परिवारों को बेघर कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना की जनता ने कांग्रेस को इस उम्मीद से जनादेश दिया था कि उनके अधिकार और सम्मान की रक्षा होगी, लेकिन अब लोग बिना संवाद और न्याय के गरीब परिवारों को बेघर होते देख रहे हैं।

के. कविता ने राहुल गांधी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है और कहा कि प्रभावित परिवारों को उसी स्थान पर प्लॉट और घर आवंटित कर न्याय दिलाया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना जागृति की संस्थापक होने के नाते, उन्होंने पीड़ित परिवारों के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। उनका कहना है कि जब तक विस्थापित परिवारों को सम्मान और आवास नहीं मिल जाता, तब तक यह विरोध जारी रहेगा।

Point of View

बल्कि यह कई गरीब परिवारों के जीवन पर गहरा असर डाल रहा है। प्रभावित लोगों की आवाज को सुनना और उनके अधिकारों का संरक्षण करना जरूरी है। यह समय है जब सियासी दलों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

खम्मम में घरों को क्यों गिराया गया?
भूदान भूमि पर बने घरों को प्रशासनिक कार्रवाई के तहत गिराया गया।
के. कविता ने किसे पत्र लिखा?
उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखा।
प्रभावित परिवारों को क्या समस्या है?
प्रभावित परिवार एक रात में बेघर हो गए हैं और उन्हें पर्याप्त नोटिस भी नहीं दिया गया।
कविता ने क्या कदम उठाए हैं?
उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया क्या है?
कविता ने कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाया है।
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