1 अक्टूबर 2026
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इथियोपिया में 'डंकी रूट' पर लापता गुजरात के तीन लोग भारत लौटे, बाबा खान नेटवर्क की जांच शुरू

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इथियोपिया में 'डंकी रूट' पर लापता गुजरात के तीन लोग भारत लौटे, बाबा खान नेटवर्क की जांच शुरू

सारांश

अमेरिका की चाह में 'डंकी रूट' का सहारा लेने वाले मेहसाणा के तीन लोग इथियोपिया में ₹1 करोड़ की फिरौती की जाल में फँसने के बाद भारत लौट आए। यह घटना गुजरात के उन परिवारों की लंबी त्रासदी में एक नया अध्याय है जो मानव तस्करों के नेटवर्क का शिकार बनते आए हैं।

मुख्य बातें

रुत्विक जंसारी , ममता चावड़ा और मयूरी — मेहसाणा, गुजरात के तीन निवासी — 1 अक्टूबर 2026 की तड़के मुंबई एयरपोर्ट पहुँचे और मेहसाणा रवाना हुए।
तीनों ने 20 सितंबर 2026 को यात्रा शुरू की; 22 सितंबर के बाद परिजनों का संपर्क टूट गया था।
अमेरिका पहुँचाने के लिए कथित तौर पर प्रति व्यक्ति करीब ₹75 लाख का सौदा; परिवार के अनुसार ₹70 लाख प्रति व्यक्ति दिए गए।
इथियोपिया में कथित अपहरणकर्ताओं ने ₹1 करोड़ फिरौती माँगी; रुत्विक के दादा के अनुसार ₹60 लाख का भुगतान भी हुआ।
पुलिस 'बाबा खान नेटवर्क' और एजेंटों — अल्पेश पटेल (मेहसाणा) व भार्गव पटेल (वडोदरा) — की भूमिका की जाँच कर रही है।
गुजरात से 'डंकी रूट' पर जाने वाले परिवारों की यह नवीनतम घटना है; 2022, 2023 और 2025 में भी ऐसी त्रासदियाँ हो चुकी हैं।

अमेरिका पहुँचने के लिए कथित अवैध प्रवासी मार्ग (डंकी रूट) का इस्तेमाल करते हुए इथियोपिया में लापता हुए मेहसाणा, गुजरात के तीन निवासी — रुत्विक जंसारी, ममता चावड़ा और मयूरी — 1 अक्टूबर 2026 की तड़के भारत लौट आए। लांघणज पुलिस इंस्पेक्टर अंकुश गेहलोत के अनुसार, तीनों विदेश मंत्रालय और स्थानीय अधिकारियों के समन्वय से मुंबई एयरपोर्ट पहुँचे और उसके बाद अपने गृह जिले मेहसाणा रवाना हो गए।

यात्रा का पूरा घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, तीनों ने 20 सितंबर 2026 को गुजरात से अपनी यात्रा शुरू की थी। वे जयपुर और अबू धाबी होते हुए इथियोपिया पहुँचे थे। 22 सितंबर के बाद परिजनों का उनसे संपर्क पूरी तरह टूट गया था।

इथियोपिया पहुँचने के बाद खुद को 'खान' बताने वाले एक व्यक्ति ने कथित तौर पर परिवार से संपर्क किया और तीनों की रिहाई के बदले ₹1 करोड़ की फिरौती माँगी। रुत्विक के दादा कानुभाई जंसारी ने दावा किया कि बंधक बनाए जाने के बाद ₹60 लाख का भुगतान कर दिया गया, फिर भी ₹1 करोड़ की माँग जारी रही।

एजेंटों का नेटवर्क और 'बाबा खान' की कड़ी

गेहलोत ने बताया कि ममता के परिवार ने शुरुआत में जितुभाई नाम के एक व्यक्ति से संपर्क किया था, जिसने मेहसाणा के एजेंट अल्पेश पटेल से संपर्क कराया। अल्पेश ने इसके बाद उन्हें वडोदरा के भार्गव पटेल से मिलवाया।

पुलिस के मुताबिक, अमेरिका पहुँचाने के लिए कथित तौर पर प्रति व्यक्ति करीब ₹75 लाख में सौदा तय हुआ था। हालाँकि, परिवार के सदस्यों ने पहले मीडिया को बताया था कि उन्होंने एजेंटों को प्रति व्यक्ति करीब ₹70 लाख का भुगतान किया था। गेहलोत के अनुसार, कथित अपहरणकर्ताओं के 'बाबा खान नेटवर्क' से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है और मामले की जाँच जारी है।

परिवारों की गुहार और सरकारी हस्तक्षेप

ममता चावड़ा के पिता किरीट चौहान ने संपर्क टूटने के बाद लांघणज पुलिस से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, ममता के पति चिरागकुमार करीब छह महीने पहले स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका जा चुके थे। ममता ने कथित तौर पर अमेरिका का वीजा हासिल करने के लिए छह बार प्रयास किया था, लेकिन हर बार असफल रहीं। इसके बाद परिवार ने कथित तौर पर अवैध मार्ग से अमेरिका भेजने के लिए बिचौलियों से संपर्क किया। परिवारों की अपील पर विदेश मंत्रालय ने हस्तक्षेप कर तीनों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की।

