12 अक्टूबर 2026
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एनएच-65 विस्तार में तेजी: तेलंगाना मंत्री वेंकट रेड्डी ने एनएचएआई चेयरमैन से की मुलाकात, जनवरी 2027 तक काम शुरू होने का आश्वासन

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एनएच-65 विस्तार में तेजी: तेलंगाना मंत्री वेंकट रेड्डी ने एनएचएआई चेयरमैन से की मुलाकात, जनवरी 2027 तक काम शुरू होने का आश्वासन

सारांश

तेलंगाना के मंत्री वेंकट रेड्डी ने नई दिल्ली में एनएचएआई चेयरमैन से मिलकर एनएच-65 के चार लेन से छह लेन विस्तार की माँग तेज की। एनएचएआई ने 11 नवंबर तक टेंडर और जनवरी 2027 तक निर्माण शुरू करने का आश्वासन दिया — हैदराबाद-विजयवाड़ा गलियारे पर बढ़ते यातायात दबाव के बीच यह घोषणा अहम है।

मुख्य बातें

तेलंगाना के सड़क एवं भवन मंत्री कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एनएचएआई चेयरमैन संतोष कुमार यादव से मुलाकात की।
एनएच-65 (हैदराबाद-विजयवाड़ा-मछलीपट्टनम) को चार लेन से छह लेन में विस्तारित किया जाएगा; साथ में सर्विस रोड और कंट्रोल्ड एक्सेस की सुविधा।
टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 11 नवंबर 2026 ; निर्माण कार्य जनवरी 2027 तक शुरू होने का एनएचएआई का आश्वासन।
मंत्री ने राजमार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताई; परियोजना तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों राज्यों के लिए महत्वपूर्ण।
तेलंगाना सरकार ने परियोजना की समयबद्ध पूर्णता के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय का आश्वासन दिया।

तेलंगाना के सड़क एवं भवन मंत्री कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के चेयरमैन संतोष कुमार यादव से मुलाकात कर हैदराबाद-विजयवाड़ा-मछलीपट्टनम राष्ट्रीय राजमार्ग-65 (एनएच-65) के विस्तार कार्य में तत्काल तेजी लाने की माँग की। बैठक में एनएचएआई सदस्य (परियोजना) विपनेश शर्मा भी उपस्थित रहे। मंत्री के अनुरोध पर एनएचएआई चेयरमैन ने बताया कि परियोजना के लिए टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 11 नवंबर 2026 निर्धारित है और जनवरी 2027 तक निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्री वेंकट रेड्डी ने इस राजमार्ग पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम और बार-बार होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों से यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने और बिना किसी देरी के निर्माण कार्य आरंभ करने का आग्रह किया।

मंत्री ने रेखांकित किया कि हैदराबाद-विजयवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग रोजाना हजारों यात्रियों और वाहन चालकों के लिए एक प्रमुख संपर्क मार्ग है, और यह तेलंगाना तथा आंध्र प्रदेश — दोनों राज्यों के लिए रणनीतिक महत्व रखता है।

परियोजना का विवरण

प्रस्तावित विस्तार कार्य के अंतर्गत मौजूदा चार लेन वाले राजमार्ग को छह लेन में परिवर्तित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त दोनों ओर सर्विस रोड और नियंत्रित प्रवेश (कंट्रोल्ड एक्सेस) जैसी आधुनिक सुविधाएँ विकसित की जाएंगी।

मंत्री ने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी, ट्रैफिक जाम में उल्लेखनीय कमी आएगी और यात्रा का समय भी बचेगा। यह परियोजना सड़क हादसों को रोकने और समग्र सड़क सुरक्षा बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

दोनों राज्यों के लिए महत्व

वेंकट रेड्डी ने कहा कि सड़क विकास केवल यात्रा सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों की जान बचाने, व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने और दोनों तेलुगु राज्यों के बीच परिवहन संपर्क को सुदृढ़ करने से भी जुड़ा है। यह ऐसे समय में आया है जब हैदराबाद-विजयवाड़ा गलियारे पर औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं।

गौरतलब है कि एनएच-65 तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच माल ढुलाई तथा यात्री आवागमन का एक प्रमुख धमनी मार्ग है, और इस पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

राज्य-केंद्र समन्वय

मंत्री ने आश्वासन दिया कि एनएच-65 विस्तार परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के लिए तेलंगाना सरकार केंद्रीय एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखेगी। एनएचएआई द्वारा दी गई जनवरी 2027 की समयसीमा अब इस परियोजना की प्रगति की कसौटी बन गई है।

आने वाले हफ्तों में टेंडर प्रक्रिया के पूरे होने और ठेकेदार के चयन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि निर्माण कार्य वास्तव में तय समय पर शुरू हो पाता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस गलियारे पर अतीत में कई बार घोषणाएँ हुई हैं और निर्माण में देरी एक परिचित पैटर्न रहा है। असली परीक्षा 11 नवंबर की टेंडर प्रक्रिया होगी — यदि यह बिना विवाद और पारदर्शिता के पूरी हुई, तभी जनवरी 2027 की समयसीमा विश्वसनीय लगेगी। दो राज्यों के बीच इस राजमार्ग पर दुर्घटना दर और यातायात घनत्व को देखते हुए, यह परियोजना महज बुनियादी ढाँचा नहीं बल्कि एक सार्वजनिक सुरक्षा अनिवार्यता है — और इसी कसौटी पर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनएच-65 विस्तार परियोजना क्या है?
एनएच-65 (हैदराबाद-विजयवाड़ा-मछलीपट्टनम राष्ट्रीय राजमार्ग) को मौजूदा चार लेन से छह लेन में विस्तारित करने की परियोजना है, जिसमें दोनों ओर सर्विस रोड और नियंत्रित प्रवेश (कंट्रोल्ड एक्सेस) जैसी सुविधाएँ भी शामिल होंगी। यह परियोजना तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच परिवहन संपर्क को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।
एनएच-65 विस्तार का काम कब शुरू होगा?
एनएचएआई चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने बताया कि टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 11 नवंबर 2026 है और जनवरी 2027 तक निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
तेलंगाना मंत्री वेंकट रेड्डी ने एनएचएआई से मुलाकात क्यों की?
तेलंगाना के सड़क एवं भवन मंत्री कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी ने एनएच-65 पर बढ़ते ट्रैफिक जाम और बार-बार होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए विस्तार कार्य में तेजी लाने का आग्रह करने के लिए यह बैठक की। उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य बिना देरी शुरू करने की माँग रखी।
एनएच-65 विस्तार से किन राज्यों को फायदा होगा?
यह परियोजना तेलंगाना और आंध्र प्रदेश — दोनों राज्यों के लिए महत्वपूर्ण है। हैदराबाद-विजयवाड़ा गलियारा रोजाना हजारों यात्रियों और माल वाहनों के लिए प्रमुख मार्ग है, और इसके विस्तार से यात्रा समय में कमी, ट्रैफिक जाम में राहत और दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक संपर्क में सुधार होगा।
एनएच-65 को छह लेन में बदलने से क्या बदलाव होंगे?
छह लेन में विस्तार के बाद वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी और ट्रैफिक जाम कम होगा। दोनों ओर सर्विस रोड और कंट्रोल्ड एक्सेस से सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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