28 अक्टूबर 2026
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ईडी की मुंबई और गुजरात में छापेमारी: ड्रग मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 11 ठिकानों पर तलाशी

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ईडी की मुंबई और गुजरात में छापेमारी: ड्रग मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 11 ठिकानों पर तलाशी

सारांश

ईडी ने मुंबई और गुजरात में एक साथ 11 ठिकानों पर छापा मारकर एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की अवैध कमाई के सुराग खंगाले। नवीन चिचकर पर आरोप है कि उन्होंने कोकीन और हाइड्रोपोनिक गांजे की बिक्री से मिली रकम को हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिये देश से बाहर भेजा।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई और गुजरात में 11 ठिकानों पर PMLA के तहत तलाशी अभियान चलाया।
जाँच का केंद्र नवीन गुरुनाथ चिचकर और उनके कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर है, जिन्होंने कोकीन, हाइड्रोपोनिक कैनबिस, LSD की तस्करी से आय अर्जित की।
अवैध धन को हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से USDT और थाई बाहत के रूप में परिवर्तित कर विदेश भेजा गया।
छापेमारी में आपत्तिजनक दस्तावेज़ , डिजिटल उपकरण और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े साक्ष्य बरामद हुए।
यह मामला NCB और नवी मुंबई पुलिस ANC की पूर्व कार्रवाई के बाद ईडी जाँच में आया था।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल ऑफिस-I ने 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई और गुजरात में 11 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई। जाँच के केंद्र में नवीन गुरुनाथ चिचकर और उनके कथित सहयोगियों का एक सुव्यवस्थित नेटवर्क है।

मुख्य घटनाक्रम

ईडी की यह कार्रवाई उस पृष्ठभूमि में हुई, जब इससे पहले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और नवी मुंबई पुलिस के एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने भारी मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाली हाइड्रोपोनिक कैनबिस (गांजा), कोकीन और बड़ी मात्रा में बेहिसाब नकदी जब्त की थी। उसी जब्ती के बाद नवीन चिचकर और अन्य के विरुद्ध PMLA के तहत जाँच आरंभ की गई थी।

कथित तौर पर इस नेटवर्क ने मुख्य रूप से कोकीन, हाइड्रोपोनिक कैनबिस, LSD और कैनबिस-आधारित खाद्य पदार्थों की तस्करी और बिक्री के ज़रिये अवैध आय (अपराध से प्राप्त आय — PoC) अर्जित की। ये नशीले पदार्थ कथित रूप से भारत के बाहर से मँगाए जाते थे।

हवाला और क्रिप्टोकरेंसी का जाल

जाँच में सामने आया है कि नवीन चिचकर ने ड्रग बिक्री से हुई अवैध कमाई का एक बड़ा हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया। अधिकारियों के अनुसार, नशीले पदार्थों की बिक्री से प्राप्त रकम सीधे हवाला ऑपरेटरों के पास जमा होती थी, जो आगे इसे USDT (टेदर) या थाई बाहत के रूप में चिचकर को लौटाते थे।

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जाँच एजेंसियाँ ड्रग मनी को क्रिप्टो और हवाला चैनलों के माध्यम से देश से बाहर भेजने की बढ़ती प्रवृत्ति पर लगाम कसने की कोशिश कर रही हैं। गौरतलब है कि यह मामला ड्रग तस्करी और वित्तीय अपराध के बीच की कड़ी को उजागर करता है।

छापेमारी में क्या मिला

ईडी के अनुसार, 28 अक्टूबर को की गई तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण और ऐसे साक्ष्य बरामद हुए जो ड्रग बिक्री की रकम की मनी लॉन्ड्रिंग को प्रमाणित करते हैं। ये सबूत इस बात की पुष्टि करते हैं कि अवैध धन को हवाला चैनलों और क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिये भारत के बाहर भेजा गया था।

आगे की जाँच

ईडी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में विधिवत कार्रवाई और आगे की जाँच जारी है। बरामद डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जाँच से नेटवर्क के और सदस्यों और धन के प्रवाह की दिशा का पता चलने की संभावना है। यह मामला भारत में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के बीच के गठजोड़ को नई परतें देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि क्रिप्टो-आधारित मामलों में सबूत जुटाना और उन्हें सुनवाई तक बनाए रखना अब तक जाँच एजेंसियों के लिए कठिन रहा है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने मुंबई और गुजरात में किस मामले में छापेमारी की?
ईडी ने PMLA, 2002 के तहत एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यह छापेमारी की। इस मामले में नवीन गुरुनाथ चिचकर और उनके सहयोगियों पर कोकीन, हाइड्रोपोनिक कैनबिस और LSD की बिक्री से अर्जित अवैध धन को विदेश भेजने का आरोप है।
नवीन चिचकर के खिलाफ जाँच कैसे शुरू हुई?
NCB और नवी मुंबई पुलिस के एंटी-नारकोटिक्स सेल ने पहले भारी मात्रा में हाइड्रोपोनिक कैनबिस, कोकीन और बेहिसाब नकदी जब्त की थी। उसी कार्रवाई के आधार पर PMLA के तहत नवीन चिचकर और अन्य के विरुद्ध ईडी जाँच शुरू हुई।
ड्रग की अवैध कमाई को कैसे छिपाया गया?
जाँच के अनुसार, ड्रग बिक्री की रकम सीधे हवाला ऑपरेटरों के पास जमा होती थी, जो बाद में इसे USDT (क्रिप्टोकरेंसी) या थाई बाहत के रूप में लौटाते थे। नवीन चिचकर ने कथित तौर पर इस अवैध रकम का एक हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी में भी निवेश किया।
छापेमारी में क्या बरामद हुआ?
ईडी को तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण और ऐसे साक्ष्य मिले जो ड्रग बिक्री की रकम की मनी लॉन्ड्रिंग को प्रमाणित करते हैं। ये सबूत हवाला चैनलों और क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिये धन को विदेश भेजने की पुष्टि करते हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
ईडी ने स्पष्ट किया है कि आगे की जाँच और विधिवत कार्रवाई जारी है। बरामद डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जाँच से नेटवर्क के अन्य सदस्यों और धन के प्रवाह की पूरी श्रृंखला का खुलासा होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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