गुजरात और 'डंकी रूट' की त्रासद पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात के लोगों द्वारा अवैध प्रवासी मार्गों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों की एक लंबी और दर्दनाक शृंखला बन चुकी है। जनवरी 2022 में गांधीनगर जिले के डिंगुचा गाँव का एक परिवार कनाडा से अमेरिका में प्रवेश की कोशिश के दौरान कड़ाके की ठंड में जमकर मर गया था। 2023 में मेहसाणा का एक परिवार इसी तरह की कोशिश के दौरान सेंट लॉरेंस नदी में डूब गया था।

गौरतलब है कि मई 2025 में भी मेहसाणा का एक परिवार उस नाव में सवार था जो मेक्सिको के रास्ते अमेरिका में प्रवेश की कोशिश के दौरान कैलिफोर्निया तट के पास पलट गई थी। यह पाँचवीं या छठी ऐसी घटना है जो दर्शाती है कि मानव तस्करी के नेटवर्क अमेरिका पहुँचने की चाह रखने वाले गुजराती परिवारों को किस तरह निशाना बनाते हैं।

आगे की जाँच

तीनों के सुरक्षित लौटने के बाद पुलिस अब कथित अपहरण, फिरौती की माँग और यात्रा की व्यवस्था करने वाले एजेंटों — अल्पेश पटेल, भार्गव पटेल और अन्य — की भूमिका की गहन जाँच कर रही है। 'बाबा खान नेटवर्क' के अंतरराष्ट्रीय तार और उसके भारतीय एजेंटों से संबंधों की जाँच के नतीजे आने वाले दिनों में सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

2023 की सेंट लॉरेंस नदी की त्रासदी और 2025 का कैलिफोर्निया तट हादसा — ये सब एक ही पैटर्न के अलग-अलग अध्याय हैं। सवाल यह है कि जब इतने मामले सामने आ चुके हैं, तो 'बाबा खान नेटवर्क' जैसे अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन भारत में सक्रिय एजेंटों के ज़रिए बेरोकटोक कैसे चलते रहे। विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप की सराहना ज़रूरी है, लेकिन असली जवाबदेही तब तय होगी जब स्थानीय एजेंट नेटवर्क की जड़ें उखाड़ी जाएँ और उन परिवारों को कानूनी व सुरक्षित प्रवासन के विकल्प सुलभ हों।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इथियोपिया में लापता गुजरात के तीनों लोग कौन थे और वे कब लौटे?
लापता तीनों लोग मेहसाणा जिले के निवासी रुत्विक जंसारी, ममता चावड़ा और मयूरी थे। वे 1 अक्टूबर 2026 की तड़के करीब 3 बजे मुंबई एयरपोर्ट पहुँचे और उसके बाद मेहसाणा रवाना हो गए।
'डंकी रूट' क्या होता है और इसमें क्या खतरे हैं?
'डंकी रूट' अवैध तरीके से अमेरिका पहुँचने का एक कथित मार्ग है, जिसमें कई देशों के रास्ते सीमाएँ पार की जाती हैं। इस मार्ग पर यात्री मानव तस्करों, अपहरण, फिरौती और यहाँ तक कि मौत के खतरे के शिकार हो सकते हैं — जैसा 2022 में डिंगुचा परिवार और 2023 में सेंट लॉरेंस नदी त्रासदी में देखा गया।
'बाबा खान नेटवर्क' क्या है और पुलिस इसकी जाँच क्यों कर रही है?
पुलिस के अनुसार, तीनों के कथित अपहरणकर्ताओं के 'बाबा खान नेटवर्क' से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। इथियोपिया में खुद को 'खान' बताने वाले एक व्यक्ति ने परिवार से ₹1 करोड़ की फिरौती माँगी थी। मामले की जाँच अभी जारी है।
तीनों को अमेरिका भेजने के लिए कितनी राशि दी गई थी और एजेंट कौन थे?
पुलिस के मुताबिक, कथित तौर पर प्रति व्यक्ति करीब ₹75 लाख में सौदा तय हुआ था, जबकि परिवारों ने पहले ₹70 लाख प्रति व्यक्ति देने की बात कही थी। एजेंट शृंखला में जितुभाई, मेहसाणा के अल्पेश पटेल और वडोदरा के भार्गव पटेल शामिल बताए गए हैं।
गुजरात से 'डंकी रूट' पर जाने की कोशिश के पिछले बड़े मामले कौन से हैं?
जनवरी 2022 में गांधीनगर के डिंगुचा गाँव का एक परिवार कनाडा-अमेरिका सीमा पर ठंड से मर गया था। 2023 में मेहसाणा का एक परिवार सेंट लॉरेंस नदी में डूब गया था। मई 2025 में मेहसाणा का एक परिवार मेक्सिको के रास्ते अमेरिका जाने की कोशिश में कैलिफोर्निया तट के पास नाव पलटने की घटना में शामिल था।
राष्ट्र प्रेस
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